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इस सीरियल किलर वॉचमैन ने दो सालों में 10 लोगों को उतार दिया मौत के घाट

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Updated: November 6, 2019, 10:45 PM IST
इस सीरियल किलर वॉचमैन ने दो सालों में 10 लोगों को उतार दिया मौत के घाट
आंध्र प्रदेश के एक चौकीदार ने 2 हफ्ते में 10 लोगों की हत्या कर दी (सांकेतिक फोटो)

यह चौकीदार लोगों को साइनाइड (Cyanide) प्रसाद में मिलाकर देता था. जिन 10 लोगों को इस तरह से इस वॉचमैन ने मौत के घाट उतारा, उनमें से तीन महिलाएं (Women) भी शामिल हैं.

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  • Last Updated: November 6, 2019, 10:45 PM IST
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वेस्ट गोदावरी (आंध्र प्रदेश). यूं तो चौकीदार का काम अपराधियों से सुरक्षा का होता है लेकिन एक 38 साल के चौकीदार ने सीरियल किलर (Serial Killer) बनकर मात्र 2 साल में 10 लोगों की हत्या कर दी. इन लोगों को मारने के लिए इस सीरियल किलर चौकीदार (Watchman) ने पोटैशियम साइनाइड (Potassium Cyanide) का इस्तेमाल किया.

लोगों को डराने वाली यह घटना आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के वेस्ट गोदावरी (West Godavri) जिले की है. यह चौकीदार लोगों को साइनाइड (Cyanide) प्रसाद में मिलाकर देता था. जिन 10 लोगों को इस तरह से इस वॉचमैन ने मौत के घाट उतारा, उनमें से तीन महिलाएं भी शामिल हैं.

राइज पुलिंग सिक्के का देता था झांसा
इस सीरियल किलर को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने बताया है कि वॉचमैन का नाम वेलांकी सिमाध्री उर्फ शिवा है. उसके साथ उसके 60 साल के साथी शेख अमीनुल्ला बाबू उर्फ शंकर को भी गिरफ्तार किया गया है, जो कि वेलांकी को साइनाइड (Cyanide) की सप्लाई करता था.

पुलिस के मुताबिक, शिवा 'राइज पुलिंग सिक्के' का झांसा देकर लोगों से ठगी करता था. यह एक ऐसा सिक्का होता है जिसे भाग्य का प्रतीक माना जाता है और इसकी खासियत यह होती है कि यह चावल को अपनी ओर खींच सकता है. वह इस सिक्के को खरीदने के लिए सिक्योरिटी मनी (Security Money) की मांग करता था. फिर अपने शिकार को एकांत में ले जाकर प्रसाद में मिलाकर साइनाइड (Cyanide) खिला देता था जिससे उसके शिकार की तुरंत मौत हो जाती थी. उसके बाद उसके शिकार के पास जो कुछ भी सोना, चांदी या नकदी होता था, उसे लेकर वह फरार हो जाता था.

इस पैसे का इस्तेमाल शिवा ने मंहगे खर्च और अय्याशी पर किया
इस तरह से किए मर्डर (Murder) पर किसी को शक नहीं होता था क्योंकि मृत पाए गए लोगों के शरीर पर कोई भी खरोंच का निशान नहीं होता था. इसी का फायदा उठाकर शिवा लंबे वक्त से पुलिस (Police) से बचता रहा.
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आखिर इस शातिर के मर्डर का खुलासा तब हुआ जब 49 साल के काति नागार्जु की संदिग्ध परिस्थितियों (Suspicious Circumstances) में मौत हुई. वह अपने घर से दो लाख कैश और सोने की ज्वैलरी लेकर निकले थे. काति की मौत की जांच के दौरान और CCTV वैरिफिकेशन के बाद पता चला कि वहां शिवा घूम रहा था. जब पुलिस ने शिवा से पूछताछ की तो उसने माना कि लोगों को साइनाइड (Cyanide) जहर देकर 10 लोगों को मौत के घाट उतारा जा रहा है. इनसे मिले कैश और सोने का इस्तेमाल शिवा ने महंगे खर्च और अय्याशी के लिए किया.

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First published: November 6, 2019, 10:45 PM IST
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