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टूलकिट मामला: शांतनु मुलुक को गिरफ्तारी से राहत, दिल्ली कोर्ट ने 9 मार्च तक दी सुरक्षा

मुलुक ने अपनी याचिका में कहा है कि उसने आंदोलन की जानकारी के साथ केवल टूलकिट तैयार की थी. याचिकाकर्ता ने बताया कि टूलकिट को आगे बगैर उनकी जानकारी के संपादित किया गया है. . (फोटो: रॉयटर्स)

मुलुक ने अपनी याचिका में कहा है कि उसने आंदोलन की जानकारी के साथ केवल टूलकिट तैयार की थी. याचिकाकर्ता ने बताया कि टूलकिट को आगे बगैर उनकी जानकारी के संपादित किया गया है. . (फोटो: रॉयटर्स)

Toolkit Case: दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने विस्तार से जवाब देने के लिए अदालत ने समय की मांग की है. यही वजह रही कि अदालत ने मामले की सुनवाई को 9 मार्च तक के लिए टाल दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 25, 2021, 1:35 PM IST
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नई दिल्ली. टूलकिट मामले (Toolkit Case) में मुख्य आरोपी शांतनु मुलुक (Shantanu Muluk) को गिरफ्तारी से राहत मिल गई है. दिल्ली कोर्ट (Delhi Court) ने 9 मार्च तक मुलुक की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. दरअसल, दिल्ली पुलिस ने मुलुक की तरफ से दायर की गई याचिका पर जवाब देने के लिए और समय मांगा है. मुलुक, दिशा रवि (Disha Ravi) और निकिता जैकब (Nikita Jacob) पर राजद्रोह और अन्य कई आरोप लगे हैं. तीनों का नाम किसान आंदोलन (Farmers Protest) के दौरान सामने आए टूलकिट मामले में आया था.

कार्यकर्ता शांतनु मुलुक ने गिरफ्तारी को लेकर अदालत में याचिका दायर की थी. इस पर दिल्ली पुलिस ने विस्तार से जवाब देने के लिए अदालत से समय की मांग की है. यही वजह रही कि अदालत ने मामले की सुनावई को 9 मार्च तक के लिए टाल दिया है. इसके चलते दिल्ली कोर्ट ने मुलुक को 9 मार्च तक गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान कर दी है. मुलुक, दिशा, रवि पर पुलिस ने ऑनलाइन डॉक्यूमेंट बनाने और आगे एडिटिंग के लिए बढ़ाने के आरोप लगाए हैं.

इस पर मुलुक ने अपनी याचिका में कहा है कि उसने आंदोलन की जानकारी के साथ केवल टूलकिट तैयार की थी. याचिकाकर्ता ने बताया कि टूलकिट को आगे बगैर उनकी जानकारी के संपादित किया गया है. बीती 16 फरवरी को मुलुक को औरंगाबाद बेंच बॉम्बे हाईकोर्ट से 10 दिनों के लिए ट्रांजिट बेल मिल गई थी. इसके अलावा मुंबई की वकील जैकब को भी बेल मिल गई थी. मुलुक के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने गैर जमानती वॉरंट जारी किया था.



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इस हफ्ते जैकब और मुलुक दोनों दिल्ली पुलिस की साइबर सेल की जांच में शामिल हुए थे. बाद में इन दोनों के साथ रवि को भी बैठाकर बात की गई. बीते मंगलवार को रवि को भी रिहा कर दिया गया है. उन्होंने जेल में करीब 10 दिन बिताए. खास बात है कि उनकी रिहाई से पहले सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया था.

पुलिस ने आरोप लगाए हैं कि खालिस्तानी संगठन की बातों में आकर किसान आंदोलन की आड़ में देश में हालात बिगाड़ने के लिए टूलकिट बनाई गई थी. साथ ही आरोप हैं कि इन तीनों ने डॉक्यूमेंट को तैयार किया और बाद में एडिट कर सर्कुलेट भी किया है.
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