भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता होगी और मजबूत, आज भारत पहुंचेंगे 3 और राफेल

इससे पहले पांच विमानों की खेप भारत आ चुकी है. (फाइल फोटो)
इससे पहले पांच विमानों की खेप भारत आ चुकी है. (फाइल फोटो)

नवंबर के बाद तीन जनवरी में फिर मार्च में तीन और अप्रैल में 7 राफेल लड़ाकू विमान (Rafale Fighter Plane) भारत को मिल जाएंगे. जिसके बाद तब तक कुल राफेल विमानों की संख्या 21 हो जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 4, 2020, 6:16 AM IST
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नई दिल्ली. चीन से सीमा विवाद (Border Dispute With China) के बीच भारतीय वायु सेना (Indian Airforce) की ताकत लगातार बढ़ती जा रही है. राफेल जैसे शक्तिशाली लड़ाकू विमान की संख्या में हो रहा इजाफा इस बात का प्रमाण है कि भारत अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. दरअसल, सौदे के मुताबिक फ्रांस से आज 3 और राफेल लड़ाकू विमान (Rafale Fighter Plane) की खेप भारत पहुंचेगी. भारत ने फ्रांस से 59 हजार करोड़ के सौदे के तहत 36 राफेल विमानों (Rafale) का सौदा किया है. अब तक देश को 5 राफेल मिल चुके हैं.

अप्रैल तक आ जाएंगे 21 विमान
नवंबर के बाद तीन जनवरी में फिर मार्च में तीन और अप्रैल में 7 राफेल लड़ाकू विमान भारत को मिल जाएंगे. जिसके बाद तब तक कुल राफेल विमानों की संख्या 21 हो जाएगी जिसमें से 18 लड़ाकू विमान गोल्डन एरो स्क्वाड्रन में शामिल हो जाएंगे. बाकी तीन लड़ाकू विमानों को पूर्वी मोर्चे पर चीन का मुकाबला करने के लिए उत्तर बंगाल के अलीपुरद्वार में हाशिमारा एयरबेस पर भेजा जा सकता है.

इन हथियारों से लैस हैं राफेल
सभी लड़ाकू विमान स्कैल्प एयर-टू-ग्राउंड क्रूज मिसाइलों के साथ माइका और मेटर एयर-टू-एयर मिसाइलों से लैस हैं. वहीं भारत ने सफरान से 250 किलोग्राम वारहेड के साथ एयर-टू-ग्राउंड मॉड्यूलर हथियार- हैमर के लिए अनुरोध किया है.



गौरतलब है कि भारत और चीन के बीच कई महीने से चले आ रहे सीमा विवाद का अभी कोई हल निकलता नहीं दिख रहा है. दोनों देशों के बीच कई राउंड की वार्ता हो चुकी है. भारत ने अपनी तरफ से चीन को स्पष्ट कर दिया है कि सीमाओं पर अशांति के साथ दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य नहीं रह सकते.
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