देश के दो बड़े शहरों में हैं सबसे ज़्यादा चीनी नागरिक, अब सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

दिल्ली पुलिस (फाइल फोटो)
दिल्ली पुलिस (फाइल फोटो)

5 हज़ार से अधिक चीनी नागरिक गुड़गांव (Gurgaon) की अलग-अलग बड़ी कंपनियों में हैं. इससे कुछ ही कम कोलकाता (Kolkata) में अपना कारोबार करते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 18, 2020, 11:16 AM IST
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नई दिल्ली. भारत-चीन (India-Chaina) बॉर्डर पर गलवान घाटी की हिंसा में भारतीय सेना (Indian Army) के 20 जवान शहीद हो गए हैं. इसे लेकर देश गुस्से में है. इसी गुस्से के चलते देश में चीनी नागरिक (Chinese citizens) किसी घटना का शिकार न हो जाएं, इस आशंका ने परेशानी बढ़ा दी है. सबसे ज़्यादा 5 हज़ार से अधिक चीनी नागरिक गुड़गांव की अलग-अलग बड़ी कंपनियों में हैं. इससे कुछ ही कम कोलकाता (Kolkata) में अपना कारोबार करते हैं. लॉकडाउन (Lockdown) के चलते फ्लाइट बंद होने और कानूनी कार्रवाई के चलते चीन के तबलीगी जमाती (Tablighi Jamaat) भी देश में ही रुके हुए हैं.

यह बोले गुड़गांव पुलिस के पीआरओ
गुड़गांव पुलिस के पीआरओ सुभाष बोकेन से जब गुड़गांव की कंपनियों में काम कर रहे चीनी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर न्यूज18 हिंदी ने बात की तो उन्होंने बताया, हमारी पुलिस 24 घंटे शहर में लोगों की सुरक्षा करती है. लेकिन खासतौर चीनी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर ऐसा कोई आदेश नहीं आया है. बावजूद इसके हम लगातार निगाह बनाए हुए हैं. सुरक्षा को लेकर हमारे जवान भी अलर्ट हैं.

कोलकाता में अपना कारोबार करते हैं चीनी नागरिक
जानकारों की मानें तो कोलकाता में रहने वाले चीनी नागरिक अपना खुद का कारोबार करते हैं. ज़्यादातर चीनी नागरिक जूते के कारोबार से जुड़े हुए हैं तो कुछ दूसरे कारोबार से जुड़े हैं. चीनी नागरिकों की दुकानें खिदरपुर, धर्मतल्ला, बड़ा बाज़ार और बिल्सुल हॉट में हैं.



जमात में आए चीनी नागरिक भी हैं यहां
निज़ामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज़ में चीनी नागरिक भी आए थे. हाल ही में दिल्ली पुलिस ने दूसरे विदेशी जमातियों संग 7 चीनी जमातियों के खिलाफ दिल्ली की कोर्ट में चॉर्जशीट फाइल की है. इसके अलावा और दूसरे चीनी जमाती भी हैं जिन पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन लॉकडाउन के चलते फ्लाइट बंद होने से वो अपने देश नहीं जा सकते हैं.

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