ऐतिहासिक फैसला: केरल में पहली बार मंदिर में तैनात होगा अनुसूचित जनजाति का पुजारी

फाइल फोटो CNBCTV/18
फाइल फोटो CNBCTV/18

इस बार त्रावणकोर देवस्वाम बोर्ड (Travancore Devaswam Board) में अंशकालिक पुजारियों के रूप में अनुसूचित जाति के 18 और अनुसूचित जनजाति समुदायों के एक व्यक्ति की नियुक्ति के लिए सिफारिश की जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 7, 2020, 8:46 AM IST
  • Share this:
तिरुवनंतपुरम. त्रावणकोर देवास्वम बोर्ड (Travancore Devaswom Board)में अनुसूचित जनजाति का पुजारी नियुक्त किया गया है. केरल में ऐसा पहली बार हुआ है. एलडीएफ सरकार के आने के बाद पिछड़े समुदायों से 133 और अनुसूचित जनजाति के 19 पुजारियों की नियुक्ति की गई है. त्रावणकोर देवस्वाम बोर्ड में अंशकालिक पुजारियों के रूप में नियुक्ति के लिए अनुसूचित जाति के 18 और अनुसूचित जनजाति के 1 पुजारियों की सिफारिश की जाएगी.

केरला देवास्वम मंत्री कडकम्पल्ली सुरेंद्रन ने इस संबंध में एक फेसबुक पोस्ट की. इसमें उन्होंने कहा कि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए विशेष अधिसूचना के अनुसार तैयार रैंक लिस्ट 5 नवंबर को खाली जगहों भरने के लिए प्रकाशित की गई थी. अनुसूचित जनजातियों के लिए 4 रिक्तियां थीं लेकिन केवल एक ही एप्लीकेशन आया.

310 लोगों को अंशकालिक पुजारियों के पद के लिए चुना गया
साल 2017 को प्रकाशित रैंक सूची के अनुसार त्रावणकोर देवास्वम बोर्ड में अब तक 310 लोगों को अंशकालिक पुजारियों के पद के लिए चुना गया है. चूंकि उस समय एससी / एसटी वर्ग के पर्याप्त उम्मीदवार नहीं थे, इसलिए एससी / एसटी वर्ग के लिए विशेष अधिसूचना के अनुसार तैयार रैंक सूची गुरुवार को प्रकाशित की गई थी.



राज्य में LDF सरकार के आने के बाद, भर्ती बोर्ड को पुनर्गठित किया गया है और 815 उम्मीदवारों का चयन त्रावणकोर, कोचीन और मालाबार देवस्वाम बोर्डों में विभिन्न पदों के लिए किया गया.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज