लाइव टीवी

लोकसभा चुनाव: कैसे कटा बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी का टिकट?

Anil Rai | News18Hindi
Updated: March 22, 2019, 4:26 PM IST
लोकसभा चुनाव: कैसे कटा बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी का टिकट?
लालकृष्ण आडवाणी (PTI)

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने एक प्रेस कांफ्रेस में साफ-साफ कहा था कि 75 वर्ष की उम्र सीमा पार कर चुके लोगों को सरकार में पद नहीं दिया जाएगा. हालांकि, चुनाव लड़ें या नहीं, इसका फैसला वे स्वयं करेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 22, 2019, 4:26 PM IST
  • Share this:
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. बीजेपी की पहली लिस्ट आने के बाद ये साफ हो गया है कि पार्टी में मार्गददर्शक मंडल के नेताओं का काम अब सिर्फ मार्गदर्शन का ही रहेगा. यशवंत सिंहा पहले ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल चुके थे. ऐसे में सिर्फ लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी पर फैसला होना था. साथ में 75 साल की उम्र सीमा पार कर चुके कलराज मिश्रा के भविष्य पर भी इस बार फैसला होना था. पार्टी ने जब पहली बार ये फैसला लिया कि 75 साल की उम्र सीमा पार कर चुके लोग सक्रिय राजनीति से बाहर होंगे, तो सबसे पहला नाम लालकृष्ण आडवाणी का आया.

पार्टी के इस ऐलान के बाद कलराज मिश्र समेत कई मंत्रियों ने सरकार से इस्तीफा भी दिया, लेकिन तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव हारने के बाद लगा कि पार्टी अपने इस नियम में ढील देगी. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ-साफ कहा था कि 75 वर्ष की उम्र सीमा पार कर चुके लोगों को सरकार में पद नहीं दिया जाएगा, लेकिन चुनाव लड़ें या नहीं, इसका फैसला वे स्वयं करेंगे.

इसके बाद लगा कि 75 की उम्र पार कर चुके लोग चुनाव लड़ेंगे. लेकिन अमित शाह के दिमाग में कुछ और चल रहा था. पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ये तो चाहता था कि उम्र सीमा का नियम लागू हो, लेकिन वो ये भी चाहता था कि जिस तरह वरिष्ठ नेताओं ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया, उसी तरह वो खुद सामने आए और चुनाव लड़ने से मना करें. इसके लिए कई स्तर पर प्रयास शुरू हो गए.

आडवाणी के पास ये थे रास्ते

बीजेपी के शीर्ष नेता और पार्टी को 2 सीटों से पहली सरकार बनवाने तक की सीट तक पहुंचाने वाले लालकृष्ण आडवाणी को लेकर पार्टी चाहती थी कि वह सक्रिय राजनीति से अपने रिटायरमेंट की घोषणा खुद करें. क्योंकि ये 75 वर्ष की उम्र का नियम आडवाणी के चुनाव न लड़ने के ऐलान के बाद ही लागू होता.

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने इसके लिए कई स्तर पर प्रयास किए. आडवाणी के करीबी समझे जाने वाले नेताओं के माध्यम से संदेश भेजे गए. पार्टी आडवाणी का राजनीति से संन्यास के ऐलान के बदले उनकी कोई भी शर्त मानने को तैयार थी. लेकिन, कई दौर की बातचीत के बाद भी आडवाणी तैयार नहीं हुए.

पार्टी ने आडवाणी के संन्यास की घोषणा के बदले उनके परिवार के किसी एक व्यक्ति का सक्रिय राजनीति में शामिल करने का प्रस्ताव भी दिया. लेकिन, आडवाणी फिर भी नहीं माने और आखिरकार पार्टी ने उनका गांधी नगर से टिकट काट दिया.
Loading...

ये भी पढ़ें: 

पीएम मोदी ने सैम पित्रोदा के बयान को बताया शर्मनाक, कहा- 130 करोड़ लोग माफ नहीं करेंगे

Video: पुलवामा हमले के शहीदों को याद करते हुए रो पड़ीं News18 India की एंकर

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी WhatsApp

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए Delhi से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 22, 2019, 1:18 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...