उन्नाव रेप केस: पीड़िता गायब हुई, आत्मदाह की कोशिश की, फिर पिता की संदिग्ध मौत और अब एक्सीडेंट!

इस हादसे के बाद पीड़िता और उसका वकील दोनों वेंटिलेटर पर है. दोनों की हालत गंभीर लेकिन स्थिर है. पीड़िता के एक पैर की हड्डी टूट गई है और उसके सिर में चोटें आई हैं.

News18Hindi
Updated: July 29, 2019, 6:29 PM IST
उन्नाव रेप केस: पीड़िता गायब हुई, आत्मदाह की कोशिश की, फिर पिता की संदिग्ध मौत और अब एक्सीडेंट!
सीबीआई ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को नाबालिग से रेप का आरोपी बनाया. (तस्वीर- न्यूज़18)
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Updated: July 29, 2019, 6:29 PM IST
रायबरेली के पास रविवार को हुए एक सड़क हादसे में उन्नाव रेप केस मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. कार और ट्रक की टक्कर में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई, जबकि हादसे में वकील महेंद्र सिंह चौहान और रेप पीड़िता की हालत गंभीर है.

इस घटना के बाद रेप केस के मुख्य आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, उनके भाई मनोज सिंह सेंगर समेत 10 लोगों को नामजद किया गया है जबकि 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

लेकिन ये पहला मामला नहीं है जबकि रेप पीड़िता और उसके परिवार की जान को खतरा हुआ हो. 2017 में जबसे ये मामला सामने आया है तबसे ही लड़की पहले गायब हुई फिर उसके पिता की मौत हो गई और अब यह हादसा हो गया. आइये जानते हैं इस केस में अब तक क्या-क्या हो चुका है.-

4 जून 2017- उन्नाव की रहने वाली 17 साल की किशोरी ने आरोप लगाया कि वो अपने किसी रिश्तेदार के साथ बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर के घर नौकरी मांगने गई. वहां विधायक ने उसका रेप किया.

11 जून 2017- पीड़िता अचानक गायब हो गई.

12 जून 2017- मां ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई.

20 जून 2017- गायब होने के 9 दिन बाद पीड़िता को औरैया के एक गांव से पुलिस ने बरामद किया और अगले दिन उन्नाव लाया गया.
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आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की फाइल फोटो


22 जून 2017- पुलिस ने पीड़िता को कोर्ट में पेश किया. यहां 164 सीआरपीसी के तहत पीड़िता के बयान दर्ज किए गए. पीड़िता ने इस बयान में 4 जून 2017 की घटना का ज़िक्र करते हुए विधायक का नाम शामिल नहीं किया. हालांकि बाद में उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने बयान में विधायक का नाम नहीं लेने दिया.

30 जून 2017- पुलिस ने पीड़िता को उसके परिजनों को सौंप दिया. तब पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगा. किशोरी के चाचा ने एसआईटी को जो बयान दिए, उसके अनुसार वह 30 जून 2017 को पीड़िता को लेकर दिल्ली चले गए थे.

1 अगस्त 2017- इस पूरे घटनाक्रम के करीब एक महीने बाद कोर्ट में चार्जशीट फाइल हुई, दो अभियुक्त गिरफ्तार हुए.

17 अगस्त 2017- पीड़िता ने पहली बार 4 जून की घटना को लेकर अलग-अलग स्तरों पर शिकायत दी. लेकिन 164 सीआरपीसी के बयान में विधायक का जिक्र न होने के कारण स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई नहीं की.

24 फरवरी 2018- आखिरी शिकायत दर्ज कराने के करीब 6 माह बाद किशोरी की मां ने उन्नाव के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में सीआरपीसी के सेक्शन 156 (3) के तहत एफआईआर दर्ज कराने की मांग की.

3 अप्रैल 2018- एफआईआर दर्ज कराने की मांग के बाद पीड़िता की मां की अर्जी पर सुनवाई की गई. सुनवाई के बाद उसी दिन पीड़िता के पिता को कथित तौर पर विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह और कुछ अन्य लोगों ने बुरी तरह पीटा.

पुलिस ने इस मामले में उल्टा पीड़िता के पिता पर आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज किया और दो दिन तक उन्हें हिरासत में रखा.



5 अप्रैल 2018- पिता को हिरासत में रखने के बाद उनकी मेडिकल जांच की गई जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया. तब भी पीड़िता के पिता की पिटाई पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.

8 अप्रैल 2018- लड़की ने कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ एफआईआर की मांग करते हुए लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास के सामने सुसाइड करने की कोशिश की.

9 अप्रैल 2018- जिला जेल में शिफ्ट करने के कुछ ही घंटों के बाद जिला अस्पताल में लड़की के पिता की संदिग्ध रूप से मौत हो गई.

10 अप्रैल 2018- मामला बढ़ने के बाद शासन के आदेश पर एसपी ने माखो एसओ समेत 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया वहीं मारपीट के 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

11 अप्रैल 2018- इलाहाबाद हाइकोर्ट ने मामले पर स्वतः संज्ञान लिय. वहीं इस मामले को यूपी सरकार ने सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया.

12 अप्रैल 2018- सीबीआई ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को नाबालिग से रेप का आरोपी बनाया.

13 अप्रैल 2018- आरोपी बनाने के अगले ही दिन सेंगर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया. इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर सेंगर को गिरफ्तार कर लिया गया.

11 जुलाई 2018- करीब दो महीने बाद सीबीआई ने पहली चार्जशीट फाइल की, इसमें कुलदीप सेंगर का नाम था.

आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर


13 जुलाई 2018- दो दिन बाद सीबीआई ने दूसरी चार्जशीट फाइल की. इस चार्जशीट में पीड़िता के पिता को कथित तौर फंसाने के मामले में कुलदीप सेंगर, उनके भाई, तीन पुलिसकर्मी और 5 लोगों का नाम शामिल था.

18 अगस्त 2018- एक गवाह की संदिग्ध तरीके से मौत हो गई, पोस्टमार्टम किए बिना ही जल्दी में उसे दफना दिया गया.

28 जुलाई 2019- अब इन घटनाक्रमों के करीब 1 साल बाद पीड़िता की गाड़ी को ट्रक ने टक्कर मार दी जिसमें चाची और मौसी की मौत हो गई.

इस हादसे के बाद पीड़िता और उसका वकील दोनों वेंटिलेटर पर है. दोनों की हालत गंभीर लेकिन स्थिर है. पीड़िता के एक पैर की हड्डी टूट गई है और उसके सिर में चोटें आई हैं.

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विधायक कुलदीप और उसके भाई समेत 25 पर हत्या की FIR
First published: July 29, 2019, 6:29 PM IST
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