भारतीय सीमा पर आज से तैनात हुआ अदृश्य पहरेदार 'स्मार्ट फेंसिंग'

प्रतीकात्मक तस्वीर

सीमा की निगरानी करने के लिए भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्मार्ट फेंसिंग प्रोजेक्ट की आज से शुरुआत होगी. गृहमंत्री राजनाथ सिंह जम्मू में देश के पहले स्मार्ट फेंसिंग पायलट प्रोजेक्ट को शुरू करेंगे.

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भारतीय सीमा पर सोमवार से चौकसी करने के नए तरीके की शुरुआत हो गई है. आतंकियों, घुसपैठियों और दुश्मनों को पता भी नहीं चलेगा और उनकी हर गतिविधियों पर, हर जगह से भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अपनी नजर रखेंगी. जरा सी भी कोई हरकत हुई या फिर खतरा तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी. ये प्रणाली अदृश्य होगी और इस निगरानी की प्रणाली का नाम होगा स्मार्ट फेंसिंग, जिसके पायलट प्रोजेक्ट पर आज से काम शुरू हो चुका है.

सीमा की निगरानी करने के लिए भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्मार्ट फेंसिंग प्रोजेक्ट की आज से शुरुआत हो गई. गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू में देश के पहले स्मार्ट फेंसिंग पायलट प्रोजेक्ट को शुरू किया.

रहेगी अदृश्य दीवार
जम्मू में भारत पाकिस्तान सीमा पर पांच किलोमीटर के इलाके में इस सिस्टम को लगाया गया है. कॉम्प्रीहेंसिव इंटीग्रेटेड बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम योजना के तहत लगाए गए इस सिस्टम में अदृश्य दीवार रहेगी जो सरहद की निगरानी करेगी. एक साथ कई सिस्टम काम करेंगे जो हवा में, जमीन पर और पानी में सीमा की रक्षा करेंगे. जमीन पर ऑप्टिकल फाइबर सिस्टम, पानी के रास्तों में सेंसर युक्त सोनार सिस्टम और हवा में हाई रेजोल्यूशन कैमरा व एयरोस्टेट कैमरा दुश्मन की हर चाल पर नजर रखेंगे. इसके अलावा इंफ्रा रेड सिस्टम अंतरराष्ट्रीय सीमा की फेंस पर लगा होगा.

यूनीफाइड कमांड के जरिए इन सारे सिस्टम की भी निगरानी की जाएगी. सीमा पर हर हरकत की रिपोर्ट इस यूनीफाइड कमांड सेंटर को मिलेगी. किसी भी हरकत की रिपोर्ट यह यूनीफाइड कमांड सेंटर आगे क्विक रिएक्शन टीम को देगा जोकि उसके बगल में ही मौजूद होंगे और तत्काल प्रभाव से दुश्मन की हर गतिविधि पर पुख्ता कार्रवाई होगी. पिछले तीन सालों से इस योजना पर काम चल रहा था.

अगले दो महीनों में जम्मू के एक ओर पांच किलोमीटर के जमीनी इलाके और उत्तर-पूर्व में भारत-बांग्लादेश नदी की सीमा पर ये सिस्टम काम करना शुरू कर देगा. फिलहाल इस पायलट प्रोजेक्ट के काम का तमाम एजेंसियां आंकलन करेंगी. जिसके आधार पर अगले तीन सालों में भारत की 2,000 किलोमीटर लंबी संवेदनशील सीमा पर इस सिस्टम को लगाया जाएगा. सरकार की प्राथमिकता है कि पहले भारत पाकिस्तान सीमा से लगे ज्यादा से ज्यादा इलाके में इसे लगाया जाए.

दरअसल, दो साल पहले उरी में हुए आतंकवादी हमले के बाद यह जरूरत महसूस हुई थी कि देश की सीमाओं को हाईटेक बनाया जाए. जिसके बाद सरकार ने पूर्व गृह सचिव मधुकर गुप्ता की अगुवाई में सीमा प्रबंधन पर एक कमेटी का गठन किया था. कमेटी ने हालात का जायजा लेने के बाद स्मार्ट फेंसिंग सिस्टम पूरे देश में लागू करने का प्रस्ताव सुझाया था. इस सिस्टम के लगने के बाद तमाम तरीके के खतरों से देश की सीमा को दुश्मनों से बचाया जा सकेगा. ऑप्टिकल फाइबर केबल अगर घुसपैठियों के हरकत की जरा सी भी जानकारी देगा, तो पानी में सेंसर युक्त सोनार सिस्टम नजर रखेगा. हाई रेजुलेशन कैमरा और ऐरो स्टेट कैमरा स्नाइपर और पाक रेंजर की मूवमेंट पर नजर रखेंगे. इस निगरानी से सुरक्षा बलों पर दबाव काफी हद तक कम होगा, यह तो एक पहलू है, और बेहतर निगरानी से उन्हें जो तुरंत जानकारी मिलेगी जिसके आधार पर वो पुख्ता कार्रवाई करेंगे, ये इस सिस्टम का अहम पहलू है.

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