सर्वे में लोगों ने मास्क न पहनने वालों पर 10000 तक के जुर्माने का समर्थन किया

88% नागरिक मास्क न पहनने वालों पर भारी जुर्माना लगाने के सरकार के कदम के पक्ष में हैं (सांकेतिक फोटो)
88% नागरिक मास्क न पहनने वालों पर भारी जुर्माना लगाने के सरकार के कदम के पक्ष में हैं (सांकेतिक फोटो)

88% नागरिक मास्क न पहनने वालों पर भारी जुर्माना (Heavy fines) लगाने के सरकार के कदम के पक्ष में हैं. सर्वे में दिखाया गया है कि लोगों ने कहा है कि ऐसे लोग जो मास्क नहीं पहने रहे हैं, उनके डीबीटी लाभों (DBT benefits) को खत्म किए जाना और इसे आधार कार्ड (Aadhaar card) से जोड़े जाने का विकल्प होना चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 29, 2020, 5:49 AM IST
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(स्नेहा मोर्दानी)

नई दिल्ली. मास्क पहनने (wearing a mask) के गलत तरीके, इसे पहनने की अनिच्छा और इसके प्रभाव. कोरोना वायरस महामारी (coronavirus pandemic) को देखते हुए फिलहाल हमारा जीवन आठ महीने से इन सवालों (questions) के इर्द-गिर्द घूम रहा है. प्रकट तौर से यह लग सकता है कि अधिकांश लोग मास्क (Mask) पहनने को लेकर उत्साही नहीं हैं, लेकिन लोकलसर्किल की ओर से किए गए एक सर्वेक्षण (survey) में सामने आए नतीजे इससे अलग हैं.

88% नागरिक मास्क न पहनने वालों पर भारी जुर्माना (Heavy fines) लगाने के सरकार के कदम के पक्ष में हैं. सर्वे में दिखाया गया है कि लोगों ने कहा है कि ऐसे लोग जो मास्क नहीं पहने रहे हैं, उनके डीबीटी लाभों (DBT benefits) को खत्म किए जाना और इसे आधार कार्ड (Aadhaar card) से जोड़े जाने का विकल्प होना चाहिए. यह दिलचस्प है क्योंकि हमारे आसपास के अधिकांश लोग तेजी से मास्क पहनना कम कर रहे हैं. सर्वेक्षण में पाया गया है कि एक सार्वजनिक बाजार (public market) में 10 में से 2 लोगों के पास अपना मास्क (mask) भी नहीं है. और इन्हीं 10 में से 5 व्यक्ति इसे गलत तरीके से पहनते हैं.



88% लोगों ने कहा कि मास्क पहनना अनिवार्य होना चाहिए
सर्वेक्षण में शामिल केवल 12% लोगों ने कहा कि वे नहीं चाहते कि सरकार मास्क पहनना अनिवार्य करे. 88% लोग जो मास्क पहनने को अनिवार्य मानते हैं, उनमें से कई ने कहा कि अगर दूसरी बार कोई ऐसा अपराध करते मिले तो उसके लिए जेल की सजा भी आवश्यक है. कई लोगों ने कहा कि ऐसे लोगों पर 10,000 रुपये के जुर्माने के रूप में भारी दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए.

वर्तमान में, दिल्ली महामारी रोग (कोविद -19 का प्रबंधन) विनियम 2020, महामारी रोग अधिनियम के तहत जारी आदेशों के मुताबिक अधिकारियों को पहली बार 500 रुपये का जुर्माना लगाने और दिशानिर्देशों के बार-बार उल्लंघन के लिए 1,000 रुपये का जुर्माना लगाने की अनुमति है. नियम सभी सार्वजनिक स्थानों/ कार्य स्थानों पर फेस मास्क/ कवर पहनने का आदेश देते हैं.

सर्वे में शामिल करीब 60% लोग छोटे कस्बों या गांवों से
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जब कोई व्यक्ति अकेले कार में होता है तो मास्क पहनने का कोई निर्देश नहीं होता है. लेकिन ट्रैफिक पुलिस तब जुर्माना लगा सकती है, जब कार में एक से अधिक व्यक्ति हैं.

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सर्वेक्षण भारत के 202 जिलों में किया गया था. सर्वेक्षण में शामिल लोगों में से 71% पुरुष थे, 29% महिलाएं थीं जिनमें 59% उत्तरदाता तीसरी और चौथी श्रेणी के कस्बों और गांव के जिलों से थे.
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