आज का मौसम, 26 नवंबर: हरियाणा, यूपी और राजस्थान के कुछ इलाकों में बारिश, पूर्वांचल में कोहरे का असर

बारिश के कारण एक तरफ जहां पारा गिर जाने के कारण सर्दी बढ़ गई. वहीं दूसरी तरफ इसने शादियों में भी काफी खलल डाला.(सांकेतिक तस्वीर)

Weather News Today: मौसम विभाग ने देश के कुछ हिस्सों बारिश की आशंका जताई है. साथ ही कई इलाकों में कोहरे का असर भी दिख सकता है.

  • Share this:
    नई दिल्ली. भारत मौसम विभाग (IMD) ने कहा है कि यूपी, हरियाणा और राजस्थान समेत कुछ इलाकों में गुरुवार को बारिश हो सकती है. बताया गया कि नरवाना, राजौंद, सफीदों, होडल, औरंगाबाद, पलवा (हरियाणा), बरसाना, नंदगांव, खैर, जट्टारी, अलीगढ़, बुलंदशहर, बिजनौर, ग्रेटर नोएडा, हिंडन एयरफोर्स स्टेशन, गाजियाबाद (यूपी) के आसपास के क्षेत्रों में हल्की तीव्रता वाली बारिश हो सकती है.

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जम्मू-कश्मीर में बारिश, बर्फबारी भी हो सकती है साथ ही पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में कोल्ड वेव चल सकतीहै. इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में बारिश के आसार हैं. वहीं असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कोहरे का असर दिख सकता है.

    चक्रवात निवार का असर
    वहीं तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में बुधवार को तेज हवाएं चलने के साथ मूसलाधार बारिश हुई, जहां के कई तटवर्ती क्षेत्रों में भीषण चक्रवात 'निवार' का खतरा करीब आ रहा है, जो अब तट की ओर बढ़ गया है. इस बीच जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी होने से उत्तर भारत में ठंड बढ़ गई है.

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इसके पड़ोसी शहरों में हवा की गति धीमी होने के कारण वायु की गुणवता खराब होकर गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है. दिल्ली में प्रदूषक तत्त्व पीएम 2.5 जनित प्रदूषण में पराली जलने से निकले धुंए की हिस्सेदारी बुधवार को दो प्रतिशत रही.

    इस बीच, भारत मौसम विभाग ने बुधवार को कहा कि भीषण चक्रवाती तूफान 'निवार' के समुद्र तट से टकराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और यह जल्द ही तट को पार कर जाएगा. आईएमडी ने अपने ट्विटर हैंडल पर कहा, ‘अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान निवार अभी पुडुचेरी के पूर्व- दक्षिणपूर्व में लगभग 40 किमी दूर स्थित कुड्डालोर से 50 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व में है. चक्रवाती तूफान के पहुंचने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. अगले 3 घंटों में पुडुचेरी के पास वाले तट को पार कर जाएगा.’ इससे पहले मौसम विभाग ने कहा कि निवार चक्रवाती तूफान ने बेहद विकराल रूप धारण कर लिया है और वह तमिलनाडु, चेन्नई के बीच तटीय क्षेत्र के पहुंचने के करीब है.

    बुधवार को पहले ही अवकाश घोषित किया जा चुका 
    इससे पहले दोनों प्रदेशों के कई हिस्सों में बुधवार को मूसलाधार बारिश हुई और तेज हवाएं चलीं, जिसके मद्देनजर एक लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है. मौसम विभाग ने कहा है कि दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बने निवार चक्रवात ने पश्चिमोत्तर की ओर बढ़ते हुए अति विकराल रूप धारण कर लिया है और चेन्नई से 160 किलोमीटर तथा पुडुच्चेरी से 85 किलोमीटर दूर तट से टकराने वाला है.

    चक्रवात के प्रभाव से चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों में रातभर बारिश हुई और निचले स्थानों में जलजमाव हो गया. इस बीच लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने कहा कि चेम्बरमबक्कम झील से एक हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा क्योंकि इसमें पानी अधिकतम स्तर पर पहुंचने वाला है.

    इस बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने चक्रवात के मद्देनजर लोगों की सुरक्षा के लिये बृहस्पतिवार को चेन्नई, वेल्लोर, कुड्डालोर, विल्लुपुरम, नागापट्टिनम, तिरुवरूर, चेंगलपेट, कांचीपुरम समेत 13 जिलों में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है. बुधवार को पहले ही अवकाश घोषित किया जा चुका था.

     माउंट आबू में हल्की बारिश होने का अनुमान 
    पश्चिमी विक्षोभ के कारण राजस्थान के अनेक इलाकों में बादल छाये रहने के बीच बीते चौबीस घंटे में न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढोतरी दर्ज की गयी है. मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार रात, माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने बुधवार को राज्य के कई जिलों में बादल छाये रहने और हल्की बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया है.

    कश्मीर में अधिकतर स्थानों पर रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी और बारिश बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही, जबकि मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार से लेकर अगले सप्ताह तक मुख्य रूप से शुष्क मौसम रहने का अनुमान जताया है. श्रीनगर सहित कई मैदानी इलाकों में में बारिश हुई.

    उत्तरी कश्मीर के गुलमर्ग में रात के दौरान चार इंच ताजा बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में लगभग एक इंच बर्फ दर्ज की गई. घाटी को लद्दाख से जोड़ने वाले श्रीनगर-लेह मार्ग पर सोनमर्ग-जोजिला क्षेत्र सहित घाटी के कई ऊंचे इलाकों में बर्फबारी की खबरें हैं.

    हिमाचल प्रदेश में अच्छी ठंड पड़ रही है और राज्य के ऊपरी इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई है जबकि कुछ अन्य हिस्सों में बारिश हुई. लाहौल और स्पीति का प्रशासनिक केंद्र केलांग शून्य से 2.5 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान के साथ राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जबकि किन्नौर के कल्पा में शून्य से 0.4 डिग्री सेल्सियस कम तापमान दर्ज किया गया. शिमला में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

    पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्का कोहरा 
    हरियाणा और पंजाब में न्यूनतम तापमान सामान्य सीमा से ऊपर रहा, जबकि दिन का तापमान सात डिग्री सेल्सियस तक गिर गया और 19-21 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा. उत्तर प्रदेश के पूर्वी इलाकों में पिछले 24 घंटो में कुछ जगहों पर ठंडी हवाओं के साथ हल्का कोहरा छाया रहा.

    मौसम विभाग ने बुधवार को जारी एक बयान में बताया कि दिन के तापमान में कुछ खास बदलाव नहीं देखा गया है, झांसी मंडल और वाराणसी मंडल में सामान्य से कम तापमान रहा जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में तापमान सामान्य रहा. बयान के मुताबिक राज्य में सबसे अधिक तापमान झांसी और फतेहगढ़ में 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि सबसे कम तापमान चुर्क में रहा जहां पारा लुढ़क कर 5.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. आगामी 24 घंटो के बारे में मौसम विभाग का अनुमान है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्यत: मौसम खुश्क रहेगा जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्का कोहरा रहने का अनुमान है.

    राष्ट्रीय राजधानी में हवा की धीमी गति के कारण वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में
    वहीं हवा की धीमी गति के कारण बुधवार को करीब 10 दिन बाद दिल्ली की वायु गुणवत्ता और खराब होकर ‘‘गंभीर’’ श्रेणी में आ गई. दिल्ली के पीएम 2.5 प्रदूषकों में पराली जलाने की भागीदारी बुधवार को दो प्रतिशत रही.

    केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मोबाइल ऐप ‘समीर’ के अनुसार, शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बुधवार को सुबह 401 दर्ज किया गया तथा यह शाम को और खराब होकर 415 हो गया. यह मंगलवार को 388 था. एक्यूआई सोमवार को 302, रविवार को 274, शनिवार को 251, शुक्रवार को 296 और बृहस्पतिवार को 283 रहा. राष्ट्रीय राजधानी में एक्यूआई 15 नवंबर को ‘‘गंभीर’’ श्रेणी में था, लेकिन इसके बाद इसमें सुधार आया और यह 22 नवंबर तक ‘खराब’ अथवा ‘मध्यम’’ की श्रेणी में रहा.