जो Pfizer, Moderna वैक्सीन का खर्च उठा सकते हैं, उन्हें मना नहीं किया जाना चाहिए: मोंटेक सिंह

मॉन्टेक सिंह अहलूवालिया ने कोविड वैक्सिनेशन में प्राइवेट सेक्टर का भी बड़ा रोल बताया है. (फाइल फोटो)

भारत में कोरोना वैक्सिनेशन प्रोग्राम (Covid-19 Vaccination Programme) से जुड़े मुद्दों पर मोंटेक सिंह अहलूवालिया (Montek Singh Ahluwalia) ने न्यूज़18 की पल्लवी घोष के साथ बातचीत में खुलकर अपनी राय रखी है.

  • Share this:
नई दिल्ली. योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया (Montek Singh Ahluwalia) ने कहा है कि जो लोग Pfizer, Moderna जैसी वैक्सीन का खर्चा उठा सकते हैं, उन्हें मना नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सिनेशन प्रोग्राम पब्लिक सेक्टर के लिए फ्री होना चाहिए, लेकिन प्राइवेट सेक्टर भी इसमें महत्वपूर्ण रोल अदा करने वाला है. भारत में कोरोना वैक्सिनेशन प्रोग्राम से जुड़े मुद्दों पर अहलूवालिया ने न्यूज़18 की पल्लवी घोष के साथ बातचीत में खुलकर अपनी राय रखी है.

राज्यों के साथ केंद्र के समन्वय की तारीफ
वैक्सिनेशन प्रोग्राम को लेकर मोंटेक सिंह का कहना है कि वो खुश हैं कि सरकार बड़े स्तर पर सार्वजनिक टीकाकरण अभियान चलाने की तैयारी कर रही है. उन्होंने राज्यों से बेहतर समन्वय के लिए भी केंद्र सरकार की तारीफ की है.

पूरे देश का टीकाकरण करने की आवश्यकता नहीं
उन्होंने कहा है कि हमें पूरे देश के टीकाकरण की आवश्यकता नहीं है. तकरीबन 70 प्रतिशत जनता अपने आप हर्ड इम्यूनिटी डेवलप कर लेगी. हमें 10 वर्ष से कम के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को इसमें शामिल नहीं करना चाहिए क्योंकि किसी भी वैक्सीन ने इस ग्रुप की सेफ्टी को लेकर टेस्ट नहीं किए हैं.

भारत को कौन सी वैक्सीन चुननी चाहिए?
भारत को कौन सी वैक्सीन चुननी चाहिए के सवाल पर मोंटेक सिंह ने कहा कि कई वैक्सीन विकसित की जा रही हैं जो अगले कुछ महीनों में बाजार में उपलब्ध होंगी. इन टीकों को लेकर कई तरह की अनिश्चितताएं भी हैं. इस वजह से हमें किसी एक वैक्सीन पर निर्भर रहने की बजाए कई वैक्सीन का उपयोग करना चाहिए. फिर वक्त के साथ हम समझेंगे कि किस एक वैक्सीन पर फोकस करना है. पीएम ने इसे लेकर कहा है कि हम एक्सपर्ट्स की राय मानेंगे और मेरे लिहाज से ये बिल्कुल सही तरीका है.

कैप्टन अमरिंदर सिंह की मांग पर क्या बोले मोंटेक सिंह 
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने कहा है कि उनके राज्य को जनसांख्यिकीय स्थिति के आधार पर प्राथमिकता मिलनी चाहिए. इस पर मोंटेक सिंह का कहना है कि राज्यों को वैक्सीन वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होनी चाहिए. हालांकि इसमें कई तरह की प्राथमिकताएं भी शामिल हैं. पंजाब के मुख्यमंत्री का प्वाइंट है कि उनके राज्य में डेथ रेट ज्यादा रही क्योंकि उम्रदराज लोगों की संख्या ज्यादा है.

प्राइवेट सेक्टर की ली जा सकती है मदद
भारत का मेडिकल इंफ्रस्ट्रक्चर कमजोर है ऐसे में क्या प्राइवेट सेक्टर को भी टीकाकरण प्रोग्राम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए? इस पर मोंटेक सिंह का कहना है कि वर्तमान हालात में प्राइवेट सेक्टर बड़े स्तर पर लोगों का इलाज कर रहा है. विशेष तौर पर शहरी इलाकों में. ऐसे में इस सेक्टर की भी मदद ली जा सकती है.

(पल्लवी घोष और मोंटेक सिंह अहलूवालिया की ये पूरी बातचीत यहां क्लिक कर पढ़ी जा सकती है.)

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.