भारत में संक्रमण की रफ्तार विकसित देशों से कम, अभी सामुदायिक संक्रमण नहीं: सरकार

स्पेशल आइसोलेशन वॉर्ड के बाहर खड़ी हॉस्पिटल की स्टाफ (फोटो- PTI)
स्पेशल आइसोलेशन वॉर्ड के बाहर खड़ी हॉस्पिटल की स्टाफ (फोटो- PTI)

स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि भारत में संक्रमित मरीजों (infected patients) की संख्या 100 से 1000 तक पहुंचने में 12 दिन लगे, जबकि इस संकट से जूझ रहे विकसित देशों (Developed Countries) में इस अवधि में मरीजों की संख्या 3,500 से 8,000 थी.

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नई दिल्ली. स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण की दर विकसित देशों (Developed Countries) की तुलना में कम होने की जानकारी देते हुये कहा है कि भारत में अभी इस वायरस के संक्रमण का दूसरा दौर ही चल रहा है, यह अभी सामुदायिक संक्रमण (Community Transfer) के तीसरे चरण में नहीं पहुंचा है.

स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि भारत में संक्रमित मरीजों (Infected Patients) की संख्या 100 से 1000 तक पहुंचने में 12 दिन लगे, जबकि इस संकट से जूझ रहे विकसित देशों में इस अवधि में मरीजों की संख्या 3,500 से 8,000 थी.

कोरोना के संक्रमण के मामले हुए 1071, मरने वालों की संख्या हुई 29
लव अग्रवाल ने बताया कि देश में अब तक कोरोना के संक्रमण (Infected) के 1071 मामलों में पुष्टि की जा चुकी है और संक्रमण से मरने वालों की संख्या 29 हो गयी है.
अग्रवाल ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान पूरे देश में कोरोना के संक्रमण के 92 नये मामले सामने आये हैं. इस अवधि में चार मरीजों की मौत हुयी है, जबकि अब तक 99 संक्रमित मरीजों को इलाज के बाद स्वस्थ होने पर अस्पताल (Hospital) से छुट्टी दी गयी.



देश में संक्रमणों की संख्या 100 से 1000 पहुंचने में लगे 12 दिन
अग्रवाल ने संक्रमण को रोकने के लिये घोषित लॉकडाउन (Lockdown) के असर के विश्लेषण के आधार पर बताया कि भारत में संक्रमण के बढ़ने की गति विकसित देशों की तुलना में कम है. उन्होंने कहा कि भारत में संक्रमित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी से जुड़े आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि देश में संक्रमण के मामले 100 से 1000 तक पहुंचने में 12 दिन लगे. जबकि विकसित देशों में इस अवधि में संक्रमित मरीजों की संख्या 3,500 से 8,000 तक पहुंच गयी. इससे स्पष्ट है कि भारत में इसके संक्रमण की दर तुलनात्मक रूप से कम है.

जिन देशों में कोरोना का संक्रमण अधिक, वहां 1 व्यक्ति ने 100 लोगों को किया संक्रमित
लव अग्रवाल ने कहा कि इस स्थिति को नियंत्रण में रखने में प्रमुख योगदान, लॉकडाउन के दौरान लोगों की एक दूसरे से सुरक्षित दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग- Social Distancing) बनाये रखना है. अग्रवाल ने हालांकि इस बात पर जोर दिया कि इसका शतप्रतिशत पालन सुनिश्चित किये जाने पर ही स्थिति को नियंत्रित किया जा सकेगा.

अग्रवाल ने कहा कि जिन देशों में कोरोना के संक्रमण का प्रकोप ज्यादा है उनमें एक संक्रमित व्यक्ति ने कम से कम सौ लोगों को संक्रमित किया इसलिये वहां इसके संक्रमण ने महामारी (Pandemic) का रूप धारण किया. उन्होंने कहा कि भारत को इस स्थिति से बचाने के लिये लॉकडाउन का प्रत्येक व्यक्ति को पूरी तरह से पालन करना होगा.

देश में हो चुका है कुल 38,482 संदिग्ध लोगों का टेस्ट
इस दौरान भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के डा रमन आर गंगाखेड़कर ने बताया कि देश में अब तक संक्रमण के 38,482 संदिग्ध मामलों का परीक्षण किया जा चुका है. पिछले 24 घंटों में आईसीएमआर की 115 प्रयोगशालााओं में 3501 और निजी क्षेत्र की 47 प्रयोगशालाओं में 428 परीक्षण किये गये. उन्होंने बताया कि निजी प्रयोगशालाओं को परीक्षण की अनुमति मिलने के बाद इनमें अब तक 1334 परीक्षण किये जा चुके हैं. गंगाखेड़कर ने बताया कि भारत में अभी परीक्षण क्षमता का 30 प्रतिशत ही इस्तेमाल हो रहा है.

गृह मंत्रालय देशव्यापी लॉकडाउन पर रखे हुए है नज़र
संवाददता सम्मेलन में गृह मंत्रालय (Home Ministry) की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि मंत्रालय देशव्यापी लॉकडाउन कि नियमित निगरानी कर रहा है. उन्होंने कहा कि देश के सभी इलाकों में लोगों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सामान्य रूप से हो रही है.

श्रीवास्तव ने कहा कि शहरों से अपने गांव की ओर लौट रहे प्रवासी मजदूर, जो मार्ग में फंसे हैं, उन्हें भोजन और आश्रय की सुविधा देने के लिये सभी जिलाधिकारियों (DMs) को निर्देश दिये गये हैं. साथ ही जो मजदूर अपने काम की जगह पर मौजूद हैं, उनका वेतन या पारिश्रमिक समय पर देने और मकान मालिकों द्वारा किराया न वसूलने हेतु भी आवश्यक निर्देश जारी कर दिये गये हैं.

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