जेलों के लिए शुरू हुआ 'तिनका तिनका जेल न्यूज़लेटर'

'तिनका तिनका जेल न्यूज़लेटर' जेलों को जेलों से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक कदम है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
'तिनका तिनका जेल न्यूज़लेटर' जेलों को जेलों से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक कदम है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

देश की जेलें अब नियमित न्यूज़ लेटर के ज़रिए आपस में जुड़ सकेंगी. इस न्यूज़ लेटर का मकसद देश भर की जेलों के सृजन को समाज के सामने लाना है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 28, 2020, 11:33 PM IST
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नई दिल्ली. अब देश की जेलें एक नियमित न्यूज़ लेटर के ज़रिए आपस में जुड़ सकेंगी. तिनका तिनका फाउंडेशन द्वारा शुरू की गई इस अनूठी पहल का उद्देश्य देश भर की जेलों के सृजन को समाज के सामने लाना है. इसमें जेल के अधिकारी और स्टाफ़ का जेलों के लिए विशेष योगदान को भी शामिल किया जाएगा. इस न्यूज़लेटर के पहले अंक को भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन सेवाएं)- उत्तरी क्षेत्र श्री ललित वत्स और श्री सुधाकर पाठक ने रिलीज़ किया. इसका पहला अंक 'तिनका तिनका इंडिया अवॉर्ड्स 2019' पर केंद्रित है.

तिनका तिनका फाउंडेशन प्रत्येक वर्ष 'तिनका तिनका इंडिया अवॉर्ड्स' के माध्यम से जेलों में सृजन करने वाले बंदियों और जेलों के लिए विशेष काम कर रहे बंदियों और जेल अधिकारियों का सम्मान करता है. भारत की जेल सुधारक वर्तिका नन्दा ने तिनका तिनका अवॉर्ड्स की परिकल्पना की है. हर वर्ष देश की किसी एक जेल में, जेल अधिकारियो, कर्मचारियों और चयनित बंदियों की उपस्थिति में 'तिनका तिनका इंडिया अवॉर्ड्स समारोह' आयोजित किए जाते हैं. यह इन पुरस्कारों का छठा साल है. 2019 में इसके तहत 13 बंदियों और 8 जेलकर्मियों को सम्मानित किया गया था. इस वर्ष इस अवॉर्ड के लिए पेंटिग की थीम थी- 'जेल में रेडियो'. इन पुरस्कारों को श्री आनन्द कुमार, पुलिस महानिदेशक और महानिरीक्षक, कारागार, उत्तर प्रदेश, श्री सुलखान सिंह, पूर्व पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश और वर्तिका नन्दा, संस्थापक, तिनका तिनका फाउंडेशन के द्वारा लखनऊ की जिला जेल में एक भव्य समारोह में दिया गया था.

Tinka tinka jail
न्यूजलेटर का पहला अंक 'तिनका तिनका इंडिया अवॉर्ड्स 2019' पर केंद्रित है




प्रभावी तरीके से समाज के सामने आएगा जेलों का योगदान
इस वर्ष हिन्दी दिवस के अवसर पर भारत पेट्रोलियम ने भारत की करीब 20 जेलों में जेलों पर लिखी कुछ महत्वपूर्ण पुस्तकें भिजवाने में अपना सहयोग दिया है. 'तिनका तिनका जेल न्यूज़लेटर' जेलों को जेलों से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक कदम है. कोरोना काल के समय में भारतीय जेलों ने बाहरी दुनिया की मदद के लिए कई महत्वपूर्ण काम किए हैं. 'तिनका तिनका' ने लगातार 51 दिनों तक जेलों की ऐसी कहानियों को एकसाथ जोड़ा था. अब इस कड़ी में 'तिनका तिनका जेल न्यूजलेटर' नियमित तौर पर जेलों के योगदान को सहेजते हुए प्रभावी ढंग से समाज के सामने लाएगा.

इस न्यूजलेटर के पहले अंक में पाठक जेल के कई कलाकारों से मिल सकेंगे. छत्तीसगढ़ की बिलासपुर जेल से अजय को 2019 में पेंटिंग में प्रथम पुरस्कार दिया गया था. दूसरा पुरस्कार भोपाल केंद्रीय जेल के संजय फूल सिंह को दिया गया था और तीसरा पुरस्कार उत्तर प्रदेश के दो बंदियों को. 56 वर्षीय निगम पंवार को सहारनपुर जिला जेल से और बरेली से 30 वर्षीय जिला जेल के बंदी दिनेश कुमार को इस पुरस्कार के लिए चुना गया था. इन सभी बंदियों के बनाए स्केच और उनके योगदान को बेहद कलात्मक ढंग से न्यूजलेटर में प्रस्तुत किया गया है. इस न्यूज़लेटर को मुंबई के एक युवा डिजाइनर अनुराग क्षीरसागर ने बनाया है. यह न्यूजलेटर त्रैमासिक रहेगा और हर बार जेल के किसी एक मुद्दे को केंद्र में रखेगा.

(वर्तिका नन्दा जेल सुधारक हैं और तिनका तिनका भारतीय जेलों पर उनकी श्रृंखला है. जेलों पर उनके काम को दो बार लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह मिली है. हाल ही में उन्होंने जेल में महिलाओं और बच्चों की स्थिति पर एक विस्तृत रिपोर्ट को पूरा किया है. उनकी किताबें तिनका तिनका तिहाड़, तिनका डासना और तिनका मध्य प्रदेश- जेल की जिंदगी का सच्चा दस्तावेज हैं.)
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