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कर्नाटक: विस्तार में देरी के बीच CM येडियुरप्पा ने 13 विधायकों को दी कैबिनेट रैंक की नियुक्तियां

माना जा रहा है कि येडियुरप्पा ने यह फैसला बीजेपी (BJP) विधायकों को शांत करने के लिए लिया है. (फाइल फोटो)
माना जा रहा है कि येडियुरप्पा ने यह फैसला बीजेपी (BJP) विधायकों को शांत करने के लिए लिया है. (फाइल फोटो)

कैबिनेट विस्तार को लेकर सीएम बीएस येडियुरप्पा (CM BS Yediyurappa) पर भी काफी दबाव है. वहीं, उन्हें पार्टी हाईकमान की तरफ से कोई फैसला नहीं सुनाया गया है. फिलहाल कैबिनेट में 27 मंत्री हैं, जबकि यहां कुल संख्या 34 है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 17, 2020, 10:56 AM IST
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बेंगलुरु. कर्नाटक में अभी भी कैबिनेट विस्तार को लेकर कोई फैसला नहीं आ पाया है. इसी बीच राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा ने बड़ा कदम उठाते हुए 14 कैबिनेट रैंक की नियुक्तियां की हैं. इसके अलावा 4 मंत्रियों को राज्य मंत्री रैंक पर नियुक्त किया गया है. येडियुरप्पा ने यह घोषणा बुधवार को की है. खास बात है कि राज्य में कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया महीनों से चली आ रही है. जिसकी वजह से पार्टी के अंदर नया विवाद खड़ा हो रहा है.

माना जा रहा है कि येडियुरप्पा ने यह फैसला बीजेपी (BJP) के उन विधायकों को शांत करने के लिए लिया है, जो बेहतर काम कर रहे थे, लेकिन कैबिनेट में जगह नहीं बना पा रहे थे. येडियुरप्पा ने 13 विधायकों को सरकारी बोर्ड और कॉर्पोरेशन का अध्यक्ष बनाया है. एक अन्य नियुक्ति में सरकार ने रिटायर्ड अधिकारी को सीएम का मीडिया सलाहकार बनाया है. सरकार की तरफ से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि ये नियुक्तियां कैबिनेट मंत्री की रैंक की होंगी.

यह भी पढ़ें: कर्नाटक: बीएस येदियुरप्पा के राजनीतिक सचिव ने की आत्महत्या की कोशिश



7 सीटों पर होनी हैं नियुक्तियां
खास बात है कि कैबिनेट विस्तार को लेकर येडियुरप्पा पर भी काफी दबाव है. वहीं, उन्हें पार्टी हाईकमान की तरफ से कोई फैसला नहीं सुनाया गया है. फिलहाल कैबिनेट में 27 मंत्री हैं, जबकि यहां कुल संख्या 34 है. खास बात है कि कांग्रेस और जेडीएस का साथ छोड़कर आए नेता कह रहे हैं कि उन्हें कहा गया था कि बीजेपी को सत्ता में लाने के लिए अपनी पार्टी छोड़ने पर उन्हें कैबिनेट में इनाम दिया जाएगा. वहीं, बीजेपी विधायकों का कहना है कि पार्टी में पहले ही कई नए लोग शामिल हो गए हैं. ऐसे में उन्हें भी वफादारी का ईनाम मिलना चाहिए.

आमतौर पर मुख्यमंत्री कैबिनेट में 2-3 सीट खाली छोड़ देते हैं, ताकि लोगों की उम्मीदें बनी रहे हैं, लेकिन अगर येडियुरप्पा सभी सीटों को भरने का फैसला करते हैं तो वह दो धड़ों के बीच दुविधा में फंस सकते हैं. बुधवार को की गईं नियुक्तियों को कुछ नेताओं को खुश करने के तौर पर देखा जा रहा है. ये नई नियुक्तियां वरिष्ठता, क्षेत्र और जात के आधार पर की गईं हैं.
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