अपना शहर चुनें

States

दिशा रवि केस: जज ने पूछा मंदिर के लिए डकैत से चंदा मांगू तो क्‍या मैं भी डकैत बन जाऊंगा?

कोर्ट ने दिशा रवि की जमानत याचिका पर फैसला मंगलवार तक के लिए सुरक्षित रखा है. (फाइल फोटो)
कोर्ट ने दिशा रवि की जमानत याचिका पर फैसला मंगलवार तक के लिए सुरक्षित रखा है. (फाइल फोटो)

देश विरोधी साजिश रचने के आरोप में दिल्‍ली पुलिस (Delhi Police) द्वारा गिरफ्तार की गईं पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि (Disha Ravi) की जमानत याचिका पर दिल्‍ली की पटियाला हाउस कोर्ट (Patiala House Court) ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 21, 2021, 11:46 AM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. किसान आंदोलन (Kisan Andolan) से जुड़े टूलकिट शेयर करने के मामले में गिरफ्तार की गईं जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि (Disha Ravi) की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट (Patiala House Court) के एडिशनल सेशन जज धर्मेंद्र राणा ने दिल्ली पुलिस से कई कड़े सवाल पूछे. जज ने तंजिया लहजे में पूछा कि 'अगर मंदिर का चंदा मांगने मैं डकैत के पास जाऊं तो क्या मैं डकैती में शामिल माना जाऊंगा?'

देश विरोधी साजिश रचने के आरोप में दिल्‍ली पुलिस की ओर से गिरफ्तार की गईं पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि की जमानत याचिका पर दिल्‍ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. इस मामले में कोर्ट अपना फैसला 23 फरवरी को सुनाएगा.

जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान दिशा रवि और दिल्‍ली पुलिस की ओर से जो दलील पेश की गई उसे सुनने के बाद कोर्ट ने दिल्‍ली पुलिस से कई तीखे सवाल किए. दिशा रवि की ओर से कोर्ट में वकील एडवोकेट सिद्धार्थ अग्रवाल ने अपनी दलील रखते हुए कहा कि पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन भारत में बैन नहीं है.

दिशा रवि के वकील ने कहा कि हिंसा के लिए टूलकिट जिम्‍मेदार है, इसका अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है. टूलकिट के जरिये सिर्फ लोगों को आगे आने, मार्च में हिस्सा लेने और वापस घर जाने के लिए कहा गया था. अगर कोई मार्च में हिस्‍सा लेने के लिए प्रेरित होता है तो क्‍या वो देशद्रोह हो जाएगा? अगर मैं लोगों से कहूं कि आप किसी रैली में हिस्सा लीजिए तो क्या ये मुझे आज देशद्रोही साबित कर देगा?



इसे भी पढ़ें :- Toolkit Case: दिशा रवि को झटका, अदालत ने 3 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा

वहीं दिल्‍ली पुलिस की ओर से वकील सूर्यप्रकाश वी. राजू ने दलील देते हुए कहा टूलकिट के पीछे देश को बदनाम करने की साजिश साफ नजर आती है. टूलकिट के जरिए लोग उन साइटों तक पहुंचते हैं जहां पर इंडियन आर्मी को बदनाम करने की साजिश रची जाती है. सरकारी वकील ने कहा कि केस ये नहीं है कि दिशा रवि खालिस्तानी हैं लेकिन उनके खालिस्तानियों से लिंक हैं. उन्‍होंने कहा कि दिशा रवि, पॉएटिक जस्टिस फाउंडेशन की कथित तौर पर सदस्य हैं. उन्‍होंने कहा कि उन्‍होंने किसान आंदोलन को सपोर्ट करने के नाम पर एक ग्रुप बनाया था जिसे देखने के बाद उन पर राजद्रोह का आरोप बनता है.

इसे भी पढ़ें :- Toolkit Case: ग्रेटा थनबर्ग ने किया दिशा रवि का समर्थन, मानवाधिकार की कही बात

दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अडिशनल सेशन जज धर्मेंद्र राणा दिल्ली पुलिस से कुछ सवाल किए. जज ने पूछा- आखिर टूलकिट है क्या? इसके जवाब में सरकारी वकील ने कहा कि टूलकिट के जरिए इंडिया गेट पर झंडा फहराने वाले के लिए लाखों का इनाम रखा गया. सरकारी वकील ने कहा कि किसान आंदोलन की आड़ में देश को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है. वकील ने कहा कि हमारे पास दिशा रवि के खिलाफ सारे सबूत हैं. दिशा रवि ने टूलकिट में एडिट किया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज