डल झील को सुरक्षित बनाती है CRPF, दिन-रात ऐसे करती है सुरक्षा

Shailendra Wangu | News18Hindi
Updated: August 16, 2019, 4:23 PM IST
डल झील को सुरक्षित बनाती है CRPF, दिन-रात ऐसे करती है सुरक्षा
डल झील की सुरक्षा में सीआरपीएफ की अहम भूमिका.

18 स्कवायर किलोमीटर की झील पर इन जवानों की पैनी नजर रहती है. जानकारी मिलने पर पुलिस के साथ ये जवान हाउस बोट की तलाशी भी लेते हैं ताकि डल झील को सुरक्षित रखा जा सके.

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धारा 370 (Article 370) हटाने के बाद घाटी के चप्पे-चप्पे पर CRPF जवानों की बदोलत हिंसा की घटनाएं कम हुई और हालात काबू में हैं. कश्मीर (Kashmir) में जहां CRPF कानून व्यवस्था बरकार रखने में अहम किरदार निभा रही है, वहीं कश्मीर की पहचान डल झील (Dal Lake) की सुरक्षा भी इस अर्ध-सैनिक बल के हाथों मजबूत है.

इस साल की शुरूआत में पीएम मोदी (PM Modi) भी डल झील गए थे और हालात का जायजा लिया था.
डल झील में करीब 1200 हाउस बोट और 400 शिकरे हैं जिनकी सुरक्षा भी वाटर विंग के कंधों पर है. 7 स्पीड बोट और पुलिस के शिकारों के जरिए वाटर विंग के ये जवान 24 घंटे झील में गश्त लगाकर नजर रखते हैं.

18 स्कवायर किलोमीटर की झील पर इन जवानों की पैनी नजर रहती है. जानकारी मिलने पर पुलिस के साथ ये जवान हाउस बोट की तलाशी भी लेते हैं ताकि डल झील को सुरक्षित रखा जा सके. इतना ही नहीं ये जवान बेहतरीन तैराक हैं और पिछले कुछ महीनों में कई लोगों को डूबने से भी बचाया गया.

24 घंटे रहती है नजर
CRPF की 144 Bn की 'वाटर विंग' डल झील में स्पीड बोट के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखती है. हर बोट में एक ड्राइवर, एक को-पायलट और चार जवान रहते हैं. टूरिस्ट सीजन में वाटर विंग 24 घंटे गश्त पर रहते हैं ताकि सैलानी खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें. इतना ही नहीं बोट में तैनात हर जवान तैरने में माहिर हैं ताकि मुश्किल घड़ी में ये समय रहते किसी की जान को बचा सकें.


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CRPF के हाथ में ही है SKICC की सुरक्षा
डल झील किनारे SKICC एक महत्वपूर्ण स्थान है जहां आए दिन हाई लेवल मीटिंग्स होती है. गृह मंत्री अमित शाह भी जब इस साल कश्मीर आए थे तो उनकी सभी बैठकें भी इसी SKICC में हुई थी. SKICC की जिम्मेदारी भी CRPF की वाटर विंग के पास है, जो SKICC के करीब के पूरे इलाके की घेराबंदी करती है और किसी भी अनाधिकृत शिकारे या बोट को SKICC के पास जाने की इजाजत नहीं होती.

SKICC में आम तौर पर हाई लेवल मीटिंग्स होती हैं. कई बार दिल्ली से आए केंद्रीय मंत्री और अन्य वीआईपी भी SKICC में ही बैठकें करते हैं. डल झील के किनारे इस SKICC की सुरक्षा भी CRPF के हाथों है और जिस पर हर वक्त जवानों की नजर बनी रहती है ताकि पानी के जरिए कोई आतंकी SKICC में प्रवेश न कर सके.

2005 में मिली थी जिम्मेदारी
2005 से डल झील की सुरक्षा CRPF के हाथों में आई, इससे पहले इसकी हिफाजत BSF करती थी. 2004 में डल झील में मौजूद होटल Leward को आतंकियों ने निशाना बनाया था. यह एक फिदायीन हमला था जिसमें पांच जवान शहीद हुए थे. जवानों ने दोनों आतंकियों को मार गिराया था. हमले के बाद से ही होटल के बाहर भी सुरक्षा बल तैनात हैं. कानून व्यवस्था बरकरार रखने में CRPF का किरदार काबिले तारीफ है. NSA अजित डोभाल ने हाल की में इनके शौर्य को सलाम किया.

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First published: August 16, 2019, 4:23 PM IST
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