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ओमिक्रॉन का यह सब वेरिएंट फेफड़ों के अलावा पेट की आंतों पर भी डालता है असर, जानें क्या हैं इसके 6 लक्षण

ओमिक्रॉन का यह सब वेरिएंट फेफड़ों के अलावा पेट की आंतों पर भी डालता है असर, जानें क्या हैं इसके 6 लक्षण

फाइल फोटो

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Omicron new sub variant: कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट का सब वेरिएंट सामने आया है. जिसके लक्षणों को पहचानकर कर इसकी पुष्टि करना बेहद मुश्किल है. हालांकि आमतौर पर ओमिक्रॉन वेरिएंट के सामान्य लक्षण सर्दी और जुकाम है जिससे व्यक्ति कुछ दिन के अंदर ठीक हो जाता है. लेकिन इस सब वेरिएंट का असर पेट की आंतों पर पड़ता है. 

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नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) के ओमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron Variant) ने महज दो महीने के अंदर दुनियाभर में करोड़ों लोगों को संक्रमित कर दिया. अब इसका सब वेरिएंट सामने आया है. जिसके लक्षणों को पहचानकर कर इसकी पुष्टि करना बेहद मुश्किल है. हालांकि आमतौर पर ओमिक्रॉन वेरिएंट के सामान्य लक्षण सर्दी और जुकाम है जिससे व्यक्ति कुछ दिन के अंदर ठीक हो जाता है. लेकिन इस सब वेरिएंट (Sub Variant) का असर पेट की आंतों पर पड़ता है.

ब्रिटेन स्थित टैब्लॉइड ने ZOE कोविड लक्षण अध्ययन से जुड़े प्रमुख प्रोफेसर के हवाले से कहा, जिन्होंने ओमिक्रॉन के सब वेरिएंट के मामले में आंत में होने वाले लक्षणों को अनुभव करने का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि यह वायरस नाक के बजाय आंत को प्रभावित करता है इसलिए अधिकांश मामलों में श्वसन संबंधी समस्याओं के बजाय पेट की समस्या होती है. इससे भ्रम की स्थिति पैदा होती है और लोग कोविड टेस्ट के लिए नहीं जाते हैं.

आंत को नुकसान पहुंचाता है वायरस

न सिर्फ ओमिक्रॉन के सब वेरिएंट से जुड़े मामलों में बल्कि अन्य वेरिएंट्स के मामले में भी लोगों को आंत से संबंधित समस्याओं का अनुभव हुआ है. हालांकि फर्क सिर्फ इतना है कि इस नए सब-वेरिएंट के साथ यह समस्या मुख्य रूप से है. इसमें आंत से संबंधित 6 आम लक्षण मतली, दस्त, उल्टी, पेट में दर्द, पेट में जलन, सूजन शामिल हैं.

ZOE COVID-19 अध्ययन से जुड़े शोधकर्ता के अनुसार, यह अब पूरी तरह से साबित हो चुका है कि वायरस मुंह या नाक में प्रवेश करता है और श्वसन प्रणाली या फेफड़ों में म्यूटेशन करना शुरू कर देता है. लेकिन कुछ मामलों में यह आंत में पहुंच जाता है और इससे लंबे समय तक COVID-19 का प्रभाव रह सकता है. स्वैब टेस्ट में वायरस का पता नहीं लगाया जा सकता है.

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श्वसन तंत्र को प्रभावित करना है ओमिक्रॉन

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, ओमिक्रॉन वेरिएंट मुख्य रूप से ऊपरी श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है.

इसका मतलब यह भी है कि इस वेरिएंट से संक्रमित होने पर गंध या स्वाद में कमी और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण नहीं दिखेंगे. ओमिक्रॉन के इस सब वेरिएंट के दो शुरुआती लक्षण हैं चक्कर आना और थकान. इसके अलावा बुखार अत्याधिक थकान, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, मांसपेशियों में थकान, तेज धड़कनें चलना शामिल हैं.

हालांकि BA.2 या ओमिक्रॉन का सब वेरिएंट की वायरोलॉजिकल विशेषताएं मूल स्ट्रेन से अलग है. शोधकर्ताओं के अनुसार, इस सब वेरिएंट में लगभग 20 म्यूटेशन हैं जो मूल स्ट्रेन से अलग हैं. इससे यह निर्धारित करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है कि वायरस कैसे प्रतिक्रिया करेगा और यह लोगों को कैसे प्रभावित कर सकता है. इसलिए जरूरी है कि लोग वैक्सीन लगवाएं और सभी COVID मानदंडों का पालन करें जैसे मास्क पहनना, हाथ की स्वच्छता बनाए रखना और भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचना आदि.

Tags: Coronavirus, Omicron

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