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TMC ने जेडीयू-बीजेडी से पूछा-अगर ये बिल पास हुआ तो आप पोते-पोतियों को क्‍या जवाब देंगे

टीएमसी के राज्‍यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने नागरिकता संशोधन विधेयक को असंवैधानिक बताया.
टीएमसी के राज्‍यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने नागरिकता संशोधन विधेयक को असंवैधानिक बताया.

नागरिकता संशोधन अधिनियम विधेयक 2019 (Citizenship Ammendment Bill 2019) पर राज्यसभा में बहस के दौरान टीएमसी (TMC) के डेरेक ओ ब्रायन (Derek O' Brien) ने जेडीयू और बीजेडी से पूछा सवाल-नागरिकता बिल के समर्थन के बाद जब आपके पोते-पोतियां आपसे पूछेंगे कि कौन सा बटन दबाया तो क्या जवाब देंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 11, 2019, 5:03 PM IST
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नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन अधिनियम विधेयक 2019 (Citizenship Amendment Bill) पर राज्यसभा (Rajya Sabha) में बहस के दौरान तृणमूल कांग्रेस (Trinmool Congress) ने इसका तीखा विरोध किया. बिल का विरोध करते हुए टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन (Derek O Brien) ने इसे असंवैधानिक बताया. उन्होंने कहा, इसमें कई ऐसे प्रावधान हैं जो नाजी शासन के समय लाए गए थे. डेरेके ओ ब्रायन ने इस दौरान बीजेडी (BJD) और जेडीयू (JDU) पर सबसे ज्यादा निशाना साधा. उन्होंने कहा, बीजेडी और जेडीयू से प्रार्थना करता हूं आज आपको स्टैंड लेना पड़ेगा. आपको अपनी आने वाली पीढ़ी को जवाब देना है. अगले 20 साल बाद जब आपके पोते-पोतियां आपसे जवाब मांगेगे कि आपने कौन सा बटन दबाया था तो आप क्या कहेंगे.

डेरेक ओ ब्रायन (Derek O Brien) ने नागरिकता संशोधन अधिनियम विधेयक 2019 की तुलना नाजी जर्मनी में पास हुए बिल से की. उन्होंने कहा, जर्मनी में पारित किए गए और आज लाए गए बिल में एक समानता है, इस बिल में कई ऐसे प्रावधान हैं जो उस समय नाजी शासन के समय लाए गए बिल में थे. उस समय कंसेन्ट्रेशन कैंप थे, आज असम में डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं. वहां आज लाखों बंगाली हिंदुओं को रखा जा रहा है. आज भारत में एक झूठ फैलाया जा रहा है कि देश खतरे में है.

बता दें कि नागरिकता संशोधन अधिनियम विधेयक 2019 लोकसभा में पास होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राज्यसभा में पेश किया. माना जा रहा है कि यहां पर सरकार को कठिन टेस्ट का सामना करना पड़ेगा. बीजेपी अपने दम पर यहां सत्ता में नहीं है. उसे इस बिल को पास कराने के लिए क्षेत्रीय दलों के समर्थन की जरूरत है. इस बिल का विरोध विपक्षी दलों के अलावा कई अल्पसंख्यक समूह कर रहे हैं. इसके अलावा कुछ विदेश समूहों ने भी इस पर अपनी चिंता जाहिर की है. डेरेक ओ ब्रायन ने बहस के दौरान इस बिल को असंवैधानिक बताया. उन्‍होंने कहा हम इसे सुप्रीम कोर्ट में लेकर जाएंगे. लेकिन सुप्रीम कोर्ट में जाने से पहले ये आम लोगों का आंदोलनन बन जाएगा. टीमएसी लोगों को इस बिल के खिलाफ लोगों को बताएगी. ये बिल बंगाल विरोधी और भारत विरोधी है. कोई भी बंगाल के लोगों को देशभक्‍ति नहीं सिखाना चाहिए. इस बात में कोई संदेह नहीं है कि ये बिल असंवैधानिक है.



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