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आजादी के 73 साल बाद हिमाचल के इन 3 गांवों में पहुंचेगी बिजली, प्रस्ताव मंजूर

आजादी के 73 साल बाद हिमाचल के इन 3 गांवों में पहुंचेगी बिजली, प्रस्ताव मंजूर

सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल को प्रकृति ने सब कुछ दिया है. अब उसे उभारने की जरूरत है. ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क विश्व धरोहर सूची में शामिल है, जबकि पौंग बांध, रेणुकाजी झील और चन्द्रताल रामसर जैसे गंतव्य राष्ट्रीय तथा अन्तरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं.

सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल को प्रकृति ने सब कुछ दिया है. अब उसे उभारने की जरूरत है. ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क विश्व धरोहर सूची में शामिल है, जबकि पौंग बांध, रेणुकाजी झील और चन्द्रताल रामसर जैसे गंतव्य राष्ट्रीय तथा अन्तरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं.

सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल को प्रकृति ने सब कुछ दिया है. अब उसे उभारने की जरूरत है. ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क विश्व धरोहर सूची में शामिल है, जबकि पौंग बांध, रेणुकाजी झील और चन्द्रताल रामसर जैसे गंतव्य राष्ट्रीय तथा अन्तरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं.

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    शिमला. वन्य जीवों के लिए संरक्षण और उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के लिए वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरीज और ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क (The Great Himalayan National Park) स्थापित किए गए हैं, लेकिन यह सेंक्चुरीज और पार्क कई लोगों के लिए अभिशाप बन गई हैं. आजादी के 73 साल बाद भी कई गांव सड़क और बिजली (Electricity) से महरूम हैं. मामला हिमाचल के कुल्लू जिले से जुड़ा है.

    आजादी के 73 साल बाद सूबे के कई गांव बिजली और सड़क से केवल इसलिए महरूम हैं, क्योंकि वो वाइल्ड सेंक्चुरी और ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के अंतर्गत आते हैं. अब ऐसे गांवों के लिए उम्मीद की नई किरण खिल गई है. शिमला में राज्य वन्य प्राणी जीव बोर्ड की नौवीं बैठक हुई, जिसमें सीएम जयराम ठाकुर, वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर सहित वन्य प्राणी विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे. बैठक में कुल्लू जिला की शक्टी, मरोड़ और शुगाड़ गांव के लिए हाइटेंशन ट्रांसमिशन लाइन बिछाने के लिए प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की. अब अंतिम निर्णय राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड लेगा.

    सोलर के सहारे जिंदगी
    इस गांव में आज भी सोलर लाइट के सहारे जिंदगी जी जा रही है. यह तीनों गांव ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के अधीन हैं और हाइटेंशन ट्रांसमिशन लाइन इसी पार्क से होकर गुजरनी है क्योंकि तीनों गांव पार्क के अंतर्गत आते हैं. इसी तरह कुल्लू जिला की खोखन वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी के तहत 149 लोगों का गांव आज तक सड़क से महरूम है. अब गांव के लिए सड़क पहुंचाने के लिए प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है.

    गांव शिफ्ट करने को कहा था
    बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि बंजार के तीनों गांव के लोगों को सरकार ने ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क से बाहर शिफ्ट करने का प्रस्ताव दिया ,था लेकिन लोग नहीं माने. अब बिजली के साथ-साथ सड़क पहुंचाने के लिए भी प्रयास होंगे.

    यह भी फैसले हुए
    हिमाचल में वन्य प्राणी पर्यटन का बढ़ावा देने का जरिया भी बन सकते हैं. इसके साथ प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में पर्यटकों को पहुंचाने के लिए मार्ग को सुगम बनाने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ाया है. राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक में मंडी जिला के प्रसिद्ध धार्मिक स्थान शिकारीमाता को मोटरेबल सड़क के लिए जमीन डायवर्ट करने को मंजूरी दी. इसी तरह जंजैहली कीओर से मोटरेबल सड़क बनाने के लिए लैंड डायवर्ट करने को अप्रूवल दी गई.

    क्या बोले सीएम जयराम
    सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल को प्रकृति ने सब कुछ दिया है. अब उसे उभारने की जरूरत है. ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क विश्व धरोहर सूची में शामिल है, जबकि पौंग बांध, रेणुकाजी झील और चन्द्रताल रामसर जैसे गंतव्य राष्ट्रीय तथा अन्तरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं. अब इन्हें इको टूरिज्म के लिए विकसित किया जाएगा. गौरतलब है कि राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 15 प्रतिशत हिस्सा संरक्षित क्षेत्र के अधीन आता है. राज्य में पांच राष्ट्रीय पार्क, 25 वन्य जीव अभ्यरण्य और तीन प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र हैं. प्रदेश में ट्रैगोपेन के कैप्टिव प्रजनन भी सफल रहा है. जो विलुप्तप्राय पक्षी की श्रेणी में आ गया था. इसी तरह स्नो लैपर्ड की संख्या हिमाचल में बढ़कर 52 हो गई है. संभावना है कि वास्तविक संख्या 100 के आसपास है.

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