ममता बनर्जी का दिल्ली दौरा 25 जुलाई को, विपक्ष के बड़े नेताओं संग करेंगी बैठक

पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी (फाइल फोटो)

Mamata Banerjee Delhi Visit: ममता का दिल्ली दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब कोलकाता हाईकोर्ट बंगाल चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहा है. मसले पर NHRC ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, "बंगाल में कानून का राज नहीं है, बल्कि सत्ताधारी पार्टी का शासन है."

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    कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) 21 जुलाई को शहीद दिवस (TMC Martyr's day) के आयोजन की तैयारी में लगी है, कार्यक्रम को ममता बनर्जी वर्चुअली संबोधित करेंगी, जैसाकि उन्होंने पिछले साल किया था. शहीद दिवस के मौके पर बंगाल की सीएम का ये संबोधन विधानसभा चुनावों में टीएमसी की प्रचंड की जीत के बाद बड़ा कार्यक्रम है, और ये पहली बार है जब ममता का संबोधन बंगाल के साथ त्रिपुरा, असम, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के गृह राज्य गुजरात में प्रसारित किया जाएगा.

    माना जा रहा है कि ममता इस वर्चुअल रैली में बीजेपी पर करारा हमला बोल सकती है, बंगाल की मुख्यमंत्री अपने संबोधन के चार दिन दिल्ली आएंगी और कई विपक्ष के नेताओं के साथ मुलाकात करेंगी. ममता बनर्जी के, कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और शरद पवार से मुलाकात करने की संभावना है. हालांकि सबकी निगाहें उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से विपक्षी पार्टियों के बीच गठबंधन की संभावनाओं पर हैं.

    पीएम से भी मिल सकती हैं ममता
    अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने समय दिया तो बंगाल की मुख्यमंत्री उनसे भी मुलाकात कर सकती हैं. ममता का दिल्ली दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब कोलकाता हाईकोर्ट बंगाल चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहा है. बंगाल हिंसा पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, "बंगाल में कानून का राज नहीं है, बल्कि सत्ताधारी पार्टी का शासन है."

    पुलिस गोलीबारी में मारे गए लोगों की याद में शहीद दिवस
    एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, ममता 25 जुलाई को राष्ट्रीय राजधानी रवाना होंगी. पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल सूत्रों ने कहा कि ममता का दिल्ली दौरा 21 जुलाई को कोलकाता में शहीद दिवस रैली के बाद किसी भी दिन हो सकता है. तृणमूल 21 जुलाई 1993 को युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुई पुलिस गोलीबारी में 13 लोगों की मौत की याद में हर साल एक रैली आयोजित करती है. गोलीबारी के समय ममता एक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही थी. वह उस समय कांग्रेस में थीं.

    पढ़ेंः बंगाल में उपचुनाव के लिए समय अनुकूल, EC को सूचित कर दिया गया है: ममता बनर्जी

    बीजेपी विरोधी गठबंधन की अटकलें
    पिछले महीने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार के नयी दिल्ली आवास पर विभिन्न दलों के नेताओं और प्रमुख लोगों की बैठक होने के बाद बीजेपी विरोधी मोर्चे की अटकलों को फिर से बल मिला है. चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर की पवार और गांधी परिवार के साथ कई बैठकें होने के बाद बीजेपी विरोधी गठबंधन की अटकलें फिर से तेज हो गयी. किशोर ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की थी.

    दीदी का बढ़ा कदः टीएमसी नेता
    ममता के राष्ट्रीय राजधानी में कुछ दिन रहने की संभावना है और जाहिरा तौर पर उन्होंने अपनी यात्रा के लिए ऐसा समय चुना है, जब संसद का मानसून सत्र चल रहा होगा और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेता वहीं होंगे. सूत्रों ने कहा कि ममता कुछ अन्य राज्यों की भी यात्रा कर सकती हैं. तृणमूल के एक नेता ने कहा, 'विधानसभा चुनावों में बीजेपी को पराजित करने के बाद ममता दीदी का कद और बढ़ गया है. वह अब 2024 के आम चुनावों से पहले राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी विरोधी और गैर-बीजेपी दलों से संपर्क करना चाहती हैं.'

    - इनपुट भाषा से भी

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