राजनाथ ने कहा पाकिस्तान के खिलाफ नहीं हुई तीसरी सर्जिकल स्ट्राइक, तो क्या म्यांमार में हुई?

राजनाथ सिंह ने कहा, 'मुझे यह कहने में कोई हिचक नहीं है कि दो हमले पाकिस्तान में हुए, केवल दो ही हमले पाकिस्तान में हुए.' उन्होंने साफ किया कि तीसरी स्ट्राइक पाकिस्तान में नहीं की गई.

News18Hindi
Updated: March 16, 2019, 11:36 PM IST
राजनाथ ने कहा पाकिस्तान के खिलाफ नहीं हुई तीसरी सर्जिकल स्ट्राइक, तो क्या म्यांमार में हुई?
प्रतीकात्मक फोटो
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Updated: March 16, 2019, 11:36 PM IST
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कुछ दिनों पहले एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि मोदी सरकार ने पांच साल में तीन सर्जिकल स्ट्राइक्स की हैं हालांकि उन्होंने कहा था कि वह दो की ही जानकारी देंगे तीसरी की नहीं देंगे. न्यूज 18 ग्रुप के एडिटर इन चीफ राहुल जोशी से खास बातचीत में गृहमंत्री ने कहा कि तीसरी सर्जिकल स्ट्राइक पाकिस्तान के खिलाफ नहीं हुई थी.

बता दें कि भारत ने उरी में सेना के कैम्प पर हुए आतंकी हमले के विरोध में भारत ने सितंबर 2016 में पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक किया था. वहीं पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले के विरोध में हुए फिदायीन हमले के विरोध में वायुसेना ने 26 फरवरी को बालाकोट में एयर स्ट्राइक को अंजाम दिया था. कर्नाटक के मंगलुरु में गृहमंत्री ने दावा किया था कि पांच साल में सरकार ने तीन सर्जिकल स्ट्राइक किए हैं लेकिन वह दो की ही जानकारी देंगे.

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न्यूज 18 से खास बातचीत में तीसरे सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़े सवाल पर राजनाथ सिंह ने कहा, 'मैंने यह नहीं कहा कि भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ तीन सर्जिकल स्ट्राइक की. मैंने यह नहीं कहा कि यह पाकिस्तान पर हुआ. मैंने कहा था कि बीते पांच साल में हमने तीन स्ट्राइक्स की. हर कोई दो स्ट्राइक्स के बारे में जानता है.' तीसरी स्ट्राइक कहां की गई? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह इसकी जानकारी को सार्वजनिक नहीं करना चाहते हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि कई लोग इस बारे में जानते हैं.

राजनाथ ने कहा, 'मुझे यह कहने में कोई हिचक नहीं है कि दो हमले पाकिस्तान में हुए, केवल दो ही हमले पाकिस्तान में हुए.' उन्होंने साफ किया कि तीसरी स्ट्राइक पाकिस्तान में नहीं की गई.

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गृहमंत्री के इस बयान के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा के जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान के अलावा भारतीय सेना ने जिस देश की सीमा में घुसकर उग्रवादी ठिकानों को निशाना बनाया है वह म्यांमार है.

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पांच सालों में सेना ने म्यांमार में घुसकर दो सर्जिकल स्ट्राइक किये हैं. एक नगा उग्रवादियों के खिलाफ जिन्होंने जून 2015 में एम्बुश लगाकर सेना के 18 जवानों की हत्या कर दी थी. वहीं, दूसरी स्ट्राइक भारतीय सेना ने म्यांमार सेना के साथ मिलकर अराकान आर्मी के खिलाफ म्यांमार में की थी. अराकान आर्मी म्यांमार का उग्रवादी समूह है.

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पहला हमला एनएससीएन (के) और केवायकेएल के खिलाफ किया गया था. इन समूहों ने 4 जून 2015 को मणिपुर के चंदेल जिले में सेना के काफिले पर हमला किया था. इस हमले में 18 जवान शहीद हुए थे और 15 जवान घायल हुए थे. इस हमले के पांच दिन बाद यानी 9 जून को स्पेशल कमांडोज की क्रैक टीम ने म्यांमार में उग्रवादी समूह के ठिकानों पर हमला किया था.

यानी जिस तीसरी सर्जिकल स्ट्राइक की बात हो रही है वह असल में भारत की पहली सर्जिकल स्ट्राइक थी.

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