Choose Municipal Ward
    CLICK HERE FOR DETAILED RESULTS

    नवरात्रि पर रोहिंग्या शरणार्थियों को बांटा खाना तो दिल्ली के रेस्ट्रोरेंट्स को मिलने लगी धमकियां, फूड ऐप्स पर भी रेटिंग घटी

    फोटो साभारः सोशल मीडिया
    फोटो साभारः सोशल मीडिया

    Delhi Restaurants Feeding Rohingya Refugees: रेस्त्रां ने नवरात्रि के मौके पर दिल्ली के जसोला इलाके में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों में मुफ्त खाना बांटा था, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 25, 2020, 4:39 PM IST
    • Share this:
    नई दिल्ली. रोहिंग्या शरणार्थियों (Rohingya Refugees) को खाना देना दिल्ली के रेस्त्रां और उसके मालिकों को भारी पड़ गया. रोहिंग्या को फ्री में खाना दिए जाने पर कई सोशल मीडिया (Social Media) यूजर्स ने रेस्त्रां को ट्रोल किया है, साथ ही धमकी भी दी है. इन रेस्त्रां ने नवरात्रि के मौके पर दिल्ली के जसोला इलाके में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों में खाना बांटा था. रेस्त्रां के मालिक शिवम सहगल ने कहा, 'कोरोना वायरस (Coronavirus) के कठिन दौर में एक अच्छा काम करने का खामियाजा मुझे भुगतना पड़ रहा है.' उन्होंने कहा, 'मुझे रेस्त्रां के फोन नंबर पर कॉल आनी शुरू हो गई कि मैंने अवैध अप्राविसयों को खाना देने का फैसला क्यों किया. मैंने उन्हें समझने की कोशिश की. हालांकि इसका कोई असर उन पर नहीं हुआ. यहां तक कि कई लोगों ने हमें फूड ऐप्स पर निगेटिव रेटिंग तक देना शुरू कर दिया.'

    दरअसल, नवरात्रि की शुरुआत के साथ, द मार्केट प्लेस, जोश-द हाई एनर्जी बार और स्वागत रेस्त्रां बार नेजसोला झुग्गी में बसे रोहिंग्या समुदाय के शरणार्थियों को मुफ्त खाना दिया था. यहां पर खाना बांटते हुए मालिक शिवम सहगल ने कहा था कि खाने की कोई संस्कृति या धर्म नहीं है, कोई फर्क नहीं पड़ता कि इसे कौन देता है. त्योहार मेरे लिए खुशी फैलाने का सिर्फ एक कारण हैं और आप जानते हैं कि गरीबों का आशीर्वाद कभी खाली नहीं जाता. न्यूज एजेंसी ANI ने होटल द्वारा खाना लोगों में बांटने की तस्वीरों को शेयर किया था. जैसे ही ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर आईं लोगों ने रेस्त्रां और उसके मालिकों को ट्रोल करना शुरू कर दिया.

    सोशल मीडिया यूजर्स इन तस्वीरों को शेयर करते हुए कई तरह के कमेंट्स कर रहे हैं. कुछ यूजर्स ने तो रेस्त्रां में अन्य लोगों को न जाने की सलाह तक दी है.
    वहीं, कुछ यूजर्स का कहना है कि वो रोहिंग्या मुस्लिमों को खाना देने के खिलाफ नहीं है, लेकिन पूछना चाहते हैं कि क्या उन लोगों ने कश्मीरी पंडितों की मदद की है?






    इस तरह से सोशल मीडिया पर ट्रोल होने के बाद रेस्त्रां के मालिकों का कहना है कि वो किसी की मदद करना चाहते थे. और अगर बात खाने की है तो उसका कोई महजब नहीं होता है. हालांकि इस ट्रोलिंग के बाद भी रेस्त्रां के मालिकों ने हार नहीं मानी है. उन्होंने कहा कि वो आगे भी इसी तरह लोगों की मदद करते रहेंगे, लेकिन सोशल मीडिया पर इसका प्रमोशन नहीं करेंगे.
    अगली ख़बर

    फोटो

    टॉप स्टोरीज