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ओमिक्रॉन के खिलाफ कितना असरदार है Pfizer का बूस्टर डोज? कंपनी ने किया खुलासा

ओमिक्रॉन के खिलाफ कितना असरदार है Pfizer का बूस्टर डोज? कंपनी ने किया खुलासा

फाइजर और उसके सहयोगी बायोएनटेक ने कहा कि प्रयोगशाला परीक्षणों में दिखा कि ओमिक्रॉन के खिलाफ एक बूस्टर खुराक ने एंटीबॉडी के स्तर को 25 गुना बढ़ा दिया है.

फाइजर और उसके सहयोगी बायोएनटेक ने कहा कि प्रयोगशाला परीक्षणों में दिखा कि ओमिक्रॉन के खिलाफ एक बूस्टर खुराक ने एंटीबॉडी के स्तर को 25 गुना बढ़ा दिया है.

Coronavirus Vaccine Against Omicron Variant: फाइजर ने कहा कि टीके की दो खुराक अब भी गंभीर बीमारी से बचाव दे सकती हैं. फाइजर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अल्बर्ट बोर्ला ने एक बयान में कहा, “हालांकि टीके की दो खुराक अब भी ओमिक्रॉन स्वरूप के कारण होने वाली गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान कर सकती हैं, लेकिन इन प्रारंभिक आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि हमारे टीके की तीसरी खुराक के साथ सुरक्षा अधिकतम हो जाती है.”

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    न्यूयॉर्क. फाइजर (Pfizer) ने बुधवार को कहा कि उसके कोविड-19 रोधी टीके की एक बूस्टर खुराक (Covid-19 Vaccine Booster Dose) नए ओमिक्रॉन स्वरूप से रक्षा कर सकती है, भले ही शुरुआती दो खुराक का प्रभाव काफी कम नजर आए. फाइजर और उसके सहयोगी बायोएनटेक ने कहा कि प्रयोगशाला परीक्षणों में दिखा कि ओमिक्रॉन के खिलाफ एक बूस्टर खुराक ने एंटीबॉडी के स्तर को 25 गुना बढ़ा दिया है. फाइजर ने एक प्रेस विज्ञप्ति में शुरुआती प्रयोगशाला आंकड़ों की घोषणा की और बताया कि इसकी अभी तक वैज्ञानिक समीक्षा नहीं हुई है.

    कंपनियां पहले से ही ओमिक्रॉन को ध्यान में रखकर टीके के निर्माण के काम में जुटी हैं. वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि कोविड-19 टीकों की तीसरी खुराक के साथ एंटीबॉडी में आने वाला उछाल प्रभावशीलता में किसी भी कमी का मुकाबला करने के लिए पर्याप्त हो सकता है. एंटीबॉडी का स्तर बताता है कि एक टीका कोरोनावायरस के संक्रमण को कितनी अच्छी तरह रोक सकता है लेकिन वे प्रतिरक्षा प्रणाली की सुरक्षा की सिर्फ एक परत भर हैं.

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    दो डोज भी कर सकते हैं गंभीर बीमारी से बचाव
    फाइजर ने कहा कि टीके की दो खुराक अब भी गंभीर बीमारी से बचाव दे सकती हैं. फाइजर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अल्बर्ट बोर्ला ने एक बयान में कहा, “हालांकि टीके की दो खुराक अब भी ओमिक्रॉन स्वरूप के कारण होने वाली गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान कर सकती हैं, लेकिन इन प्रारंभिक आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि हमारे टीके की तीसरी खुराक के साथ सुरक्षा अधिकतम हो जाती है.”

    पिछले महीने दक्षिणी अफ्रीका में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट की पहचान के बाद से इसके खिलाफ टीके के असर पर अनिश्चितता ने बाजार में अस्थिरता को बढ़ावा दे दिया है. इसके यात्रा प्रतिबंधों भी लगाए जा रहे हैं.

    आंशिक सुरक्षा देती है फाइजर की वैक्सीन
    इससे पहले एक रिसर्च में यह बात सामने आई थी कि ओमिक्रॉन’ के खिलाफ फाइजर का कोविड-19 रोधी टीका आंशिक सुरक्षा प्रदान करता है. अनुसंधानकर्ताओं ने इस बात की जांच की क्या कोविड-19 रोधी ‘फाइज़र एमआरएनए’ टीका, वायरस के नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ के खिलाफ कारगर है या नहीं और क्या उसे मानव कोशिकाओं को संक्रमित करने लिए ‘एसीई 2 रिसेप्टर’ की जरूरत है. ‘एंजियोटिन्सिन कन्वर्टिंग एंजाइम-2’ रिसेप्टर्स एक तरह का एंजाइम है, जो मानव शरीर के हृदय, फेफड़े, धमनियों, गुर्दे और आंत में कोशिका की सतह से जुड़ा होता है. यही मानव शरीर में वायरस के दाखिल होने जरिया बनता है

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    अनुसंधानकर्ताओं ने पाया है कि ‘ओमीक्रोन’ को मानव शरीर में दाखिल होने के लिए एसीई2 की जरूरत पड़ती है.

    अध्ययन में पाया गया कि पहले से सार्स-सीओवी-2 से संक्रमित लोगों के टीका लगने के तुरंत बाद लिए नमूनों में संक्रमण के खिलाफ उसका असर काफी अधिक दिखा. वहीं, केवल टीका लेने वालों पर इसका असर 41 गुना कम दिखा.

    Tags: Omicron, Omicron variant, Pfizer, Pfizer vaccine

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