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तिनका जेल न्यूज ने कोरोना जेल समाचारों का रिकॉर्ड बनाया

तिनका जेल न्यूज ने कोरोना जेल समाचारों का रिकॉर्ड बनाया

यह चैनल 51 दिनों तक हर दिन एक से तीन मिनट की अवधि की कहानी कोरोना के दौरान जेलों और उनके योगदान की दुनिया को सामने लाता रहा.

यह चैनल 51 दिनों तक हर दिन एक से तीन मिनट की अवधि की कहानी कोरोना के दौरान जेलों और उनके योगदान की दुनिया को सामने लाता रहा.

COVID-19 के दौरान जेलों की पहल के लिए समर्पित एक विशेष YouTube चैनल के जरिए पिछले 51 दिनों में जेल का नया चेहरा पेश करने वाली 51 कहानियां सामने लाई गई हैं. एक से तीन मिनट के बीच की इन कहानियों में कोरोना के दौरान जेलों और उनके योगदान का जिक्र है.

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    नई दिल्ली. जिला जेल (District jail), मेरठ, उत्तर प्रदेश में बंद कैदियों ने उत्तर प्रदेश की सभी जेलों में अधिकतम मास्क (Mask) बनाए हैं. वे हर रोज 5000 से अधिक मास्क की सिलाई करते हैं. राजस्थान (Rajasthan) की एक जेल के बंदियों ने अपने भोजन का एक हिस्सा बाहर के लोगों को दान करने की पहल की. मध्य प्रदेश की केंद्रीय जेल, जबलपुर में 40 पुरुष और 13 महिला बंदी हर दिन 1500 मास्क बनाने में शामिल हैं. मध्यप्रदेश में लगभग 52 जेलों में यही किया जा रहा है. मॉडल जेल, चंडीगढ़ के बंदियों ने अपनी गाढ़ी कमाई में से 1,11,000 रुपए कोरोना (Corona) के संकट से बचाव के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष को दान में दिए.

    क्या इस तरह की कहानियां आपको पता थीं? ऐसी ही कहानियों को सामने लाने का काम एक यूट्यूब चैनल तिनका तिनका जेल समाचार (tinkatinkaprisonreforms) ने किया है. यह चैनल 51 दिनों तक हर दिन एक से तीन मिनट की अवधि की कहानी कोरोना के दौरान जेलों और उनके योगदान की दुनिया को सामने लाता रहा. इसने तिनका तिनका जेल समाचार को अपनी तरह का पहला YouTube समाचार चैनल (tinkatinkaprisonreforms) बना दिया है जिसने भारत भर की जेलों से समाचार पहुंचाने के लिए खुद को समर्पित किया है. भारत में करीब 1400 जेलें हैं, जिनकी कुल क्षमता 3,96,223 कैदियों की है. तिनका तिनका जेल समाचार एक समय में एक जेल या एक मकसद पर तथ्यात्मक कहानी सुनाता है. इस पहल की शुरुआत मार्च में लॉक़डाउन की शुरुआत के साथ की गई थी. मई से इसे एक नियमित अभ्यास बना दिया गया. यह सभी वीडियो सार्वजनिक हित में बनाए गए हैं.



    तिनका तिनका जेल न्यूज़ जेल सुधारक वर्तिका नन्दा की संकल्पना है. इसका उद्देश्य COVID-19 की वजह से लगाए गए लॉकडाउन के समय जेलों और समाज के बीच की खाई को पाटना है और जेलों के काम को एक मजबूत मंच मुहैया करवाना है. इस पहल की भावना तीन भागों में है- हर स्टोरी में जेल विशेष के ऐतिहासिक महत्व को प्रकट करना, बाहरी दुनिया के लिए कैदियों द्वारा किए गए योगदान का दस्तावेजीकरण करना और जेलों का एक पहलू प्रस्तुत करना जिस पर ध्यान नहीं जाता. एक समय में एक कहानी सुनाकर, इस चैनल ने भारत में जेलों के कम ज्ञात चेहरे को बाहर लाने के लिए खुद को समर्पित किया, खासकर COVID-19 के दौरान. दिलचस्प बात यह है कि चैनल ने सभी महत्वपूर्ण प्रकार की जेलों-केंद्रीय, जिला जेलों , उप-जेलों और महिलाओं की जेलों से कहानियों को उठाया है. चैनल दुनिया में मदद करने के लिए मास्क, सैनिटाइज़र, पीपीई किट और अन्य साधनों के छोटे पैमाने पर प्रयासों में लगे कैदियों के वास्तविक योगदान को जोड़ने में सक्षम रहा है. इन कहानियों में संबंधित अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ कर्मियों के नाम उल्लिखित हैं.

    तिनका तिनका के प्रयासों से पिछले 51 दिनों में जेलों के बदलाव और काम की सच्ची कहानियां दृढ़ता से उभरी हैं. इस श्रृंखला में बंदियों के काम के अलावा रविवार को योग दिवस और विश्व संगीत दिवस जैसे कुछ विशेष दिन और तिनका और बंदियों के कुछ साझे प्रयास भी सरोकार के तौर पर शामिल किए गए. इऩ्हें जेल अधिकारियों और कैदियों के एक छोटे समूह के बीच चुपचाप साझा किया जा रहा था और उन्हें सार्वजनिक चकाचौंध से दूर रखा गया था. 51 दिनों के पूरा होने पर यह दस्तावेज बंदियों और जेल कर्मचारियों के प्रति सम्मान के रूप में सामने आया है. अब यह चैनल जेलों पर साप्ताहिक प्रस्तुतिकरण करेगा.

    Tags: Coronavirus Case, Coronavirus pandemic, COVID 19, Tinka Tinka Jail

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