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टूलकिट केस: दिशा रवि की अर्जी पर दिल्ली पुलिस का जवाब-हमने लीक नहीं की जानकारी 

दिशा  रवि को दिल्ली पुलिस ने 13 फरवरी को सोशल मीडिया पर केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के विरोध से संबंधित टूलकिट  साझा करने में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था. (फाइल फोटो)

दिशा रवि को दिल्ली पुलिस ने 13 फरवरी को सोशल मीडिया पर केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के विरोध से संबंधित टूलकिट साझा करने में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था. (फाइल फोटो)

Toolkit Case: कोर्ट दिशा रवि की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें पुलिस को उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर के संबंध में कोई जांच सामग्री मीडिया में लीक करने से रोकने की मांग की गई थी.

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नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi Highcourt) को बताया कि उसने जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि के खिलाफ चल रही एक टूलकिट (Toolkit Case) साझा करने में कथित संलिप्तता के लिए एफआईआर में अपनी जांच के संबंध में मीडिया को कोई जानकारी लीक नहीं की है. कोर्ट रवि की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें पुलिस को उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर के संबंध में कोई जांच सामग्री मीडिया में लीक करने से रोकने की मांग की गई थी.

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस रेखा पल्ली ने कहा कि यह ध्यान में रखते हुए कि याचिका सार्वजनिक महत्व का एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाती है इसे 27 सितंबर को बहस के लिए लगाया है. दिल्ली पुलिस की तरफ से पेश वकील रजत नायर ने कहा कि लीक उनकी ओर से नहीं हुआ है. पुलिस ने अधिवक्ता अमित महाजन के माध्यम से दायर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि यह आरोप कि रवि की चैट की जानकारी पुलिस द्वारा लीक की गई है जोकि झूठ है. जब रवि हिरासत में थी तब उसकी निजी बातचीत लीक हो गई थी.

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दिल्ली हाईकोर्ट में स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त अनेश रॉय द्वारा दायर हलफनामे में कहा गया है कि पुलिस द्वारा किसी भी मीडिया हाउस या व्यक्ति के साथ विषय चैट सहित मामले की फाइल का हिस्सा बनने वाली कोई जानकारी या दस्तावेज जानकारी के अलावा किसी भी मीडिया हाउस या व्यक्ति के साथ साझा नहीं किया गया है. प्रेस ब्रीफिंग या प्रसारण के माध्यम से आधिकारिक तौर पर संप्रेषित किया जाता है, जो रिकॉर्ड की बात है. रवि की ओर से पेश वकील अखिल सिब्बल ने कोर्ट को सूचित किया कि मामले में दलीलें पूरी हो चुकी हैं. उन्होंने कहा कि जब रवि हिरासत में थी तब उसकी निजी बातचीत मीडिया में लीक हो गई थी.

दिल्ली पुलिस का दावा- लीक नहीं की गई बातचीत
पुलिस का दावा है कि उन्होंने इसे लीक नहीं किया है जबकि मीडिया स्पष्ट रूप से कहता है कि उन्हें यह पुलिस से मिला है उन्होंने तर्क दिया कि इस संबंध में कुछ सुरक्षा या दिशानिर्देशों पर विचार करने की जरूरत है. रवि को दिल्ली पुलिस ने 13 फरवरी को सोशल मीडिया पर केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के विरोध से संबंधित टूलकिट साझा करने में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था. वहीं 23 फरवरी को यहां एक निचली कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी.

दिशा का आरोप है कि उन्हें गैर कानूनी तौर पर गिरफ्तार किया गया
दिशा रवि ने दावा किया है कि दिल्ली पुलिस की साइबर सेल की टीम द्वारा 13 फरवरी को बेंगलुरु से उसकी गिरफ्तारी पूरी तरह से गैरकानूनी और बिना आधार थी. उसने यह भी तर्क दिया है कि वर्तमान परिस्थितियों में यह अत्यधिक संभावना थी कि आम जनता समाचारों को याचिकाकर्ता (रवि) के अपराध के रूप में निर्णायक होने के रूप में समझेगी. उसने दावा किया है कि पुलिस ने पहले जांच सामग्री लीक की – जैसे कथित वॉट्सऐप चैट था.

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