अर्थव्यवस्था की समस्या से निपटने के लिए RBI और सरकार के बीच बातचीत ज़रूरीः नायडू

उपराष्ट्रपति वैंकैया नायडू

नायडू ने कहा कि अगर देश लगातार सुधार की दिशा में आगे बढ़ता है तो यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा.

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    उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने मंगलवार को कहा कि अर्थव्यवस्था पर असर डालने वाली समस्याओं के समाधान के लिए सरकार और आरबीआई के बीच लगातार बातचीत होती रहनी चाहिए. यह बात उन्होंने रिज़र्व बैंक और सरकार के बीच हाल ही में हुए विवाद के मद्देनज़र कही.

    कैश की कमी का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कुछ लोगों ने व्यवस्था के साथ गड़बड़ी की जिससे पूरी इंडस्ट्री प्रभावित हुई. उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी को खुद से इस बारे में विचार करना चाहिए. राजनेताओं और इंडस्ट्री को विचार करना चाहिए. कुछ लोगों ने व्यवस्था के साथ गड़बड़ी की. बैंकों ने सभी को कर्ज दिया.’’

    नायडू ने कहा, ‘‘आरबीआई ने उस समय कुछ नहीं किया और अब उन्होंने हर नियम कड़े कर दिए इसलिए दिक्कत हो रही है.’’ उपराष्ट्रपति ने कहा कि इन समस्याओं का विश्लेषण करना होगा और समझना होगा. रिजर्व बैंक और सरकार को लगातार बातचीत करनी चाहिए.

    भारतीय कपड़ा उद्योग परिसंघ (सीआईटीआई) के हीरक जयंती समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘इसका कोई मतलब नहीं है कि कौन ताकतवर है और कौन अंतिम फैसला करता है. अंतिम प्राधिकार जनता और उनके हित हैं. जो भी व्यवस्था बनायी गयी है, वह लोगों की भलाई के लिए है.’’

    नायडू ने कहा, ‘‘इसीलिए उन्हें मीडिया के माध्यम से बातचीत के बजाए बैठ कर बातें करनी चाहिए और वास्तविक समस्याओं के समाधान निकालने चाहिए.’’ केंद्रीय बैंक के साथ बढ़ते तनाव के साथ वित्त मंत्रालय ने इससे पहले आरबीआई कानून की धारा-7 के तहत चर्चा की मांग की थी. यह प्रावधान सरकार को आरबीआई गवर्नर को निर्देश देने का अधिकार देता है. यह पहली बार हुआ जब सरकार ने इस धारा का उपयोग करने की बात कही.

    आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने पिछले महीने केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता की बात की थी. उन्होंने दलील देते हुए कहा था कि अगर इससे समझौता किया गया तो यह अर्थव्यवस्था के लिए काफी नुकसानदायक साबित होगा.

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    उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि भारत निवेश के लिये पंसदीदा गंतव्य है और विश्वबैंक तथा विश्व आर्थिक मंच जैसे संगठनों का विचार है कि अगर देश लगातार सुधार की दिशा में आगे बढ़ता है तो यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. उन्होंने जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में तीन प्रतिशत योगदान देने वाले कपड़ा उद्योग से चौथी इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन की मांग के अनुरूप नई तकनीक को अपनाने की बात कही. इस मौके पर कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि सरकार ने कपड़ा उद्योग के विकास के लिए कमर कस रखी है.

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