मेट्रो में तकनीकी गड़बड़ी पर नाराज हुए कैलाश गहलोत, मांगी 2011 से अब तक की रिपोर्ट

येलो लाइन पर तकनीकी खामी आने के कारण कम से कम चार घंटे तक सेवा बाधित रही जिससे हजारों यात्री सड़क पर, मेट्रो कोच के भीतर फंसे रहे.

News18Hindi
Updated: May 22, 2019, 5:39 PM IST
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Updated: May 22, 2019, 5:39 PM IST
दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन पर मंगलवार सुबह तकनीकी गड़बड़ी के कारण गुरुग्राम से दक्षिणी दिल्ली के बीच कई सड़कों पर भीषण जाम लगा रहा. गुरुग्राम में हुडा सिटी सेंटर और दिल्ली में समयपुर बादली को जोड़ने वाली 49 किलोमीटर लंबी लाइन पर सुबह नौ बजकर 32 मिनट पर सेवा बाधित हो गई. डेढ़ बजे के बाद ही सामान्य सेवाएं बहाल हो पाई.

दिल्ली के परिवहन मंत्री ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक को 2011 से दिल्ली मेट्रो की सेवाओं में अवरोध आने की सभी घटनाओं की जानकारी मांगी है. साथ ही सेवा बाधित होने की वजह भी बताने को कहा गया है.



परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने डीएमआरसी को लिखे एक पत्र में कहा है कि मंगलवार को दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन पर सेवाओं के बाधित रहने के दौरान दो ट्रेनों से यात्रियों को बाहर निकालने में बहुत ज्यादा वक्त लगा. मंत्री ने कहा है कि डीएमआरसी को ऐसी घटनाओं के बारे में अपने ट्विटर हैंडल से लोगों को अवगत कराना चाहिए ताकि कोई अफरातफरी नहीं हो और लोग घटना से वाकिफ रहे.

येलो लाइन पर तकनीकी खामी आने के कारण कम से कम चार घंटे तक सेवा बाधित रही जिससे हजारों यात्री सड़क पर, मेट्रो कोच के भीतर फंसे रहे. इस वजह से गुरुग्राम से नयी दिल्ली की ओर जाने वाली सड़क पर यातायात भी प्रभावित हुआ.

बिजली बनी वजह

डीएमआरसी के एक अधिकारी ने बताया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण कुतुब मीनार और सुल्तानपुर स्टेशन पर दो ट्रेनें फंस गयी और यात्रियों को निकटवर्ती मेट्रो स्टेशन की ओर निकालने का फैसला किया गया. डीएमआरसी के मुताबिक एक ट्रेन कुतुब मीनार और छतरपुर के बीच थी और दूसरी ट्रेन छतरपुर और सुल्तानपुर के बीच थी. पहली ट्रेन से सभी यात्रियों (करीब 2600) को कुतुब मीनार स्टेशन की ओर सुरक्षित निकाला गया जबकि दूसरी ट्रेन के यात्रियों को छतरपुर मेट्रो स्टेशन की ओर निकाला गया.

कई लोग नहीं जा पाए ऑफिस
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मंगलवार सुबह सुल्तानपुर और कुतुब मीनार के बीच कोई ट्रेन नहीं चल रही थी. कुछ लोग कुतुब मीनार स्टेशन पर ट्रेन से उतरकर पटरियों पर चलने लगे तो कुछ डिब्बों में फंस गए. इस वजह से कई लोग अपने दफ्तर नहीं जा सके तो कई देर से ऑफिस पहुंचे. मेट्रो की सेवा के खराब होने से रेडियो कैब और ऑटो ने किराया बढ़ा दिया. जिन लोगों के पास खुद की गाड़ी थी उन्हें जाम ने परेशान किया. दो घंटे से ज्यादा वक्त यातायात जाम लगा रहा.

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