टॉप कमांडर रियाज़ नाइकू का खात्मा, अब ड्रोन हमलों की फिराक में हिज़बुल

टॉप कमांडर रियाज़ नाइकू का खात्मा, अब ड्रोन हमलों की फिराक में हिज़बुल
नाइकू साल 2012 में आतंकवादी बनने से पहले गणित का टीचर था.

पुलवामा (Pulwama) में तीन दिनों से रियाज़ नाइकू (Riyaz Naiku) की तलाश चल रहा थी, सुरक्षा बलों को सूचना मिली थी कि हिज़बुल कमांडर (Hijbul Commander) अपनी मां से मिलने के लिए जा सकता है. ख़बर थी कि रियाज़ पुलवामा में टनल या अंडरग्राउंड ठिकाने का इस्तेमाल कर सकता है.

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श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में सुरक्षा बलों (Security Forces)को बड़ी कामयाबी मिली है. आतंकी संगठन हिज़बुल मुजाहिद्दीन (Hizbul Mujahideen) के ऑपरेशनल कमांडर रियाज़ नाइकू (Riyaz Naiku) को बुधवार सुबह सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया. सूत्रों ने बताया कि उसके गांव के लोगों ने ही नाइकू की जानकारी सुरक्षा बलों को दी थी. पुलवामा (Pulwama) में तीन दिनों से नाइकू की तलाश चल रहा थी, सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि हिज़बुल कमांडर अपनी मां से मिलने के लिए जा सकता है. ख़बर थी कि रियाज़ पुलवामा में टनल या अंडरग्राउंड ठिकाने का इस्तेमाल कर सकता है. आज सुबह जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, सेना और सीआरपीएफ (CRPF) के साझा आपरेशन में नाइकू मारा गया. सूत्र बताते हैं कि अप्रैल में ही नाइकू को ढेर करने की रणनीति तैयार की गई.

कौन था रियाज़ नाइकू?
नाइकू हिज़बुल मुजाहिद्दीन का टॉप कमांडर था. हिज़बुल का ऑपरेशन कमांडर होने के चलते आतंकी हमलों को अंजाम देने में उसकी बड़ी भूमिका थी. रियाज़ नाइकू करीब 10 साल तक सुरक्षा बलों के निशाने पर था. वह स्थानीय कश्मीरियों को धमकाता था, दक्षिण कश्मीर में आम लोगों को मौत के घाट उतारने के आदेश भी देता था. नाइकू साल 2012 में आतंकवादी बनने से पहले गणित का टीचर था. 2017 में उसे हिज़बुल का ऑपरेशन कमांडर बनाया गया. नाइकू का कोड नाम मोहम्मद बिन कासिम था.


नाइकू के खात्मे के बाद आतंकी हमलों की संभावना


रियाज़ नाइकू के खात्मे के बाद अब हिज़बुल मुजाहिद्दीन के पास नेतृत्व खत्म हो चुका है. हिज़बुल के पास कोई ऐसा चहरा नहीं जो इस संगठन का मुखिया बन सके. लेकिन खतरा अभी टला नहीं है. सूत्र बताते हैं कि जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिद्दीन बड़े आतंकी हमलों को अंजाम दे सकते हैं. और यह हमले रमज़ान के दौरान भी हो सकते हैं. सूत्रों ने बताया कि एलओसी पर करीब 150 आतंकी घुसपैठ की फिराक में हैं

अब ड्रोन से हमले करने की फिराक में आतंकी
News18 को मिली ख़ुफ़िया रिपोर्ट के मुताबिक अब हिज़बुल ड्रोन के ज़रिए आतंकी हमला करने की फिराक में हैं. इस सिलसिले में हाल ही में पीओके में लश्कर-ए-तैयबा और जैश के नेतृत्व की बैठक हुई थी. रमज़ान से पहले हुई इस बैठक में ज़की-उर-रहमान, सैय्यद सलाउद्दीन और हमज़ा अदनान शामिल हुए थे. इस बैठक में फैसला लिया गया कि हिज़बुल को लश्कर का बनाया ड्रोन दिया जाएगा.

यह ड्रोन 3 किलोमीटर तक 5 किलो की IED लेकर जा सकता है, जिसका इस्तेमाल हिज़बुल कर सकेगा. यह ड्रोन बहुत जल्द घाटी में मौजूद आतंकियों को भेजा जा सकता है.

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