TMC में घर वापसी जारी, अब दीपेंदू बिस्वास बोले- भाजपा में शामिल होना था 'बुरा' फैसला

ममता बनर्जी के साथ दीपेंदु बिस्वास (Twitter/@DipenduBiswas13)

ममता बनर्जी के साथ दीपेंदु बिस्वास (Twitter/@DipenduBiswas13)

सीएम ममता बनर्जी को लिखे अपने पत्र में दीपेंदू बिस्वास ने कहा कि उन्होंने पार्टी छोड़कर एक 'बुरा फैसला' लिया

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कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal) में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद अब तृणमूल कांग्रेस में बागियों के लौटने का क्रम शुरू किया हो गया है. सोनाली गुहा और सरला मुर्मू के बाद टीएमसी बागी दीपेंदू बिस्वास (Dipendu Biswas) ने भी घर वापसी की गुहार लगाई है. बिस्वास ने कहा है कि भाजपा में शामिल होना 'बुरा' फैसला था. पश्चिम बंगाल चुनाव में TMC से टिकट न मिलने के कारण बीजेपी में शामिल होने वाले बिस्वास उत्तर 24 परगना बशीरहाट दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व विधायक हैं.

बनर्जी को लिखे अपने पत्र में, बिस्वास ने कहा कि उन्होंने पार्टी छोड़कर एक 'बुरा फैसला' लिया और वापस लौटना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि पद छोड़ने का उनका निर्णय 'भावनात्मक' था और उन्हें 'निष्क्रिय' होने का डर था. उन्होंने बशीरहाट दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र के लिए काम करने की इच्छा भी व्यक्त की.

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TMC में लौटने वालों की संख्या बढ़ी
चुनाव से पहले पार्टी छोड़ने वाले कई टीएमसी नेता विधानसभा चुनावों में पार्टी प्रचंड जीत के बाद एक बार फिर बनर्जी के दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं. टीएमसी की पूर्व विधायक सोनाली गुहा ने हाल ही में बनर्जी को पत्र लिखकर उनसे पार्टी छोड़ने के लिए माफी मांगी और उन्हें पार्टी में वापस शामिल करने का आग्रह किया. गुहा द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किए गए पत्र में उन्होंने कहा कि भावुक होने के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी.गुहा ने लिखा 'मैं टूटे हुए मन से यह लिख रही हूं कि मैंने भावुक होकर दूसरी पार्टी में शामिल होने का गलत फैसला लिया. मैं वहां नहीं रह सकती.'

गुहा ने चिट्ठी में लिखा 'जिस तरह एक मछली पानी से बाहर नहीं रह सकती है, मैं तुम्हारे बिना नहीं रह पाऊंगा 'दीदी'.  मैं क्षमा चाहती हूं और यदि आपने मुझे क्षमा नहीं किया, तो मैं जीवित नहीं रह पाऊंगी. कृपया मुझे वापस आने दें.'  चार बार विधायक रहे और कभी मुख्यमंत्री की 'छाया' माने जाने वाली गुहा तृणमूल कांग्रेस के नेताओं में शामिल थीं. जो विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हो गए थीं.




उधर, मालदा जिला परिषद सदस्य सरला मुर्मू और उत्तर दिनाजपुर के विधायक अमोल आचार्य ने कहा कि वे भी पार्टी में लौटने के इच्छुक हैं. ममता बनर्जी ने राज्य में चुनाव के दौरान दलबदल पर बोलते हुए कहा था कि पार्टी केवल लोगों के लिए काम करने वालों को टिकट देगी जबकि अन्य पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो सकते हैं.

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