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West Bengal Election 2021: TMC नेता छत्रधर महतो गिरफ्तार, NIA ने देर रात 3 बजे की कार्रवाई

पूर्व नक्सली नेता छत्रधर महतो

पूर्व नक्सली नेता छत्रधर महतो

Chhatradhar Mahto Arrested: बीते साल ही 10 वर्षों तक जेल में रहने के बाद रिहा हुए थे. इसके बाद टीएमसी (TMC) ने उन्हें शामिल कर लिया था. लालगढ़ आंदोलन के समय महतो के साथ मंच पर मौजूद होने के चलते बनर्जी को राजनीतिक दलों ने आड़े हाथों लिया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 28, 2021, 1:24 PM IST
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election) का आगाज हो चुका है. इसी बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने राज्य में बड़ी कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस नेता छत्रधर महतो को गिरफ्तार किया है. मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि महतो की इस गिरफ्तारी के तार साल 2009 में हुई CPI(M) नेता प्रबीर महतो की हत्या से जुड़े हैं. खास बात है कि कभी नक्सल नेता रहे महतो ने बीते साल टीएमसी का दामन थाम लिया था. इसके बाद सत्तारूढ़ टीएमसी की सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) विपक्ष के निशाने पर आ गई थीं.

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट यानि UAPA के तहत महतो की गिरफ्तारी हुई है. उन्हें आज कोर्ट में पेश किया जा सकता है. हालांकि, टीएमसी नेता इससे पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं. वे बीते साल ही 10 वर्षों तक जेल में रहने के बाद रिहा हुए थे. इसके बाद टीएमसी ने उन्हें शामिल कर लिया था. लालगढ़ आंदोलन के समय महतो के साथ मंच पर मौजूद होने के चलते बनर्जी को राजनीतिक दलों ने आड़े हाथों लिया था.

छत्रधर महतो के बारे में बताया जाता है कि वो नक्सली संगठन से जुड़ा हुआ था लेकिन बाद में पश्चिम बंगाल में पुलिस प्रशासन और अर्धसैनिक बलों के लगातार कार्रवाई को देखते हुए कई नक्सली गतिविधियों को छोड़कर स्थानीय नेता बन गया था. पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर सहित झारखंड से सटे सीमावर्ती जिला में छत्रधर महतो अपने आप को एक आदिवासी-दलित नेता के तौर पर पहचान बनाने की कोशिश की. पश्चिम बंगाल के जंगलमहल और मेदिनीपुर इलाके में छत्रधर महतो तृणमूल कांग्रेस (TMC) पार्टी का स्थानीय नेता बन गया था , एनआईए सूत्रों के मुताबिक छत्रधर महतो स्थानीय नेता बन जाने के बाद भी वो लगातार कई नक्सलियों के संपर्क में जुड़े होने की संभावना के मद्देनजर अब उससे इस मसले पर विस्तार से पूछताछ की जाएगी.



गुरुवार को कलकत्ता हाई कोर्ट ने महतो को हफ्ते में तीन बार एनआईए दफ्तर में पेश होने के आदेश दिए थे. NIA ने अदालत के सामने कस्टडी में लेकर पूछताछ करने की मांग की थी. इस पर चीफ जस्टिस टीबीएन राधाकृष्णन और अरिजीत बनर्जी की डिविजन बेंच ने कहा था कि आरोपी को हर हफ्ता सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को सॉल्ट लेक ऑफिस में सुबह 11 बजे पेश होने के लिए कहा था.


कौन हैं छत्रधर महतो?

महतो, नक्सल समर्थित पीपुल्स कमेटी अगेंस्ट पुलिस एट्रोसिटीज (PCAPA) के पूर्व नेता हैं. एनआईए के सूत्रों की अगर मानें तो साल 2011 में  मुठभेड़ के दौरान मारे जा चुके नक्सली नेता किशन जी का जब कई राज्यों में आतंक था, उस वक्त छत्रधर महतो किशन जी का बेहद करीबी साथी रहा था. उसके खिलाफ भी कई मामले थे, लेकिन फिलहाल महतो अब पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस की कोर स्टेट कमेटी के सदस्य के रूप में जंगलमहल क्षेत्र में प्रमुख कार्यकर्ता हैं. महतो के राजनीतिक पकड़ की अगर बात करें तो इसके बारे में ये कहा जाता है कि मुख्यमंत्री बनर्जी व्यक्तिगत तौर पर इसे जानती हैं और एक आदिवासी नेता के तौर पर महतो का प्रयोग कई चुनाव के दौरान इसको चुनाव प्रचार के दौरान आगे रहकर काम करने के तरीके की काफी सराहना भी करती थीं.

यहां तक कि साल 2016 में जेल में रहने के दौरान भी अपने मेदनीपुर इलाके से अपने पकड़ दिखाते हुए टीएमसी के समर्थन में खूब कार्यक्रम करवाए और अपने पोस्टर और कार्यकर्ताओं के द्वारा टीएमसी पार्टी के लिए प्रचार भी करवाया था. हालांकि इस मसले पर एनआईए के अधिकारी औपचारिक तौर पर कोई बयान अभी तक नहीं दिया है, लेकिन एनआईए के सूत्रों का ये भी कहना है कि इसे जब साल 2009 में गिरफ्तार किया गया था. उसी दौरान एफआईआर दर्ज  करने के दौरान उसके खिलाफ देशद्रोह की धाराओं सहित कई संगीन धाराओं को एफआईआर में जोड़ा गया था. इसके साथ ही महतो के खिलाफ साल 2015 में भी कार्रवाई की गई थी , साल 2015 में मेदनीपुर जिला अदालत ने महतो के खिलाफ कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी.
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