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CRPF का वो ऑफिसर जिसने अब तक 50 आतंकियों को मार गिराया, 4 साल में मिले 6 मेडल

News18Hindi
Updated: January 30, 2020, 12:47 PM IST
CRPF का वो ऑफिसर जिसने अब तक 50 आतंकियों को मार गिराया, 4 साल में मिले 6 मेडल
इस बार उन्हें छठी बार वीरता के लिए प्रतिष्ठित पुलिस पदक दिया गया

पहली बार नरेश कुमार को वीरता के लिए प्रतिष्ठित पुलिस पदक (Police Medals For Gallantry) 2017 में दिया गया था.

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  • Last Updated: January 30, 2020, 12:47 PM IST
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नई दिल्ली. कश्मीर में तैनात सीआरपीएफ के ऑफिसर नरेश कुमार (Naresh Kumar) की इन दिनों हर जगह चर्चा हो रही है. एक ऐसा ऑफिसर जिसे पिछले सिर्फ चार साल में वीरता के लिए 6 मेडल मिले हैं. नरेश इन दिनों CRPF क्रैक कमांडो यूनिट की क्विक एक्शन टीम (QUAT) के प्रमुख हैं. समाचार एजेंसी एनएनआई से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि अब तक उनकी टीम ने अलग-अलग ऑपरेशन में करीब 50 आतंकियों को मार गिराया है.

4 साल में मिले 6 मेडल
इस बार उन्हें छठी बार वीरता के लिए प्रतिष्ठित पुलिस पदक दिया गया. ये पदक उन्हें साल 2018 के छतरबाल ऑपरेशन के लिए दिया गया. इस ऑपरेशन में नरेश कुमार और उनकी टीम ने लश्कर ए तैयबा के कमांडर शौकत अहमद ताक को मार गिया था. अहमद का नाम टॉप टेन मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों में शामिल था. उस वक्त इस ऑपरेशन की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी तरीफ की थी.

एनकाउंटर स्पेशलिस्ट

पहली बार नरेश कुमार को वीरता के लिए प्रतिष्ठित पुलिस पदक 2017 में दिया गया था. साल 2016 में कश्मीर के नौहट्टा चौक पर पुलिस चौकी पर आतंकियों ने हमला कर दिया था. नरेश कुमार के नेतृत्व में पहुंची सीआरपीएफ के टीम ने कुछ ही मिनटों में आतंकियों का सफाया कर दिया. इसके अलावा दिसंबर में नरेश कुमार की टीम ने अरवानी इलाके में हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर को ढेर कर दिया. लगभग हर बड़े ऑपरेशन के लिए नरेश कुमार को याद किया जाता है.

2016 में मिली थी जिम्मेदारी
नरेश कुमार होशियारपुर (पंजाब) के रहने वाले हैं. उन्होंने पटियाला की पंजाब यूनिवर्सिटी से बीटेक की पढ़ाई की. इसके बाद परीक्षा पास करके वो मार्च 2013 में सीआरपीएफ में शामिल हो गए. छह महीने की ट्रेनिंग के बाद उन्हें पहली पोस्टिंग पर कश्मीर भेज दिया गया. साल 2016 में एनकाउंटर के लिए सीआरपीएफ ने क्विक एक्शन टीम तैयार की जिसकी जिम्मेदारी नरेश कुमार को दी गई.सेना में परिवार
नरेश कुमार की पत्नी शीतल रावत भी सहायक कमांडेंट है. पिता सेना से रिटायर हैं. इसके अलावा उनका मेरा चचेरा भाई भी आर्मी में है. उसे भी सेना का मेडल मिल चुका है. नरेश कुमार का कहना है कि वो पिता की विरासत को आगे बढ़ाना चाहते हैं.

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First published: January 30, 2020, 12:41 PM IST
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