अनाम चेहरे जो बीजेपी संगठन के लिए कर रहे हैं महत्वपूर्ण काम

अनाम चेहरे जो  बीजेपी संगठन के लिए कर रहे हैं महत्वपूर्ण काम
राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और पीएम मोदी बीजेपी को परिवारवाद से दूर कर रखा है

मात्र 2 सांसदों से पूर्ण बहुमत (Full Majority) तक का बीजेपी (BJP) का सफर देखने में जितना आसान लगता है, उतना है नहीं. इसके पीछे उन बहुत से लोगों का त्याग है जो उन इलाकों में भी काम कर रहे हैं जहां की बोली भाषा भी वे नहीं जानते थे.

  • News18India
  • Last Updated: September 30, 2019, 3:05 PM IST
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दिल्ली. इन दो चेहरों से बीजेपी मुख्यालय (BJP Headquarter) में अनायास ही मुलाकात हो गई. मैं एक बड़े नेता से मिलने के इंतजार में बैठा था और ये दो चेहरे अपना रिपोर्ट कार्ड (Report Card) देने वहां मौजूद थे. अजब संयोग था, इनमें से एक युवा चेहरा था कश्मीर घाटी (Kashmir) के पोंपोर इलाके का रहने वाला और दूसरा बिहार (Bihar) में तीसरी बार बिधायक बना युवा. दोनों बीजेपी युवा मोर्चा (BJYM) के राष्ट्रीय पदाधिकारी हैं. एक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तो दूसरा बिहार बीजेपी युवा मोर्चा का अध्यक्ष. खास बात ये कि बीजेपी आलाकमान ने दोनों को अपने राज्यों से दूर काम करने भेजा है और दोनों एक साल से बखूबी अपनी भूमिका निभा रहे हैं.

घाटी से निकलकर बंगाल में बहाया पसीना
इनमें से एक है इजाज हुसैन. पंपोर जैसे आतंकी इलाके से उठ कर बीजेपी युवा मोर्चा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनना शायद कश्मीर घाटी के लोगों को गवारा न हो रहा हो लेकिन इजाज पिछले एक साल से दूर बंगाल के प्रभारी बनाए जाने के बाद मानों बंगाल के ही हो कर रह गए हैं. न भाषा कि दिक्कत ना ही सुरक्षा को लेकर चिंतित, बस पार्टी के लिए काम करने का जुनून सवार है. पूछा तो पता चला कि हिज्बुल मुजाहिदीन ने मारने की धमकी दे रखी है. इजाज बताते हैं कि इसके पहले वो त्रिपुरा चुनावों को दौरान 2 महीने वहां भी बिता चुके हैं. पार्टी के भरोसे का आलम ये है कि कश्मीर इलाके में पार्टी की कई सफल जनसभाओं के पीछे इनका भी हाथ रहा है. और आलाकमान को भरोसा है की ये कश्मीर घाटी के आने वाले भविष्य भी हैं.

Youth leaders of Bjp
प. बंगाल में पार्टी का काम देखने वाले कश्मीर के इजाज हुसैन और सिक्किम में संगठन के काम में लगे बिहार के विधायक नितिन नवीन

अहिंदी भाषी इलाकों में गाड़ा झंडा


दूसरा चेहरा है नीतिन नवीन का. लगातार तीसरी बार से पटना में विधायक हैं और साथ ही बिहार युवा मोर्चा के अध्यक्ष भी. बीजेपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर की टीम में भी रहे और कश्मीर तक चली तिरंगा यात्रा को मुकाम तक पहुंचाने में अंत तक साथ रहे. पार्टी आलाकमान ने सिक्किम का प्रभारी बनाया तो इसे चुनौती की तरह लिया. जब चुनावों में मोर्चा संभालने पहुंचे तो न भाषा का ज्ञान था और ना ही पार्टी का कोई बेस था, पैदल निकल पड़े. आलाकमान को रिपोर्ट भेजते रहे, अब वो इस भरोसे के साथ कह सकते हैं कि गाड़ी पटरी पर आ गई है और जल्दी ही सत्ता की दहलीज पर पहुंचने का दम रखने लगेगी.

बीजेपी की ताकत और भविष्य
अब आप सोच रहे होंगे की इन दो अनदेखे चेहरों पर मैने क्यों लिखा? दरअसल ये दो चेहरे उन सैकड़ों चेहरों में से एक हैं जो सिर्फ पार्टी की मजबूती के लिए 24 घंटे अपने शहर, अपने लोगों से दूर काम कर रहे हैं. युवा मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव गौरव तिवारी मध्यप्रदेश के हैं लेकिन चुनावों मे हिमाचल प्रदेश के प्रभारी रहे और अब झारखंड में लगे हैं पार्टी को जीत दिलाने की मुहिम में. ये युवा भी संघ के उन प्रचारकों की तरह हैं जिन्होंने अपनी जिंदगी लगा दी प्रचार और प्रसार में, इसलिए बीजेपी का भविष्य भी यही हैं और आलाकमान की ताकत भी.

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