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कश्मीर घूमने फिर से जा सकेंगे पर्यटक, राज्यपाल ने 370 के बाद लागू ट्रैवल एडवाइजरी हटाई

News18Hindi
Updated: October 8, 2019, 10:53 AM IST
कश्मीर घूमने फिर से जा सकेंगे पर्यटक, राज्यपाल ने 370 के बाद लागू ट्रैवल एडवाइजरी हटाई
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आर्टिकल 370 (Article 370) और आर्टिकल 35ए (Article 35 a) हटाए जाने के बाद बने 'नए कश्मीर' में राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने ट्रैवल एडवाइरी वापस ले लिया है.

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  • Last Updated: October 8, 2019, 10:53 AM IST
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श्रीनगर. आर्टिकल 370 (Article 370) और आर्टिकल 35ए (Article 35 a) हटाए जाने से पहले पर्यटकों के घाटी छोड़ने संबंधी ट्रैवल एडवाइजरी को वापस ले लिया गया है. जम्मू-कश्मीर (Jammu kashmir) के सामान्य स्थिति में लौटने की दिशा में एक बड़े कदम में राज्यपाल सत्य पाल मलिक (Satyapal malik) ने सोमवार को दो महीने पहले जारी की गई ट्रैवल एडवाइजरी को वापस ले लिया. इस ट्रैवल एडवाइजरी में कहा गया था कि पर्यटक जल्द से जल्द घाटी छोड़ दें.

सोमवार रात जारी किए गए आदेश के अनुसार, पर्यटकों को राज्य में लौटने की अनुमति दे दी गई है. यह आदेश 10 अक्टूबर से लागू होगा. जम्मू-कश्मीर प्रशासन के सूचना विभाग ने ट्वीट किया कि 'राज्यपाल  सत्यपाल मलिक ने सोमवार को सलाहकारों और मुख्य सचिव के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की. राज्यपाल ने गृह विभाग के सलाहकार से कहा कि पर्यटकों के घाटी छोड़ने के आदेश को वापस लिया जाए. यह 10.10.2019 से लागू किया जाएगा.'

सरकार ने राज्य से आर्टिकल 370 हटाने के लिए पर्यटकों से कहा था कि वह घाटी छोड़ दें. इतना ही नहीं फोन और इंटरनेट लाइनों को अवरुद्ध करने जैसे बड़े पैमाने पर सुरक्षा प्रतिबंध लगा दिए थे. जबकि कुछ कर्फ्यू को धीरे-धीरे राहत दी है. कश्मीर घाटी में मोबाइल और इंटरनेट संचार काफी हद तक बंद है, हालांकि लैंडलाइन सेवाएं शुरू कर दी गई हैं.



सरकार ने 'आतंक के खतरे की खुफिया जानकारी' का हवाला देते हुए पर्यटकों को 2 अगस्त को समय से पहले वार्षिक अमरनाथ यात्रा को बंद करने का कदम उठाने के तुरंत बाद घाटी से जाने को कहा था. इस कदम के तीन दिनों के भीतर, संसद ने संविधान के अनुच्छेद 370 को रद्द कर दिया जिससे राज्य को विशेष दर्जा मिला था. इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया.

बड़े पैमाने पर सुरक्षा प्रतिबंध
इससे पहले शासन ने बड़े पैमाने पर सुरक्षा प्रतिबंध भी लगाए थे. किसी भी विवादास्पद कदम को रोकने के लिए राज्य के राजनीतिक नेतृत्व की गिरफ्तारी, फोन और टेलीफोन लाइनों की तड़क और अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती समेत कई बड़े कदम उठाए गए.
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बीते 61 दिनों के भीतर कुछ प्रतिबंधों में ढील दी गई है. वहीं सरकार ने राज्य में ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल चुनावों की घोषणा की जिसके बाद हिरासत में लिए गए नेताओं फारूक अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला से मिलने के लिए नेशनल कांफ्रेंस के प्रतिनिधिमंडल को अनुमति दी गई.

एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि राज्यपाल को सोमवार की बैठक में सूचित किया गया था कि 24 अक्टूबर को होने वाले ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल (बीडीसी) के चुनाव पार्टी आधारित हैं, जिन दलों के प्रतिनिधि जेल में हैं, उन्हें पार्टी अध्यक्षों से मिलने दिया जा रहा है एक बार ताकि वे चुनाव पर निर्णय ले सकें और किसी को उम्मीदवारों को अनुमोदित करने के लिए अधिकृत कर सकें.

5 अगस्त से हर रोज हो रही बैठक
प्रवक्ता ने कहा कि राज्यपाल 5 अगस्त से शाम 6 बजे से 8 बजे तक रोजाना दो घंटे के लिए स्थिति-सह-सुरक्षा समीक्षा बैठकें कर रहे हैं. बैठक में शुरू में संवैधानिक बदलावों के मद्देनजर प्रतिबंध लगाने के बाद सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया.

प्रवक्ता ने कहा कि स्थिति और सुरक्षा समीक्षा बैठकों में अतीत में लिए गए कुछ प्रमुख फैसलों में उच्च माध्यमिक विद्यालयों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को फिर से खोलना, सार्वजनिक परिवहन को फिर से शुरू करना और अतिरिक्त यात्रा काउंटर खोलना शामिल हैं.

राज्यपाल ने सोमवार को सेब की खरीद में प्रगति से भी अवगत कराया था, जो 850 टन और 3.25 करोड़ रुपये के पार हो गया है. उन्होंने कहा कि सेब की दरों में कुछ बदलाव किए जा रहे हैं, जो जल्द ही घोषित किए जाएंगे.

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First published: October 7, 2019, 10:11 PM IST
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