'चीन को साधने' इसी महीने अमेरिकी विदेश मंत्री से फिर मिलेंगे एस. जयशंकर

एस. जयशंकर और माइक पोम्पियो की फाइल फोटो.
एस. जयशंकर और माइक पोम्पियो की फाइल फोटो.

20 दिनों के भीतर एस. जयशंकर (S. Jaishankar) और माइक पोम्पियो (Mike Pompeo) की दूसरी मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. विशेष तौर पर चीन के संदर्भ में. दोनों नेताओं की मुलाकात में मुख्य मुद्दा चीन की हरकतें हो सकती हैं.

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  • Last Updated: October 8, 2020, 12:02 AM IST
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नई दिल्ली. टोक्यो में संपन्न हुई QUAD देशों की बैठक के बाद इस महीने के आखिरी में विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) अपने अमेरिकी समकक्ष माइक पोम्पियो (Mike Pompeo) से फिर मुलाकात करेंगे. दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात नई दिल्ली में होगी. गौरतलब है कि माइक पोम्पियो 2+2 डायलॉग के सिलसिले में भारत आएंगे. 20 दिनों के भीतर दोनों नेताओं की दूसरी मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. विशेष तौर पर चीन के संदर्भ में. दोनों नेताओं की मुलाकात में मुख्य मुद्दा चीन की हरकतें हो सकती हैं.

भारत और अमेरिका दोनों चीन के साथ उलझे हुए
गौरतलब है कि बीते पांच महीने से भारत और चीन के बीच सीमा विवाद चल रहा है. भारत ने सीमाओं की संप्रभुता को लेकर बेहद सख्त रवैया अख्तियार किया है. भारत की तरफ से स्पष्ट किया जा चुका है कि सीमा पर तनाव के बीच चीन के साथ संबंध सामान्य नहीं रह सकते. वहीं कोरोना महामारी फैलने के कुछ समय बाद से ही अमेरिका और चीन के बीच तनाव और गहरा गया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तो खुले तौर पर कोरोना को चीनी वायरस कह चुके हैं. उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में भी चीन को मुद्दा बनाया हुआ है. दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर को लेकर जबरदस्त डिप्लोमेटिक विवाद चल रहा है. अमेरिका और चीन के बीच संबंध ऐतिहासिक तौर पर बुरे दौर में चल रहे हैं.

QUAD बैठक में भी अलग से हुई थी दोनों नेताओं की मुलाकात
QUAD बैठक के दौरान भी विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी समकक्ष माइक पोम्पियो के साथ अलग से बैठक की थी. इस बैठक को लेकर भारत की तरफ से जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में सिर्फ जिक्र किया गया था लेकिन अमेरिका की तरफ से अलग स्टेटमेंट जारी हुआ. कहा गया-दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि हिंद प्रशांत क्षेत्र में शांति. समृद्धि और सुरक्षा के लिए साथ मिलकर काम करना होगा. QUAD देशों की बैठक के बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने मीडिया से कहा था-इसमें कोई संदेह नहीं कि हिंद प्रशांत में चीनी कदमों की वजह से ही QUAD की अहमियत और ज्यादा बढ़ जाती है.



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