राफेल से थर्राया पाकिस्तान, चीन से खरीद रहा J-10 CE फाइटर जेट और मिसाइल

भारत को आज शाम तीन और राफेल विमान मिल रहे हैं. (AP)
भारत को आज शाम तीन और राफेल विमान मिल रहे हैं. (AP)

भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) में राफेल फाइटर जेट (Rafale Fighter Jet) के शामिल के बाद से ही पाकिस्तान (Pakistan) खौफ में है. ऐसे में पड़ोसी मुल्क ने चीन से 50 आधुनिक J-10 फाइटर की इमरजेंसी खरीद करने का फैसला किया है. इसके साथ ही पाकिस्तान चीन से हवा से हवा मार करने की मिसाइल भी खरीदेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 4, 2020, 10:42 AM IST
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नई दिल्ली. भारत इस वक्त अपने दोनों पड़ोसियों पाकिस्तान और चीन से एक साथ निपट रहा है. एलओसी पर पाकिस्तान (Pakistan) से तो एलएसी पर चीन से तनाव जारी है. पहले से ही टू फ़्रंट वॉर की संभावनाओं को देखते हुए भारत ने अपनी तैयारियां पुख्ता कर ली हैं. इसके तहत फ्रांस से दुनिया के सबसे ताक़तवर फाइटर विमानों में शामिल राफेल फाइटर जेट (Rafale Fighter Jet) भी वायुसेना में शामिल कर लिए गए हैं. राफेल के वायुसेना में एंट्री के बाद से चीन और पाकिस्तान की बौखलाहट बढ़ गई है. ऐसे में पाकिस्तान ने राफेल का सामना करने के लिए चीन से 50 J-10 फाइटर जेट खरीदने का फैसला किया है.

सूत्रो की मानें, तो पिछले हफ्ते ही पाकिस्तान ने 13 सदस्यी दल ने चीन का दौरा किया. ये दौरा चीन के J-10 के सबसे एडवांस और अपग्रेड वर्जन के फाइटर की ख़रीद के लिए था. खुफिया रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है कि चीन ने J-10 के अपग्रेड वेरियंट J-10 CE खास तौर पर अन्य देशों को बेचने के लिए तैयार किया है. पाकिस्तान इमरजेंसी खरीद के तहत इन्हें खरीदना चाहता है. सूत्रों की मानें, तो 50 J-10 CE में से 32 तो पाकिस्तान को जल्द से जल्द चाहिए. पाकिस्तान की वायुसेना ने तो उन पायलटों की लिस्ट भी तैयार कर ली है, जिन्हें इस एडवांस फाइटर उड़ाने की ट्रेनिंग दी जाएगी.

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सबसे चौंकाने वाली बात तो ये है कि पाकिस्तान का ये डेलीगेशन सिर्फ फाइटर या फिर पायलटों की ट्रेनिंग के लिए बातचीत करने नहीं पहुंचा, बल्कि बड़ी संख्या में एयर टू एयर मिसाइल भी इमर्जेंसी ख़रीद की डील को अंतिम रूप देने गया था. खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान तकरीबन 500 हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल भी खरीद रहा है. चीन लगातार पाकिस्तान की सामरिक क्षमता में इज़ाफा कर रहा है.
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उधर, भारतीय वायुसेना के 36 राफेल अगले 2 साल में भारत को मिल जाएंगे. हर एक दो महीने में जहाज भारतीय वायुसेना को फ्रांस से मिलते रहेंगे. 29 जुलाई को पहली बार भारत की जमीन पर राफेल के कदम पड़े थे. 10 सिंतबर को आधिकारिक तौर पर भारतीय वायुसेना में इसे शामिल भी कर लिया गया था. बहरहाल, राफेल का पहला स्कॉर्डन अंबाला में तैनात हुआ है, जहां से चीन और पाकिस्तान दोनों से ही निपटा जाएगा.
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