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Toolkit Case: ऋग्वेद का जिक्र, आधे-अधूरे सबूत, जानें दिशा को जमानत देते हुए जज ने क्या कहा

दिल्ली पुलिस ने 14 फरवरी को दिशा रवि को अरेस्ट किया था.
दिल्ली पुलिस ने 14 फरवरी को दिशा रवि को अरेस्ट किया था.

दिल्ली पुलिस ने 14 फरवरी को दिशा रवि (Disha Ravi) को अरेस्ट किया था. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, फ्राइडे फॉर फ्यूचर कैम्पेन शुरू करने वालों में शामिल दिशा ने टूलकिट (Toolkit case) का गूगल डॉक बनाकर उसे सर्कुलेट किया. इसके लिए उन्होंने वॉट्सऐप ग्रुप बनाया था. वे इस टूलकिट की ड्राफ्टिंग में भी शामिल थीं

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 23, 2021, 5:45 PM IST
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Toolkit Case: किसान आंदोलन से जुड़े टूलकिट केस में क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि (Disha Ravi) को आखिरकार 9 दिन बाद जमानत मिल गई है. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को दिशा को एक लाख के बॉन्ड पर सशर्त जमानत दे दी. पुलिस ने कहा कि दिशा रवि ने सबूत नष्ट किए हैं. वहीं, दिशा रवि की तरफ से कोर्ट में कहा गया था कि अगर किसानों के आंदोलन का समर्थन करना देशद्रोह है, तो बेहतर है कि वह जेल में रहे.

चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने धर्मेंद्र राणा ने दिशा रवि को ज़मानत देते हुए कहा, 'इस मामले में पुलिस के अधूरे सबूतों के मद्देनजर, मुझे कोई कारण नज़र नहीं आता कि 22 साल की लड़की जिसका कोई आपराधिक इतिहास न रहा हो; उसे जेल में रखा जाए.'

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कोर्ट ने दिशा रवि को ज़मानत देते हुए कहा ऋग्वेद का जिक्र किया. जज ने कहा, 'आ नो भद्रा: क्रतवो यन्तु विश्वतोsदब्धासो अपरीतास उद्भिद: यानी हमारे पास चारों ओर से ऐसे कल्याणकारी विचार आते रहे, जो किसी से न दबें, उन्हें कहीं से बाधित न किया जा सके और वो अज्ञात विषयों को प्रकट करने वाले न हो.'
जज ने कहा, 'वॉट्सऐप ग्रुप बनाना, टूलकिट एडिट करना अपने आप में अपराध नहीं है. महज वॉट्सऐप चैट डिलीट करने से PJF संगठन से जोड़ना ठीक नहीं. ऐसा सबूत नहीं मिले हैं, जिससे उसकी अलगाववादी सोच साबित हो सके. 26 जनवरी को शांतनु के दिल्ली आने में कोई बुराई नहीं है.'


पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा था कि आपके पास क्या सबूत है कि टूलकिट और 26 जनवरी को हुई हिंसा में कोई कनेक्शन है. इस पर दिल्ली पुलिस ने बताया था कि अभी जांच चल रही है. हमें इनकी तलाश करनी है.

दिल्ली पुलिस ने लगाए थे ये आरोप?
पुलिस की तरफ से अदालत को बताया गया था कि दिशा ने एक टूल किट तैयार किया, जो खालिस्तान की वकालत करने वालों के दिशा-निर्देश पर बनाया गया था. यह सब कुछ भारत की छवि को खराब करने के लिए किया गया है. पुलिस ने अदालत को बताया था कि खालिस्तान समर्थक इस आंदोलन को अपने हक में लाकर अपना झंडा मजबूत करना चाहते हैं. यह सिर्फ एक टूल किट नहीं, बल्कि भारत को बदनाम करने का एक मसौदा था.

दिल्ली पुलिस ने अदालत को यह भी बताया था कि दिशा रवि को पता था कि अगर वह कानूनी उलझन में फंसी, तो उसकी वॉट्सऐप चैट और ई-मेल गले की फांस बन सकते हैं. इसलिए उसने सभी चैट और मेल डिलीट कर दिए. पुलिस ने कहा था कि अगर दिशा ने कुछ गलत नहीं किया तो उसने अपना रास्ता साफ करने के लिए सक्ष्य नष्ट क्यों किए? यह उसे दोषी ठहराने के लिए काफी है.

वहीं, दिशा रवि के वकील ने इन सभी आरोपों को नकराते हुए कहा था कि उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है कि वह प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस का हिस्सा है.

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14 फरवरी को हुई थी गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस ने 14 फरवरी को दिशा रवि को अरेस्ट किया था. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, फ्राइडे फॉर फ्यूचर कैम्पेन शुरू करने वालों में शामिल दिशा ने टूलकिट का गूगल डॉक बनाकर उसे सर्कुलेट किया. इसके लिए उन्होंने वॉट्सऐप ग्रुप बनाया था. वे इस टूलकिट की ड्राफ्टिंग में भी शामिल थीं और उन्होंने ही ग्रेटा थनबर्ग से टूलकिट शेयर की थी.
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