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खेला होबे का नारा गढ़ने वाले TMC नेता बोले- ममता हैं मां दुर्गा, शुभेंदु जैसे महिषासुर उन्हें नहीं हरा सकते

TMC प्रवक्ता देबांगशु भट्टाचार्य देव

TMC प्रवक्ता देबांगशु भट्टाचार्य देव

West Bengal Assembly Election 2021: देबांगशु भट्टाचार्य देव कहते हैं 'खेल की आग में वो सब हार जाएंगे. उनके 11 खिलाड़ी होंगे. उनके अपने अंपायर होंगे. वो खुद अपनी पिच और विकेट चुनेंगे. लेकिन हमारे पास एक ही खिलाड़ी (ममता बनर्जी) हैं, जो उन्हें हरा देंगी'

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कोलकाता. पश्चिम बंगाल में इन दिनों हर तरफ चुनाव (West Bengal Assembly Elections) की बहार है. ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ता और नेता 'खेला होबे' के गाने पर थिरक कर जीत का ताल ठोक रहे हैं. टीएमसी के चुनावी प्रचार में इन दिनों खेला होबे गाना वायरल हो गया है. इस गीत को लिखने वाले पार्टी के प्रवक्ता देबांगशु भट्टाचार्य देव (Debangshu Bhattacharya Dev) भी लगातार बीजेपी के नेताओं को चुनौती दे रहे हैं. देव ने बीजेपी के नेता शुभेंदु अधिकारी की तुलना महिषासुर से की है, जबकि उन्होंने ममता बनर्जी को मां दुर्गा बताया है. इसके अलावा देबांगशु ने ये भी कहा है कि इस बार का चुनाव बीजेपी के लिए आसान नहीं होगा.

सीएनएन न्यूज़-18 से बातचीत करते हुए देव ने कहा कि नंदीग्राम से ममता की जीत पक्की है. बता दें कि इस बार यहां ममता की टक्कर टीएमसी के ही पूर्व दिग्गज शुभेंदु अधिकारी से होगी. देव कहते हैं, 'साल 2016 में ममता ने नंदीग्राम में कहा था कि वो सभी 294 सीटों के लिए खुद उम्मीदवार है. उस वक्त शुभेंदु ममता के साथ थे. वो एक घोटाले में शामिल थे. उस वक्त उन्हें ममता की जरूरत थी. ऐसा लग रहा है कि महिषासुर मां दुर्गा के सामने आकर कह रहे हैं कि क्या वो उन्हें गणेश देंगे और फिर वो कहते हैं कि वो उन्हें हरा देंगे. ये महिषासुर की गलती है. उन्हें ये पता होना चाहिए कि गणेश को मां दुर्गा ने ही बनाया था. वो मां दुर्गा से मुकाबला नहीं कर सकते.'

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कैसे आया खेला होबे का नारा
खेला होबे जैसा गीत उन्होंने कैसे लिखा? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, 'ये गीत दरअसल विरोधी को चुनौती देने के लिए लिखा गया है. बीजेपी के प्रदेश प्रमुख दिलीप घोष हर दिन लोगों को मारने और हमला करने की बात करते थे. इसलिए हमने सोचा कि आखिर क्यों हम हिंसा होने दें. राजनीति को खेल कहा जा सकता है. जैसे किसी खेल में दो टीमों के बीच मुकाबला होता है, वैसे ही राजनीतिक पार्टियों के बीच भी टक्कर होती है'.


अकेले लड़ेंगी ममता
देबांगशु भट्टाचार्य देव ने आगे कहा कि उनकी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की जा रही है. लेकिन इसके बावजूद उन्हें जीत की उम्मीद है. उन्होंने कहा, 'खेल की आग में वो सब हार जाएंगे. उनके 11 खिलाड़ी होंगे. वो बूट पहन कर मैदान में उतरेंगे. उनके अपने अंपायर होंगे. वो खुद अपनी पिच और विकेट चुनेंगे. लेकिन हमारे पास एक ही खिलाड़ी है. ये खिलाड़ी (ममता बनर्जी) बूट नहीं पहनते हैं. बल्कि वो हवाई चप्पल पहनती है.'
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