तमिलनाडु में तीन टन का सी-कुकुंबर बरामद, एक करोड़ रुपये कीमत

यह समुद्री जीव लुप्तप्राय प्रजातियों में है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित है.
यह समुद्री जीव लुप्तप्राय प्रजातियों में है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित है.

इस समुद्री जीव की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत एक करोड़ रुपये से भी अधिक है. यह जीव लुप्तप्राय प्रजातियों में है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित है. इस समुद्री जीव की श्रीलंका और दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में काफी डिमांड है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 3, 2020, 10:27 PM IST
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रामेश्वरम (तमिलनाडु). रामेश्वरम के निकट वेथलई से तीन टन वजनी समुद्री जीव सी-कुकुंबर (Sea cucumber) बरामद हुआ है, जिसे तस्करी करके श्रीलंका ले जाया जाने वाला था. पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि इस सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों के एक दल ने मंडपम के निकट वेथलई में एक खेत से 3,000 किलोग्राम का सी-कुकुंबर बरामद किया. इसे यहां से ले जाने में इस्तेमाल होने वाली एक वैन भी बरामद की गई.

अधिकारियों के मुताबिक, इस समुद्री जीव की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत एक करोड़ रुपये से भी अधिक है. यह जीव लुप्तप्राय प्रजातियों में है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित है. इस समुद्री जीव की श्रीलंका और दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में काफी डिमांड है और इसका इस्तेमाल स्वादिष्ट खाद्य के तौर पर किया जाता है, साथ ही दवाओं के निर्माण में प्रयोग होता है.

हांगकांग स्थित समुद्री जीवों की सुरक्षा के लिए काम करने वाली संस्था ओशियन एशिया के मुताबिक पिछले 5 सालों में सी-कुकुंबर के अवैध व्यापार में तेजी से इजाफा हुआ है. 2015 से 2020 के आंकड़ों पर आधारित अध्ययन में संस्था की ओर से कहा गया है कि 27 हजार किलोग्राम से ज्यादा सूखे, गीले और जिंदा सी कुकुंबर जब्त किए गए हैं, जिनकी कीमत लगभग 29 करोड़ है.



ओशियन एशिया के मुताबिक लक्ष्यद्वीप, केरल, तमिलनाडु और हिंद महासागर से सी कुकुंबर के जब्त किए जाने के मामलों में 13 गुना की उछाल आई है. ओशियन एशिया के रिसर्च डायरेक्टर डॉ. टीले फेलप्स ने कहा कि दक्षिण भारत में सी कुकुंबर के अवैध शिकार और व्यापार में बड़ा इजाफा देखने को मिला है. लक्ष्यद्वीप और तमिलनाडु जैसे इलाके ग्लोबल हॉट स्पॉट बन गए हैं.
कीड़े की तरह दिखने वाले समुद्री जीव सी कुकुंबर की दक्षिण पूर्वी एशिया के साथ चीन में भी काफी डिमांड है. इनका इस्तेमाल भोजन और पारंपरिक दवाएं बनाने में किया जाता है. वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के शेडयूल 1 के तहत सी कुकुंबर का व्यापार प्रतिबंधित है. पर्यावरण मंत्रालय ने 2001 में सी कुकुंबर के शिकार और निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था.
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