OPINION: राष्ट्र के नाम संदेश से कश्मीरियों का दिल जीतने की कोशिश की है पीएम नरेंद्र मोदी ने

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संदेश के जरिए भरोसा कायम करने की कोशिश की है. साथ ही मतभेद भूलकर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के भविष्य के लिए मिलजुल कर काम करने का आह्वान किया है

Yusuf Ansari | News18Hindi
Updated: August 9, 2019, 11:04 AM IST
OPINION: राष्ट्र के नाम संदेश से कश्मीरियों का दिल जीतने की कोशिश की है पीएम नरेंद्र मोदी ने
पीएम मोदी
Yusuf Ansari
Yusuf Ansari | News18Hindi
Updated: August 9, 2019, 11:04 AM IST
जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा और वहां के नागरिकों को विशेष अधिकार देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब राजनीतिक दलों और जम्मू- कश्मीर की जनता का दिल जीतने की कोशिशों में जुट गए हैं. संसद के दोनों सदनों में पारित हुए संविधान संशोधन पर राष्ट्रपति के दस्तख़त के एक दिन बाद राष्ट्र के नाम दिए संदेश में पीएम मोदी ने इस फैसले का बचाव करते हुए देश की जनता को इसकी वजहें बताई. प्रधानमंत्री ने हालात सुधरने पर जम्मू-कश्मीर को फिर से पूर्ण राज्य बनाने और लद्दाख में विकास में तेजी लाने के जैसे वादे कर जम्मू कश्मीर के लोगों का दिल जीतने की कोशिश की है.

विपक्षी नेताओं से भी मिला समर्थन

संविधान के अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाने के मोदी सरकार के फैसले पर कई विपक्षी दलों ने खुले दिल से समर्थन दिया है. कांग्रेस इस मुद्दे पर पूरी तरह दोफाड़ हो गई है. कश्मीर के पूर्व महाराजा हरि सिंह के बेटे और कभी जम्मू कश्मीर के सदर-ए-रियासत रहे कांग्रेस के नेता डॉ. कर्ण सिंह ने भी सरकार के फैसले का समर्थन कर दिया है. उनसे पहले कांग्रेस के नेता जनार्दन द्विवेदी से लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया और दीपेंद्र हुड्डा जैसे कई नौजवान कांग्रेसी नेता भी इस फैसले पर मोदी सरकार के साथ खड़े हैं. समर्थन मिलने के बाद जम्मू-कश्मीर के बारे में लिए गए फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हौसला और भी ज्यादा बढ़ गया है. यह बात राष्ट्र के नाम दिए उनके संदेश में झलकती है.

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संसद के दोनों सदनों में अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने वाले प्रस्ताव को पारित कराने के बीच गृह मंत्री अमित शाह को कांग्रेस के नेताओं से तीखी झड़प हुई. सरकार पर कई तरह के आरोप भी लगे. लोकसभा में इस प्रस्ताव पर बहस के दौरान जम्मू-कश्मीर के कई बार मुख्यमंत्री रह चुके नेशनल कांफ्रेस के नेता फारूक़ अब्दुल्ला की ग़ैर मौजूदगी पर कई पार्टियों के सासंदों ने सवाल उठाने पर गृहमंत्री अमित शाह नाराज़ भी हो गए थे. उनके रवैये पर सदन मे हंगामा भी हुआ था. कई पार्टियों के नेताओं ने सरकार की इसे लेकर कड़ी आलोचना की थी. इससे संसद में तनातनी का माहौल बन गया था.

बहस की तनातनी खत्म करने की कोशिश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संदेश में इन तनातनी को ख़त्म करने की कोशिश की है. उन्होंने मतभेदों को भूलकर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के भविष्य के लिए मिलजुल कर काम करने का आह्वान किया है. पीएम मोदी का यह क़दम क़ाबिले तारीफ माना जा रहा है. ज़ाहिर है पीएम मोदी ने ऐसा करके इस फैसले का विरोध कर रहे हैं. राजनीतिक दलों और उनके बड़े नेताओं के विरोध के तीखे तेवरों को नरम और विरोध की धार को कुंद करने की कोशिश की है.
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पीएम मोदी ने कहा, ‘संसद में किसने मतदान किया, किसने नहीं किया, किसने समर्थन किया, किसने नहीं दिया इससे आगे बढ़कर हमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हित में मिलकर काम करना है. मैं हर देशवासी को यह भी कहना चाहता हूं कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की चिंता हम सभी की चिंता है. 130 करोड़ नागरिकों की चिंता है. उनके सुख-दुख और तकलीफ़ से हम अलग नहीं है, अलग हो भी नहीं सकते.

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370 हटाने की वजहें बताईं

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने जहां जम्मू कश्मीर के साथ-साथ देश की जनता को यह समझाने की पूरी कोशिश की है कि अनुच्छेद 370 को हटाया जाना क्यों जरूरी था. इसके चलते जम्मू-कश्मीर के लोगों को क्या मुश्किलें हो रहीं थीं. पूरा राज्य और राज्य के नागरिक विकास की दौड़ में किस तरह वह पिछड़ रहे थे. अपने संबोधन में पीएम मोदी इसके लिए बग़ैर नाम लिए जम्मू-कश्मीर में लगातार सत्ता अधीन रही पार्टियों को जिम्मेदार ठहराने से नहीं चूके.
उन्होंने कहा, ‘दशकों के परिवारवाद ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं को नेतृत्व का अवसर ही नहीं दिया. अब युवा जम्मू-कश्मीर के विकास का नेतृत्व करेंगे और उसे नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे. मैं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के नौजवानों और बहन बेटियों से विशेष आग्रह करूंगा कि अपने इलाक़े के विकास की कमान खुद संभालिए. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में दुनिया की सबसे बड़ी टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनने की क्षमता है. इसके लिए ज़रूरी बदलाव किए जा रहे हैं मगर इसमें हर हिंदुस्तानी का साथ चाहिए. ’


सुरक्षा कड़ी करने के भी कारण बताया

जम्मू कश्मीर पर अहम फैसला लेते वक्त पूरे राज्य को छावनी में बदलने के मोदी सरकार के फैसले पर देश ही बल्कि दुनिया भर में आलोचना हो रही है. पीएम मोदी ने इसे जायज़ ठहराते हुए इन क़दमों को एहतियात के लिए जरूरी बताया है. और जम्मू कश्मीर के लोगों को भरोसा दिलाया है उनकी परेशानियां बहुत जल्द दूर होंगी. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की शोपियां में स्थानीय लोगों के साथ तस्वीरें और वीडियो वायरल होने का जिक्र किए बगैर मोदी ने कहा है कि कश्मीर के लोगों को भले ही परेशानी हो रही हो. लेकिन उसका मुकाबला भी वहीं के लोग कर रहे हैं. सरकार को सहयोग भी कर रहे हैं. जो मुट्ठी भर लोग वहां के हालात बिगाड़ना चाहते हैं उन्हें जवाब भी वहीं के लोग दे रहे हैं.

घाटी में तेज़ी से हालात सामान्य हो रहे हैं


जम्मू-कश्मीर के लोगों की तारीफ

मोदी ने इस सहयोग के लिए राज्य के लोगों की तारीफ़ करते हुए उनका दिल जीतने की पूरी कोशिश की है.
उन्होंने कहा, ‘हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि आतंकवाद और अलगाववाद को बढ़ावा देने की पाकिस्तान की कोशिशों के विरोध में जम्मू-कश्मीर के लोग डटकर खड़े है. भारत के संविधान में विश्वास रखने वाले भाई-बहन अच्छा जीवन जीने के अधिकारी हैं. उनके सपनों को साकार करने के लिए उन्हें मौक़ा मिले, यह उनका हक़ है. हमें उन सब पर गर्व है.’


बकरीद पर परेशानी न होने देने का आश्वासन

क़ुर्बानी का त्यौहार ईद-उल-ज़ुहा नज़दीक है. यह सवाल उठ रहा है कि जम्मू कश्मीर में लोग बंदूकों के साए में ये त्योहार कैसे मनाएगें. पीएम मोदी ईद की मुबारकबाद देने के साथ ही इसे मनाने के लिए शांति पूर्ण माहौल देने का भरोसा दिलाया है.
उन्होंने कहा, ‘मैं जम्मू-कश्मीर के साथियों को भरोसा देता हूं कि धीरे-धीरे हालात सामान्य हो जाएंगे और उनकी परेशानी भी कम होती चली जाएगी. ईद का मुबारक़ त्योहार भी आने वाला है. इसलिए मेरी ओर से आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं. सरकार इस बात का ध्यान रख रही है कि जम्मू-कश्मीर में ईद मनाने में लोगों को कोई परेशानी न हो.’


कश्मीर के लोगों के बलिदान को याद किया

मोदी ने अपने इस संबोधन में कश्मीर के लिए कश्मीरी लोगों के बलिदान को याद करके उन्हें एहसास दिलाने की कोशिश किया कि उनके बलिदान को न जम्मू-कश्मीर की जनता भूली है और न ही देश भूला है. ऐसा करके मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर के लोगों को यह एहसास दिलाने की कोशिश की है कि उनके बलिदान को का देश हमेशा सम्मान करता रहेगा. साथ ही सरकार के इस फैसले पर देश में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश में लगे लोगों को भी आइना दिखाने की कोशिश की है की जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से जम्मू-कश्मीर का ही मुसलमान टक्कर ले रहा है.

'मुस्लिम विरोधी नहीं है सरकार'

पीएम मोदी ने बड़े ही सधे हुए अल्फाज़ में जम्मू-कश्मीर के लोगों में अपनी सरकार पर लगने वाले मुस्लिम विरोधी छवि के आरोपों को हटाने की भी कोशिश की है. उन्होंने कहा,
‘जम्मू-कश्मीर हमारे देश का मुकुट है, यह हम बचपन से सुनते आए हैं, गर्व करते हैं इस पर. इसकी रक्षा के लिए जम्मू-कश्मीर के अंसख्य बेटे-बेटियों ने बलिदान दिया है. पुंछ ज़िले के मौलवी गुलामदीन, जिन्होंने 65 की लड़ाई में घुसपैठियों के बारे में भारतीय सेना को बताया था. उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था. कर्नल सोनम वांगुचक ने कागरिल में घुसपैठियों को धूल चटा दी थी. उन्हें महावीर चक्र मिला था. राजौरी की रुखसाना कौसर ने एक बड़े आतंकी को मार गिराया था, उन्हें भी कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया था.’


पीएम मोदी नेताओं से मिलते हुए


शहीद जवान औरंजेब को भी याद किया

इस मौक़े पर मोदी ने कुछ महीनों पहले शहीद हुए जम्मू-कश्मीर के जवान औरंगज़ेब को भी याद करके घाटी के लोगों के ज़ख्मों पर मरहम मलगाने की कोशिश की है.
उन्होंन कहा, ‘पुंछ के शहीद औरंगज़ेब, जिनकी आतंकियों ने पिछले साल हत्या कर दी थी, उनके दोनों भाई सेना में भर्ती होकर देश की सेवा कर रहे हैं. ऐसे वीर बेटे-बेटियों की लिस्ट बहुत लंबी है. आतंकियों से लड़ते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनेक जवान और अफ़सर भी शहीद हुए हैं. निर्दोष नागरिक भी मारे गए हैं. देश के अन्य हिस्सों से भी हज़ारों को हमने खोया है. इन सभी का सपना है- शांत, सुरक्षित और समृद्ध जम्मू-कश्मीर बनाने का. उनके सपने को हमें मिलकर पूरा करना है.’


अपने भाषण के आखिरी हिस्से में मोदी ने जताई है कि उनकी सरकार का यह फैसला जम्मू कश्मीर और लद्दाख के साथ-साथ पूरे भारत की आर्थिक तरक्की में मददगार साबित होगा दुनिया के इस हिस्से में शांति आएगी तो विश्व शांति की कोशिशों को बहुत मजबूती मिलेगी इसी के साथ उन्होंने जम्मू कश्मीर की जनता से इन शब्दों में नए भारत नए नए भारत के साथ नई जम्मू कश्मीर और नए लद्दाख का निर्माण करने की अपील की है.


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First published: August 9, 2019, 9:38 AM IST
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