रिपोर्ट में खुलासा- कॉर्बेट नेशनल पार्क में हाथियों को मारकर खा रहे हैं बाघ

कॉर्बेट नेशनल पार्क के अधिकारियों की पड़ताल में ये चिंताजनक रुझान सामने आए हैं, क्योंकि बाघ आम तौर पर हाथियों को नहीं खाते हैं.

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Updated: June 17, 2019, 8:55 AM IST
रिपोर्ट में खुलासा- कॉर्बेट नेशनल पार्क में हाथियों को मारकर खा रहे हैं बाघ
बाघ आम तौर पर हाथियों को नहीं खाते हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Updated: June 17, 2019, 8:55 AM IST
उत्तराखंड के कॉर्बेट नेशनल पार्क में बाघ, हाथियों की जान ले रहे हैं और कुछ मामलों में उन्हें खा भी रहे हैं. एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि बाघ खासकर कम उम्र के हाथियों को शिकार बना रहे हैं.

वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि उद्यान के अधिकारियों की पड़ताल में ये चिंताजनक रुझान सामने आए हैं, क्योंकि बाघ आम तौर पर हाथियों को नहीं खाते हैं. अध्ययन के मुताबिक 2014 से 31 मई 2019 के बीच जानवरों के बीच लड़ाई में कुल नौ बाघ, 21 हाथी और छह चीता मृत पाए गए.

वन्यजीव विशेषज्ञों ने कहा, ‘तीन प्रजातियों के बीच कुल 36 मामलों में 21 केवल हाथियों के मामले थे. बहरहाल, काफी आश्यर्चजनक पहलू यह था कि करीब 60 फीसदी जंगली हाथियों के मौत के मामले (13 मामले) बाघों के हमले में सामने आए और वह भी खासकर कम उम्र के हाथियों पर बाघों ने हमले किए.’

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IFS अधिकारी बोले-
वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी और राष्ट्रीय उद्यान के प्रभारी संजीव चतुर्वेदी ने कहा कि बाघों द्वारा हाथियों के खाने की घटना अद्भुत है. उद्यान के निदेशक चतुर्वेदी ने कहा, ‘इसका एक कारण यह हो सकता है कि सांभर और चीतल जैसे प्रजातियों के शिकार की तुलना में हाथी के शिकार में बाघों को कम ऊर्जा और प्रयास की जरूरत पड़ती है.  हाथी को मारने से उन्हें काफी मात्रा में भोजन मिल जाता है.’

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय उद्यान की पारिस्थितिकी भी अद्भुत है क्योंकि यहां 225 बाघ और करीब 1100 जंगली हाथी हैं जबकि रणथम्भौर, कान्हा और बांधवगढ़ जैसे दूसरे राष्ट्रीय उद्यानों में मुख्यत: बाघ हैं.
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First published: June 17, 2019, 8:21 AM IST
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