ओडिशा में ट्रांसजेंडरों को मिलेगी मासिक पेंशन, 5000 को होगा लाभ

ओडिशा में ट्रांसजेंडरों को मिलेगी मासिक पेंशन, 5000 को होगा लाभ
ओडिशा में ट्रांसजेंडरों को मिलेगी मासिक पेंशन

Transgenders will Get Pension in Odisha: मुख्यमंत्री नवीन पटनायक (CM Naveen Patnaik) ने बेसहारा बुजुर्गों, दिव्यांग जन और विधवाओं को वित्तीय मदद देने वाली मधु बाबू पेंशन योजना के लाभार्थियों में ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को भी शामिल किए जाने को मंजूरी दे दी है.

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भुवनेश्वर. ओडिशा सरकार (Odisha Government) ने जरूरतमंदों को मासिक पेंशन देने वाली समाज कल्याण योजना में ट्रांसजेंडर समुदाय (Transgenders) के सदस्यों को भी शामिल करने का फैसला किया है. सामाजिक सुरक्षा और दिव्यांग जन सशक्तीकरण (एसएसईपीडी) मंत्री अशोक पांडा ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि करीब 5,000 ट्रांसजेंडर लोगों को उनकी आयु के आधार पर 500 से 900 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी.

मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बेसहारा बुजुर्गों, दिव्यांग जन और विधवाओं को वित्तीय मदद देने वाली मधु बाबू पेंशन योजना के लाभार्थियों में ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को भी शामिल किए जाने को मंजूरी दे दी है. उन्होंने कहा कि यह फैसला 2019 विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ बीजद के चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों के मद्देनजर किया गया है. पांडा ने कहा कि इस योजना के तहत पंजीकरण के लिए ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन करना होगा.

उन्होंने कहा, 'सरकार के इस फैसले से करीब 5,000 ट्रांसजेंडरों को लाभ होगा.' ट्रांसजेंडर लोगों के संघों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. पांडा ने बताया कि ओडिशा सरकार ने कोविड-19 संकट के मद्देजनर इस योजना के मौजूदा 48 लाख लाभार्थियों को एक-एक हजार रुपये की एक बार अतिरिक्त सहायता देने का भी फैसला किया है.



कोविड-19 के चलते ओडिशा में इस साल कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई गई
ओडिशा सरकार ने राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर इस साल श्रावण माह के दौरान भगवान शिव के भक्तों द्वारा की जाने वाली कांवड़ यात्रा पर रोक लगाने की शनिवार को घोषणा की. विशेष राहत आयुक्त पी के जेना ने कहा कि राज्य सरकार ने महामारी के मद्देनजर, छह जुलाई से शुरू हो रहे श्रावण माह के दौरान कांवड़ियों या 'बोल बम' श्रद्धालुओं को नदियों, तालाबों और अन्य जलाशयों से जल एकत्रित करने तथा प्रत्येक सोमवार को विभिन्न शिव मंदिरों में पूजा करने की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है. शिव भक्त हर वर्ष श्रावण माह में कांवड़ यात्रा करते हैं.
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