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विधानसभा उपचुनाव में ममता का दिखा दम, बीजेपी के लिए आसान नहीं होगी 2021 में पश्चिम बंगाल विजय

News18Hindi
Updated: November 28, 2019, 4:56 PM IST
विधानसभा उपचुनाव में ममता का दिखा दम, बीजेपी के लिए आसान नहीं होगी 2021 में पश्चिम बंगाल विजय
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने तीन विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में टीएमसी की जीत का श्रेय राज्‍य के लोगों को दिया.

पश्चिम बंगाल (West Bengal) उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने तीनों सीटों पर जीत हासिल कर साबित कर दिया है कि अभी उन्‍हें घर में चुनौती देना आसान नहीं है. कालीगंज और खड़गपुर सदर में टीएमसी की जीत ने बीजेपी (BJP) के माथे पर चिंता की लकीरें डाल दी हैं. दरअसल, बीजेपी ने इन दोनों विधानसभा सीटों से जुड़े रायगंज और मेदिनीपुर संसदीय क्षेत्र में लोकसभा चुनाव 2019 में जीत दर्ज की थी.

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  • Last Updated: November 28, 2019, 4:56 PM IST
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सुजीत नाथ

कोलकाता. लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी के हाथों पश्चिम बंगाल (West Bengal) के कई संसदीय क्षेत्रों में करारी शिकस्‍त झेलने वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने तीन विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव (Bypolls) में शानदार वापसी की है. टीएमसी ने कालीगंज, खड़गपुर सदर और करीमपुर विधानसभा क्षेत्र में शानदार जीत दर्ज की है. इनमें कालीगंज और खड़गपुर सदर में बीजेपी (BJP) की अच्‍छी पकड़ थी. बीजेपी ने लोकसभा चुनाव 2019 में इन विधानसभाओं वाली संसदीय सीटों रायगंज और मेदिनीपुर में जीत हासिल की थी. कालीगंज में टीएमसी ने पहली बार जीत दर्ज की है. ऐसे में इन दोनों क्षेत्रों में टीएमसी प्रत्‍याशियों की जीत ने बीजेपी नेताओं के माथे पर चिंता की लकीरें डाल दी हैं. मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने उपचुनाव में अपना दम दिखा दिया है. इससे साफ है कि बीजेपी के लिए विधानसभा चुनाव 2021 में बंगाल का रण जीतना आसान नहीं होगा.

'कांग्रेस और माकपा कर रहीं बीजेपी की मदद'
ममता बनर्जी ने तीनों सीटों पर मिली जीत का श्रेय पश्चिम बंगाल की जनता को देते हुए कहा कि लोगों ने बीजेपी को सत्‍ता के अहंकार का जवाब दे दिया है. बीजेपी ने बंगाल के लोगों का अपमान किया और लोगों ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया है. कांग्रेस और माकपा खुद को मजबूत करने के बजाय पश्चिम बंगाल में बीजेपी की मदद कर रही हैं. कालीगंज विधानसभा सीट पर टीएमसी के तपन देव सिन्‍हा (Tapan Deb Sinha) ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के कमल चंद्र सरकार (Kamal Chandra Sarkar) को 2,304 वोटों से हरा दिया. पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रमथनाथ रॉय (Paramathanath Roy) इस सीट से चुने गए थे. इस बार मैदान में उतरीं उनकी बेटी धृतश्री तीसरे नंबर पर रहीं.

'टीएमसी को मिला एकजुट अल्‍पसंख्‍यक वोट'
कमल चंद्र सरकार ने कहा कि लोगों ने नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटिजंस (NRC) से पैदा हुए डर के कारण बीजेपी के खिलाफ मतदान किया. मैं यह नहीं जानता कि राजवंशी समुदाय ने किसे वोट किया, लेकिन, यह साफ है कि अल्‍पसंख्‍यक समुदाय ने टीएमसी को एकजुट वोट दिया. मेरी हार का सबसे बड़ा कारण एनआरसी ही है. हम लोगों को यह समझाने में नाकाम रहे कि असम में लागू की गई और देश के अन्‍य राज्‍यों के लिए प्रस्‍तावित एनआरसी अलग हैं. हम यह भी नहीं समझा पाए कि एनआरसी का बीजेपी से कोई लेनादेना नहीं है. इसे केंद्र सरकार लागू करती है. लोगों को लगा कि बीजेपी एनआरसी लागू कर रही है.

बीजेपी प्रदेश अध्‍यक्ष की सीट पर भी हारी टीएमसी के प्रदीप सरकार ने बीजेपी से खड़गपुर सदर सीट छीन ली. उन्‍होंने बीजेपी के प्रेम चंद्र झा को 20,788 मतों से परास्‍त किया. इस सीट पर मिली हार से बीजेपी को तगड़ा झटका लगा है. क्‍योंकि पार्टी के प्रदेश अध्‍यक्ष दिलीप घोष मेदिनीपुर लोकसभा सीट से संसद जाने के पहले यहीं से विधायक थे. करीमपुर में टीएमसी प्रत्‍याशी बिमलेंदु सिन्‍हा रॉय ने बीजेपी के जयप्रकाश मजूमदार को हराया. पिछले चुनाव में टीएमसी की महुआ मित्रा इस सीट से विधायक चुनी गई थीं. उनके कृष्‍णानगर सीट से सांसद चुने जाने के बाद यह सीट खाली हुई थी. टीएमसी ने कहा कि यह सीट हमारे लिए चुनौती नहीं थी.

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First published: November 28, 2019, 4:21 PM IST
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