कहां फंसा है पेंच, सरकार बनाने के लिए दावा पेश क्यों नहीं कर रहे हैं येदियुरप्पा?

बीएस येदियुरप्पा ने अभी तक सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया है. उन्हें पार्टी प्रमुख अमित शाह से हरी झंडी का इंतज़ार है.

D P Satish | News18Hindi
Updated: July 25, 2019, 12:36 PM IST
कहां फंसा है पेंच, सरकार बनाने के लिए दावा पेश क्यों नहीं कर रहे हैं येदियुरप्पा?
नई सरकार पर सस्पेंस
D P Satish
D P Satish | News18Hindi
Updated: July 25, 2019, 12:36 PM IST
कर्नाटक में सियासी ड्रामा तो खत्म हो गया है, लेकिन नई सरकार को लेकर अब तक तस्वीर साफ नहीं हुई है. बीजेपी कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि कुमारस्वामी की सरकार गिरते ही बीएस येदियुरप्पा को सीएम की कमान सौंप दी जाएगी. लेकिन सरकार गिरने के 36 घंटे बाद भी सस्पेंस बरकरार है. दिल्ली से पार्टी हाई कमान से हर किसी को मैसेज का इंतज़ार है.

बीएस येदियुरप्पा ने अभी तक सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया है. उन्हें पार्टी प्रमुख अमित शाह से हरी झंडी का इंतज़ार है. शाह के कहने पर ही उन्होंने अपना दिल्ली का दौरा भी रद कर दिया है.

कहां फंसा है पेंच?
विधानसभा के स्पीकर केआर रमेश कुमार ने सारा पेंच फंसा रखा है. दरअसल उन्होंने अभी तक कांग्रेस और जेडीएस के 15 बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने पर कोई फैसला नहीं किया है.

>अगर इन विधायकों को डिसक्वालीफाई किया जाता है तो फिर विधानसभा में कुल विधायकों की संख्या 224 से घट कर 205 पर पहुंच जाएगी. ऐसे में 105 विधयाकों के साथ बीजेपी बड़े आराम से सरकार बना लेगी.
>अगर स्पीकर विधायकों को डिसक्वालीफाई नहीं करते हैं तो फिर बहुमत साबित करने के लिए 112 या 113 सदस्यों की जरूरत पड़ेगी. ऐसे में बीजेपी के लिए सरकार बनाना आसान नहीं होगा.
>बीजेपी सरकार बनाने के लिए मुंबई से इन विधायकों को वापस ला सकती है. लेकिन उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि ये विधायक एक बार फिर से कांग्रेस और जेडीएस में वापसी न कर लें. ऐसे में एक बार फिर से राज्य में राजनीतिक अस्थिरता का दौर शुरू हो जाएगा.
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क्या होगा बागी विधायकों का?
अगर अयोग्य ठहराए गए विधायक तुरंत बीजेपी में शामिल नहीं हो सकते हैं तो फिर उन्हें उपचुनाव का इंतज़ार करना होगा. ऐसे में उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि उप चुनाव में शायद उन्हें बीजेपी टिकट न दे. पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पहले ही ये ऐलान कर चुके हैं कि पार्टी तोड़ने वालों को उपचुनाव में हराने के लिए वो पूरी ताकत झोंक देंगे.

मंत्रिमंडल को लेकर माथापच्ची
बीजेपी के लिए मंत्रिमंडल तैयार करना भी मुश्किल चुनौती होगी. 34 विधायकों को कैबिनेट में जगह मिल सकती है. इन पदों के लिए बीजेपी में करीब 60 दावेदार हैं. इसके अलावा 10 बागी विधायकों को भी मंत्रिमंडल में शामिल करना होगा. ऐसे में पार्टी के कई सीनियर नेता नाराज हो सकते हैं.

फाइनेंस बिल का क्या होगा?
एक और समस्या से कर्नाटक अभी परेशान है और वो है फाइनेंस बिल. 31 जुलाई तक ये बिल पास होना हर हाल में जरूरी है. अगर ऐसा नहीं हुआ तो फिर सरकारी कर्माचारियों को सैलरी देने के लिए सरकार के पास पैसे नहीं बचेंगे. ऐसे में कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन भी लगाया जा सकता है.

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First published: July 25, 2019, 12:14 PM IST
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