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न्यूज़ चैनल और अखबारों की वेबसाइट से अलग हैं दूसरे डिजिटल प्रकाशक: केंद्र सरकार

प्रकाश जावड़ेकर (फ़ाइल फोटो)

प्रकाश जावड़ेकर (फ़ाइल फोटो)

Guidelines For OTT Platforms : सरकार ने 25 फरवरी को ओटीटी मंचों एवं डिजिटल समाचार मीडिया के लिए नए नियमों एवं दिशानिर्देशों को अधिसूचित किया था

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2021, 8:42 AM IST
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नई दिल्ली. ओवर द टॉप (OTT) प्लैटफॉर्म और डिजिटल न्यूज़ मीडिया के लिए नई गाइडलाइन जारी करने के बाद केंद्र सरकार ने कहा है कि इससे पारंपरिक मीडिया और डिजिटल मीडिया को एक साथ एक मंच पर लाने में मदद मिलेगी. केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को आईटी नियम, 2021 को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (डीएनपीए) के साथ चर्चा की.

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि डिजिटल न्यूज़ चलाने वालों को सरकार के साथ कुछ जानकारियां साझा करनी होगी. इसके लिए जल्द ही एक फॉर्म जारी किया जाएगा. बता दें कि सरकार ने इसको लेकर 25 फरवरी को नए नियम की घोषणा की थी. उन्होंने कहा कि प्रिंट मीडिया और टीवी चैनलों के डिजिटल संस्करण अलग होते हैं जिनका कंटेंट काफी हद तक उनके पारंपरिक प्लेटफॉर्म जैसा ही होता है. हालांकि उनके पास ऐसे कंटेट भी होते हैं जो विशेष रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए होता है. इसलिए इन सबको एक मंच पर लाने की कोशिश की जारी है.

इस बैठक में इंडिया टुडे, दैनिक भास्कर, हिंदुस्तान टाइम्स, इंडियन एक्सप्रेस, टाइम्स ऑफ इंडिया, एबीपी, ईनाडु, दैनिक जागरण और लोकमत जैसे सभी बड़े मीडिया संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे. इन सबने सरकार के नए नियमों का स्वागत किया. नए नियमों का स्वागत करते हुए प्रतिभागियों ने कहा कि टीवी और समाचार प्रिंट मीडिया लंबे समय से केबल टीवी नेटवर्क और प्रेस परिषद अधिनियम के नियमों का पालन करते रहे हैं.
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सरकार ने 25 फरवरी को ओटीटी मंचों एवं डिजिटल समाचार मीडिया के लिए नए नियमों एवं दिशानिर्देशों को अधिसूचित किया था, जिसके तहत उन्हें अपना ब्यौरा सार्वजनिक करना होगा और शिकायत निवारण व्यवस्था बनानी होगी. बता दें कि नए नियम के मुताबिक अब सोशल मीडिया को 72 घंटों के अंदर अपनी जानकारी को जांच अधिकारियों से साझा करना होगा. इसका असर यह होगा कि अभी तक जो प्लेटफॉर्म जानकारी साझा करने को लेकर अपने फैसले ले रहे थे अब वे नए नियमों के दायरे में आ जाएंगे और उन्हें जानकारी साझा करनी ही होगी. यह एक बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है
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