टूलकिट विवाद: दिल्‍ली पुलिस ने केस दर्ज कराने वाले 2 कांग्रेस नेताओं को भेजा नोटिस

दिल्‍ली पुलिस सोमवार को ट्विटर के ऑफिस भी गई थी. (Pic- ANI)

दिल्‍ली पुलिस सोमवार को ट्विटर के ऑफिस भी गई थी. (Pic- ANI)

Toolkit Case: दिल्‍ली पुलिस की ओर से मंगलवार को कांग्रेस नेता रोहन गुप्‍ता (Rohan Gupta) और राजीव गौड़ा (Rajiv Gowda) को नोटिस भेजा गया है.

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नई दिल्‍ली. टूलकिट केस (Toolkit Case) को लेकर दिल्‍ली पुलिस (Delhi Police) अपनी जांच आगे बढ़ा रही है. इसी क्रम में सोमवार को ट्विटर ऑफिस (Twitter) जाने के बाद मंगलवार को दिल्‍ली पुलिस की ओर से बीजेपी नेता संबित पात्रा (Sambit Patra) के खिलाफ इस मामले में केस दर्ज कराने वाले दो कांग्रेस नेताओं (Congress Leaders) को नोटिस भेजकर जांच में शामिल होने के लिए कहा गया है.

सूत्रों के अनुसार दिल्‍ली पुलिस की ओर से मंगलवार को कांग्रेस नेता रोहन गुप्‍ता (Rohan Gupta) और राजीव गौड़ा (Rajiv Gowda) को नोटिस भेजा गया है. दोनों नेताओं ने बीजेपी नेता संबित पात्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और उन पर आरोप लगाया था कि उन्‍होंने फर्जी टूलकिट शेयर की है. अब दोनों नेताओं को दिल्‍ली पुलिस ने जांच में शामिल होकर अपने-अपने बयान दर्ज कराने को कहा है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस नेता राजीव गौड़ा ने दिल्‍ली पुलिस की इस नोटिस पर मंगलवार को प्रतिक्रिया दी है. उनका कहना है, 'हमने दिल्‍ली पुलिस को कह दिया है कि हमारी शिकायत की जांच छत्‍तीसगढ़ में चल रही है. ऐसे में हम इस मामले को उधर ही देखेंगे.'

वहीं दिल्ली पुलिस की स्‍पेशल सेल ने कथित कोविड-19 'टूलकिट' के संदर्भ में दर्ज शिकायत की जांच के संबंध में ट्विटर को भी नोटिस भेजकर उससे बीजेपी नेता संबित पात्रा के ट्वीट को 'मैनिपुलेटिव' बताने पर स्पष्टीकरण मांगा है. पुलिस की दो टीम सोमवार की शाम दिल्ली के लाडो सराय ओर गुरुग्राम में ट्विटर के कार्यालय भी पहुंची थी.


बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस ने एक टूलकिट बनाकर कोरोना वायरस के नए स्वरूप को 'भारतीय स्वरूप' या 'मोदी स्वरूप' बताया और देश व प्रधानमंत्री की छवि खराब करने का प्रयास किया. हालांकि, कांग्रेस ने आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि बीजेपी उसे बदनाम करने के लिए फर्जी 'टूलकिट' का सहारा ले रही है.

बता दें कि सरकार ने पहले ट्विटर से 'मैनिपुलेटिव मीडिया' टैग को हटाने के लिए कहा था क्योंकि मामला एजेंसी के पास लंबित है. साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया था कि जब इस मुद्दे की जांच चल रही है तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म निर्णय नहीं दे सकता है.

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