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this lady cisf officer is responsible for the security of bangalore airport there are few like her

इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा संभाल रही हैं ये अफसर, चुनौतियों से भरा रहा है सफर

रश्मि के परिवार ने इस नौकरी का विरोध किया था (image-CISF south TNIE)

रश्मि के परिवार ने इस नौकरी का विरोध किया था (image-CISF south TNIE)

34 वर्षीय महिला सीआईएसएफ (CISF) अधिकारी रश्मि बेदवाल (Rashmi Bedwal) के जिम्मे बेंगलुरु हवाई अड्डे (Kempegowda International airport-KIA) की सुरक्षा की निगरानी जैसा जोखिम भरा काम है. वह देश की कुछ ऐसी गिनी-चुनी महिलाओं में शामिल हैं, जिनके जिम्मे सुरक्षा की ऐसी बड़ी जिम्मेदारी का पद है.

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बेंगलुरु. बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Kempegowda International airport-KIA) के टर्मिनल पर सुरक्षा की निगरानी CISF की 34 वर्षीय अफसर रश्मि बेदवाल (Rashmi Bedwal) के कंधे पर है. एयरपोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालना एक ऐसा काम है जिसे अभी तक बहुत कम ही महिला CISF अफसर संभाल रही हैं. इस भारी जोखिम और जिम्मेदारी से भरे काम को रश्मि बहुत सफलता से अंजाम देती आ रही हैं. वह देश की कुछ ऐसी गिनी-चुनी महिलाओं में शामिल हैं, जिनके जिम्मे सुरक्षा की ऐसी बड़ी जिम्मेदारी का पद है.

केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल पर सुरक्षा की प्रभारी रश्मि बेदवाल केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में डिप्टी कमांडेंट होने के साथ ही एक छोटी बच्ची की मां भी हैं. किसी एयरपोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली वे कर्नाटक में अकेली महिला हैं और देश की कुछ महिला अफसरों में से एक हैं, जो इस बड़े पद पर हैं. मूल रूप से उत्तराखंड की रहनी वाली बेदवाल मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से बायोटेक्नोलॉजी में बी.टेक हैं. बहरहाल रश्मि का सफर इतना आसान भी नहीं रहा.

उन्होंने कहा कि जब 2013 में सीआईएसएफ असिस्टेंट कमांडेंट की परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अपना करियर शुरू किया तो उनके रिश्तेदारों ने इसका बड़ा विरोध किया था. उनके सभी रिश्तेदारों का मानना था कि यह एक पुरुष प्रधान करियर है. इसके विपरीत रश्मि ने इसे चुनौती के तौर पर लिया और सुरक्षा के क्षेत्र में उतरने का फैसला किया. रश्मि ने बताया कि उनकी मां निर्मला, एक गृहिणी हैं और उनके पिता एमएस बेदवाल, पीडब्ल्यूडी इंजीनियर रहे हैं. इन दोनों ने उनका समर्थन किया और रश्मि को हमेशा हौसला दिया.

रश्मि ने बताया कि अपने बैच में वह अकेली महिला थीं. हैदराबाद में राष्ट्रीय औद्योगिक सुरक्षा अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान रश्मि बेदवाल की अपने पति अनुरंजन कुमार अनुज से मुलाकात हुई, जो अब केआईए में डिप्टी कमांडेंट हैं. वह बेंगलुरु में तैनात होने से पहले मुंबई एयरपोर्ट पर 4.5 साल तक ड्यूटी कर चुकी हैं. रश्मि अब कांस्टेबल, सब-इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर के पदों पर काम कर रही लगभग 300 महिलाओं की प्रमुख हैं. सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में महिलाओं की भूमिका के बारे में उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ में महिलाओं को पूरा महत्व दिया जाता है. मैंने अपने करियर में कभी किसी भेदभाव का सामना नहीं किया और वास्तव में यहां बहुत उत्साहजनक माहौल है.

Tags: Bangalore, Bangalore Airport, CISF, Inspiring story, International Women's Day, Success Story

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