इंटरनेट पर यूजर को मिलना चाहिए उसके निजी डेटा का अधिकार, किसी कंपनी को नहीं: ट्राई

ट्राई ने मोबाइल नेटवर्क में निजी जानकारी की निजता की सुरक्षा और उसपर हक को लेकर कई उपायों की सिफारिश की है.


Updated: July 16, 2018, 8:53 PM IST
इंटरनेट पर यूजर को मिलना चाहिए उसके निजी डेटा का अधिकार, किसी कंपनी को नहीं: ट्राई
प्रतीकात्मक फोटो

Updated: July 16, 2018, 8:53 PM IST
दूरसंचार नियामक ट्राई ने सोमवार को कहा कि दूरसंचार क्षेत्र में में निजी डेटा की सुरक्षा को लेकर वर्तमान नियम काफी नहीं हैं. ट्राई ने सुझाव दिया है कि यूजर्स को को अपनी निजता की रक्षा के लिए चयन के विकल्प, उपयोग की सहमति या असममति देने और संबंधित जानकारी भूला दिए जाने का अधिकार होना चाहिए.

ट्राई ने मोबाइल नेटवर्क में निजी जानकारी की निजता की सुरक्षा और उसपर हक को लेकर कई उपायों की सिफारिश की है. (फेसबुक का जवाब साझा करने से सरकार का इनकार)



भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने कहा कि ग्राहक अपने से जुड़ी जानकारी के मालिक हैं और जो इकाइयां इसका नियंत्रण कर रही हैं, वे केवल उसकी संरक्षक हैं और उनका उस जानकारी पर कोई प्राथमिक अधिकार नहीं है.

ट्राई ने दूरसंचार विभाग को दी सिफारिश में कहा, ‘‘चयन का विकल्प, सहमति, ‘डेटा पोर्टेबिलिटी’ और जानकारी हटाने का अधिकार दूरंसचार ग्राहकों को मिलना चाहिए.’’ नियामक ने कहा कि डिजिटल सेवाओं के उपयोगकर्ताओं को पर्याप्त विकल्प सुनिश्चित करने के लिये सेवा प्रदाताओं द्वारा व्यवस्था बनायी जानी चाहिए.

ट्राई ने सुझाव दिया है कि दूरसंचार परिचालक समेत डिजिटल व्यवस्था में सभी इकाइयों को आंकड़ों में सेंध के बारे में सूचना का खुलासा पारदर्शी तरीके से अपनी वेबसाइट पर करना चाहिए. साथ ही उन्हें इससे निपटने तथा भविष्य में इस प्रकार की चीजें रोकने के लिये कदम उठाने चाहिए.

नियामक ने यह सिफारिश ऐसे समय की है जब खासकर मोबाइल ऐप और सोशल मीडिया मंचों पर उपयोगकर्ताओं से जुड़ी जानकारी के संदर्भ में निजता तथा सुरक्षा की चिंता बढ़ी है. ट्राई ने कहा, ‘‘सरकार को आंकड़ों के मालिकाना हक, संरक्षण और निजता से जुड़ी दूरसंचार उपभोक्ता शिकायतों के समाधान के लिये व्यवस्था बनानी चाहिए.’
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