राम जन्मभूमि पर हमले से पहले भक्त बनकर की थी आतंकियों ने रेकी

2005 में अयोध्या में हुए इस हमले में दो नागरिकों की मौत हुई थी और हमले को अंजाम देने वाले पांचों आतंकी मार गिराए गए थे.

News18Hindi
Updated: June 18, 2019, 5:22 PM IST
राम जन्मभूमि पर हमले से पहले भक्त बनकर की थी आतंकियों ने रेकी
अयोध्या में 2005 में आतंकियों के मारे जाने के बाद वहां मौजूद पुलिसकर्मी (फाइल फोटो)
News18Hindi
Updated: June 18, 2019, 5:22 PM IST
अयोध्या के राम जन्मभूमि परिसर में वर्ष 2005 में हुए आतंकी हमले में इलाहाबाद की स्पेशल ट्रायल कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. वहीं कोर्ट ने पांचवें आरोपी मोहम्मद अजीज को बरी कर दिया है. स्पेशल जज एससी-एसटी दिनेश चंद्र ने फैसला सुनाते हुए चारों आरोपियों पर 20-20 हजार का जुर्माना भी लगाया है. फैसले को देखते हुए अयोध्या से लेकर प्रयागराज समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है.

सफेद टाटा सूमो से बैरिकेडिंग तोड़ घुसे आतंकी
अमूमन शांत रहने वाली अयोध्या में 2005 की 5 जुलाई को तब हड़कंप मच गया. जब सुबह करीब 9 बजे एक सफेद रंग की एक मार्शल जीप मंदिर की बैरिकेडिंग में प्रवेश कर गई. इसके कुछ दूर जाने के बाद जीप से कुछ युवक कूदकर बाहर निकले.

पहले भी जा चुके थे मंदिर के अंदर

आतंकियों ने भक्तों का भेष बनाया था ताकि वे आसानी से अयोध्या में घुस सकें. इसके अलावा विस्फोट वाली टाटा सूमो से ही उन्होंने सफर भी किया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक वे हमले से पहले भी मंदिर के अंदर भी जा चुके थे.

जीप में विस्फोट कर तोड़ी चहारदीवारी
इस जीप को श्रद्धालुओं की जीप समझकर अभी गाइड रमेश पाण्डेय पीछा ही करना चाहते थे कि तभी जीप चली और बैरिकेड की चहारदीवारी से जाकर टकरा गई. इससे बहुत तेज धमाका हुआ और गाइड रमेश पाण्डेय के चीथड़े उड़ गए.
Loading...

दो लोगों की मारी थी गोली, हुई मौत
इसके बाद आधुनिक हथियार और विस्फोटक लिए हुए 5 आतंकियों ने तीन बम धमाकों के जरिए टूटी बैरिकेडिंग के रास्ते और दो बगल की गली के रास्ते के अंदर परिसर में दाखिल होने की कोशिश की. इस दौरान उन्होंने राम स्वरूप मिश्र को शोर मचाने के चलते गोली मार दी और परिसर में घुस गए. इसके बाद वे परिसर के अंदर एक चट्टान पर चढ़े और गोलियां बरसाने लगे.

मार गिराए गए पांचों आतंकी
इस दौरान सिविल पुलिस, पीएसी और CRPF के जवान उनकी ओर बढ़े. ऐसे में जो आतंकी रामलला के टेंट की तरफ पहुंचने ही वाला था उसे सबसे पहले गोली लगे. उसने शरीर पर विस्फोटक भी बांध रखा था और गोली लगते ही विस्फोट हुआ और उसकी मौत हो गई. इसके बाद अन्य चार आतंकी भी मार गिराए गए.

जुलाई, 2005 में राममंदिर परिसर की चहारदीवारी पर खड़े श्रद्धालु (तस्वीर क्रेडिट- एपी)


पांच लोगों की हुई थी गिरफ्तारी
इस हमले में दो लोगों की मौत हुई थी और कुछ सुरक्षाकर्मी घायल हुए थे. मामले में पांच आरोपियों डॉ इरफान, मोहम्मद शकील, मोहम्मद नसीमल मोहम्मद अजीज और फारुक पकड़े गए थे. जिनके मामले की पिछले 14 सालों से सुनवाई चल रही थी. जांच के दौरान पुलिस ने पांचों को साजिश रचने, आतंकियों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. जिन आतंकियों ने हमला किया, उन्हें उसी वक्त ढेर कर दिया गया था.

इलाहाबाद में चला मुकदमा हुई सजा
घटना के बाद गिरफ्तार आरोपियों को सुरक्षा कारणों से वर्ष 2006 में इलाहाबाद की नैनी सेन्ट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया था. इस मामले का ट्रायल भी नैनी सेन्ट्रल जेल स्थित स्पेशल कोर्ट में ही चलाया गया. इस मामले की सुनवाई कई बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी की गई.

नेपाल के रास्ते से आए थे आतंकी
बता दें कि हमले के वक्त रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद कॉम्पलेक्स तगड़ी सुरक्षा में था. इसके चलते लश्कर के ये आतंकी इसे नुकसान नहीं पहुंचा सके. सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि ये आतंकी नेपाल के रास्ते भारत में घुसे थे और एक घंटे से भी कम चले ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने उन्हें ढेर कर दिया था.

यह भी पढ़ें: राम जन्मभूमि आतंकी हमले में 4 आरोपियों को आजीवन कारावास, एक बरी
एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पाससब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsAppअपडेट्स

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: June 18, 2019, 4:48 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...