टीका उत्सव के पहले दिन ओडिशा में बंद रहे 900 कोरोना वैक्सीनेशन सेंटर, केंद्र पर राजधर्म नहीं निभाने का आरोप

असम के तेजपुर में एक महिला स्वास्थ्यकर्मी को कोरोना टीका देती एक नर्स. (पीटीआई फाइल फोटो)

असम के तेजपुर में एक महिला स्वास्थ्यकर्मी को कोरोना टीका देती एक नर्स. (पीटीआई फाइल फोटो)

Odisha Vaccination Site Shut: परिवार कल्याण निदेशक विजय पाणिग्रही ने कहा कि राज्य में 1,400 केन्द्रों में से केवल 579 में ही टीकाकरण कार्यक्रम चल रहा है.

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भुवनेश्वर. देशभर में रविवार को एक ओर जहां कोविड-19 रोधी विशेष टीकाकरण अभियान यानि 'टीका उत्सव' की शुरुआत हुई, तो वहीं दूसरी ओर ओडिशा में खुराकों की कमी के चलते कम से कम 900 टीकाकरण केन्द्र बंद रहे, जिसके बाद राज्य में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया.



परिवार कल्याण निदेशक विजय पाणिग्रही ने कहा कि राज्य में 1,400 केन्द्रों में से केवल 579 में ही टीकाकरण कार्यक्रम चल रहा है. यदि नयी खुराकें नहीं आईं तो सोमवार को कई जगहों पर टीकाकरण कार्यक्रम रोकना पड़ेगा. वहीं, श्रम मंत्री सुशांत सिंह ने केन्द्र पर राजधर्म नहीं निभाने और टीकों के वितरण में ओडिशा से भेदभाव का आरोप लगाया, तो भाजपा विधायक मुकेश महालिंग ने कहा कि ओडिशा समेत पूर्वी भारत केन्द्र सरकार की प्राथमिकता सूची में शामिल है.



पाणिग्रही ने कहा, ''शनिवार तक राज्य में कोविशील्ड की 2,33,658 जबकि कोवैक्सीन टीके की 77,960 खुराकें थीं. आज शाम टीकाकरण का काम पूरा होने के बाद हमें पता चल पाएगा कि वास्तविक स्थिति क्या है. मुझे लगता है कि आज सारा स्टॉक खत्म हो जाएगा.'' वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जिन जिलों में कोविड-19 के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं, वहां टीके भेजे जा रहे हैं.



देशभर में 11 से 14 अप्रैल तक चार दिवसीय टीका उत्सव पर पाणिग्रही ने कहा कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक भी टीका बर्बाद न हो और सभी लोगों को टीके लगाए जाएं. टीका उत्सव के लिये राज्य में 25 लाख टीकों की मांग की गई थी, लेकिन केवल 2.5 लाख टीके ही उपलब्ध कराए गए.


राज्य के श्रम मंत्री सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ''आंकड़े बताते हैं कि भाजपा शासित राज्यों को टीकों के वितरण में प्राथमिकता दी जा रही है. कहां गया, सबक साथ सबका विकास का नारा? यह राजा का कर्तव्य है कि वह सभी के इलाज का प्रबंध करे. यही राजधर्म होता है.''





भाजपा विधायक महालिंग ने सिंह की टिप्पणी को ''गैर जिम्मेदाराना'' करार देते हुए कहा, ''वह मंत्री हैं और उनके इस गैर जिम्मेदाराना बयान को स्वीकार नहीं किया जा सकता. राजनीतिक आधार पर राज्यों के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा. ओडिशा को जल्द ही आवश्यकता के अनुसार टीके मिल जाएंगे.''


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