पिता-पुत्र की हिरासत में मौत मामले की छानबीन करेगी CBI, सरकार की मांग पर मद्रास HC ने दी इजाजत

तमिलनाडु के जयराज और बेनिक्स की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी (फाइल फोटो)
तमिलनाडु के जयराज और बेनिक्स की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी (फाइल फोटो)

तमिलनाडु (Tamil Nadu) के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी (K Palaniswami) ने संवाददाताओं से कहा था कि सरकार के निर्णय से मद्रास उच्च न्यायालय (Madras High Court) को सूचित कर दिया जाएगा और केंद्रीय एजेंसी को जांच स्थानांतरित करने से पहले उच्च न्यायालय से अनुमति ली जाएगी.

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नई दिल्ली. तमिलनाडु सरकार (Tamil Nadu Government) की तूतीकोरिन (Thoothukudi) में पिता-पुत्र की हिरासत में हुई मौत (Custodial Death) के मामले को सीबीआई (CBI) को सौंपे जाने पर मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court)  की मदुरई बेंच (Madurai Bench) ने कहा है कि उसे इस पर कोई आपत्ति नहीं है. वह राज्य सरकार (State Government) के फैसले में कोई दखल नहीं देगा. मद्रास हाईकोर्ट ने यह बात तब कही जब तमिलनाडु सरकार ने उससे मामले को जांच के लिए सीबीआई को सौंपे जाने से पहले अनुमति मांगी थी.

बता दें कि मद्रास हाईकोर्ट ने यह बात तमिलनाडु सरकार (Tamil Nadu Government) के तूतीकोरिन जिले (Thoothukudi District) में पिता-पुत्र की हिरासत में मौत (Custodial Death) के मामले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने के निर्णय के एक दिन बाद कही है. दोनों की मौत कथित तौर पर पुलिस उत्पीड़न (Police Harassment) के कारण हुई थी. यह बात रविवार को मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी (K Palaniswami) ने कही.

सीएम ने सीबीआई जांच से पहले हाई कोर्ट की अनुमति लेने की कही थी बात
इससे पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने संवाददाताओं से कहा था कि सरकार के निर्णय से मद्रास उच्च न्यायालय (Madras High Court) को सूचित कर दिया जाएगा और केंद्रीय एजेंसी को जांच स्थानांतरित करने से पहले उच्च न्यायालय से अनुमति ली जाएगी. पलानीस्वामी ने कहा, ‘‘सरकार ने निर्णय किया है कि सीबीआई (CBI) मामले की जांच करेगी.’’ बता दें कि इस घटना की राष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया हुई जिसके बाद दो उपनिरीक्षकों सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया.




लॉकडाउन समयसीमा के बाद दुकान खुली रखने पर हिरासत में लिए गये थे
पी जयराज (60) और जे बेनिक्स (31) को तूतीकोरिन पुलिस स्टेशन में 19 जून को लॉकडाउन आदेश के समय के बाद भी दुकान खुला रखने के लिए गिरफ्तार किया गया था. जयराज के परिवार के सदस्यों ने दावा किया था पुलिस ने उन्हें उनकी मोबाइल की दुकान से उठाया था और उन्हें बुरी तरह पीटा था. जिसके बाद बेनिक्स अपने पिता को छोड़ने की गुजारिश करने पुलिस स्टेशन गया था.

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इस मुद्दे को लेकर डीएमके ने सरकार पर मामला दबाने के आरोप लगाए थे और कहा था कि मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले ही घोषणा कर दी थी कि बेनेक्स की मौत सांस न ले पाने के चलते और उनके पिता की मौत किसी बीमारी से हुई. वहीं DMK प्रमुख एमके स्टालिन ने पीड़ितों के परिवार को पैसे देने के सरकार के कदम पर भी सवाल उठाया है, जिसमें कहा गया है कि अगर यह प्राकृतिक मौतें थीं तो मुआवजे की आवश्यकता क्यों हुई.
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